बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में मतभेद की खबरों पर केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने आज मुख्यमंत्री के रूप में मांझी के कामकाज की तारीफ की और कहा कि उन्हें पद से हटाना मुश्किल होगा.
रूड़ी से जब कुमार और मांझी के बीच मतभेद की खबरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पटना हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मांझी को हटाना आसान नहीं होगा.’’ रूड़ी के बयान इन अटकलों के बीच आये हैं कि नीतीश ने नयी दिल्ली की अपनी हालिया यात्रा में लालू प्रसाद और शरद यादव जैसे नेताओं से बातचीत में मांझी को हटाने पर जोर दिया था.
मुख्यमंत्री के रूप में मांझी के कामकाज की तारीफ करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उनके हिसाब से मांझी एक मंझे हुए नेता हैं जो राजनीति की बारीकियों को समझते हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने कुछ महीने पहले बाढ़ और कांटी में एनटीपीसी की तापीय विद्युत परियोजनाओं की शुरूआत के दौरान मांझी का भाषण सुना था और इसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि वह अनुभवी नेता हैं.’’
रूड़ी ने कहा कि चूंकि मांझी ने अपनी एक जगह बना ली है, इसलिए नीतीश और लालू उनसे नाखुश हैं. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि दोनों नेता इस बात को नहीं पचा पा रहे कि उनके समांतर किसी और नेता का कद बढ़ गया है. क्या मांझी को पद से हटाये जाने की स्थिति में उन्हें राज्य में नये सिरे से चुनाव कराने की सिफारिश के साथ राजभवन को इस्तीफा सौंप देना चाहिए, इस सवाल पर अपनी राय रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह की स्थिति नहीं आएगी क्योंकि जदयू और राजद के नेताओं के लिए उन्हें हटाना मुश्किल होगा.
रूड़ी के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कल पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी मांझी को हटाये जाने के किसी कदम के खिलाफ उन्हें समर्थन जताया था और कहा कि भाजपा उन्हें इस तरह की स्थिति से निकालने पर विचार करेगी.

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