जल का सदुपयोग एवं संधारण का संदेश चहूंओर प्रसारित हो-कलेक्टर श्री ओझा
भू-गर्भीय जल का सदुपयोग और संधारण की अवधारणा से जन-जन को अवगत कराने के उद्धेश्य से जिले की योजना तैयार की गई है जिसके तहत ‘‘हमार जल, हमारा जीवन’’ से भलीभांति परिचित कराए जाने के उद्धेश्य से हर स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम जिलो में आयोजित किए जाएंगे। हमारा जल, हमारा जीवन पर एक दिवसीय कार्यशाला एसएटीआई के पालिटेक्निक सभागार कक्ष में शुक्रवार को आयोजित की गई थी। जिसे सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री एमबी ओझा ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को विरासत मेें हम प्रचुर जल संरचनाओं दें इसके लिए हमें जल का सदुपयोग और संरचनाओं के निर्माण हेतु जनजागृति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता का विकास जल के साथ जुडा हुआ है। अनादिकाल से नदियों के किनारे मानव जीवन के साक्ष्य प्राप्त हुए है। वर्तमान युग में जल का जिस मात्रा में दोहन किया जा रहा है उस अनुपात में संचय की प्रवृति का क्रियान्वयन नही किया जा रहा है। उन्होंने जिले में अधिक से अधिक जल संचय की संरचनाओं का निर्माण कराए जाने की बात कही। राष्ट्रीय जल संसाधन के भोपाल से आए वैज्ञानिक श्री टी थामस ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले की कार्ययोजना तैयार की जा रही है जो मुख्य रूप हमारा जल, हमारा जीवन कैसे सुलभ हो पर केन्द्रित होगी। प्रत्येक जिले की कार्ययोजना में उन बिन्दुओं को भी शामिल किया जाएगा जिसमें घर, खेतीबाडी, कृषि, प्राचीन जल स्त्रोतो, नवीन स्त्रोतो का निर्माण के अलावा अन्य संसाधन इत्यादि शामिल है। एसएटीआई के प्रोफेसर श्री आरके पंजाबी ने इस अवसर पर जल की महत्वता को रेखांकित करते हुए उसके सदुपयोग पर जोर दिया। उन्होंने पानी का दुरूपयोग को कैसा रोक जाए को उदाहरणों सहित प्रस्तुत किया। संस्थान की प्रोफेसर श्रीमती रश्मि जैन ने कहा कि प्रकृति ने जो उपहार जल के रूप में दिया है उसके प्रति हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम उसका सम्मान करें और उसकी बढोतरी के प्रयास करें।सीईओ जिला पंचायत श्री सीएम मिश्रा ने कहा कि पानी का प्रबंधन, रखरखाव चिंतनीय है दैनिक जीवन के इसके महत्व को समझना चाहिए। कार्यशाला का संदेश जन-जन तक पहुंचे के सफल प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एमके मुदगल, स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि श्री रवि चैधरी ने भी सम्बोधित किया। इससे पहले जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री ने कार्यशाला के आयोजन उद्धेश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने विभागीय संरचनाओं के माध्यम से जल संचय हेतु किए गए कार्यो की जानकारी दी।
- हमारा जल, हमारा जीवन कार्यशाला सम्पन्न
भू-गर्भीय जल का सदुपयोग और संधारण की अवधारणा से जन-जन को अवगत कराने के उद्धेश्य से जिले की योजना तैयार की गई है जिसके तहत ‘‘हमार जल, हमारा जीवन’’ से भलीभांति परिचित कराए जाने के उद्धेश्य से हर स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम जिलो में आयोजित किए जाएंगे। हमारा जल, हमारा जीवन पर एक दिवसीय कार्यशाला एसएटीआई के पालिटेक्निक सभागार कक्ष में शुक्रवार को आयोजित की गई थी। जिसे सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री एमबी ओझा ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को विरासत मेें हम प्रचुर जल संरचनाओं दें इसके लिए हमें जल का सदुपयोग और संरचनाओं के निर्माण हेतु जनजागृति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता का विकास जल के साथ जुडा हुआ है। अनादिकाल से नदियों के किनारे मानव जीवन के साक्ष्य प्राप्त हुए है। वर्तमान युग में जल का जिस मात्रा में दोहन किया जा रहा है उस अनुपात में संचय की प्रवृति का क्रियान्वयन नही किया जा रहा है। उन्होंने जिले में अधिक से अधिक जल संचय की संरचनाओं का निर्माण कराए जाने की बात कही। राष्ट्रीय जल संसाधन के भोपाल से आए वैज्ञानिक श्री टी थामस ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले की कार्ययोजना तैयार की जा रही है जो मुख्य रूप हमारा जल, हमारा जीवन कैसे सुलभ हो पर केन्द्रित होगी। प्रत्येक जिले की कार्ययोजना में उन बिन्दुओं को भी शामिल किया जाएगा जिसमें घर, खेतीबाडी, कृषि, प्राचीन जल स्त्रोतो, नवीन स्त्रोतो का निर्माण के अलावा अन्य संसाधन इत्यादि शामिल है। एसएटीआई के प्रोफेसर श्री आरके पंजाबी ने इस अवसर पर जल की महत्वता को रेखांकित करते हुए उसके सदुपयोग पर जोर दिया। उन्होंने पानी का दुरूपयोग को कैसा रोक जाए को उदाहरणों सहित प्रस्तुत किया। संस्थान की प्रोफेसर श्रीमती रश्मि जैन ने कहा कि प्रकृति ने जो उपहार जल के रूप में दिया है उसके प्रति हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम उसका सम्मान करें और उसकी बढोतरी के प्रयास करें।सीईओ जिला पंचायत श्री सीएम मिश्रा ने कहा कि पानी का प्रबंधन, रखरखाव चिंतनीय है दैनिक जीवन के इसके महत्व को समझना चाहिए। कार्यशाला का संदेश जन-जन तक पहुंचे के सफल प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एमके मुदगल, स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि श्री रवि चैधरी ने भी सम्बोधित किया। इससे पहले जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री ने कार्यशाला के आयोजन उद्धेश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने विभागीय संरचनाओं के माध्यम से जल संचय हेतु किए गए कार्यो की जानकारी दी।
साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाएं नपा अमला-कलेक्टर श्री ओझा
कलेक्टर एवं विदिशा नगरपालिका परिषद के प्रभारी अधिकारी श्री एमबी ओझा ने शुक्रवार को निकाय अमले की बैठक आहूत कर उन्हें स्पष्ट शब्दों में सचेत करते हुए कहा कि अमले के द्वारा किए जा रहे साफ सफाई के कार्य स्पष्ट परलिक्षित हो। उन्होंने उपस्थिति सुनिश्चित कराने की भी हिदायत दी। कलेक्टर श्री ओझा ने कहा कि धूल साफ करने वाली मशीन का उपयोग रोज किया जाए। उन्होंने ईदगाह चैराहे से पीतल मील चैराहा और चरण तीर्थ मार्ग पर उक्त मशीन से साफ सफाई का कार्य किया जाए। निकाय के भण्डार प्रभारी से उन्होंने कहा कि निकाय के पास कुल कितने वाहन, मशीने है और उनमें से कितने बिगडे है की सूची तैयार कर अपर कलेक्टर को उपलब्ध कराई जाए। विदिशा नगर में साफ-सफाई के लिए और क्या-क्या प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकते है के संबंध में स्वंयसेवी संस्थाओं के उपस्थित प्रतिनिधियों से भी विचार विमर्श किया गया जिसमें मुख्यतः नालो की साफ-सफाई, कचरा उठाने और परिवहन के अलावा सड़को की साफ सफाई इत्यादि बिन्दु शामिल है। कलेक्टर श्री ओझा ने कहा कि नगर में मुख्य मार्ग के किनारे जहां कही बिना अनुमति के रेत, गिट्टी अथवा अन्य निर्माण सामग्री संधारित पाई जाएगी तो संबंधित स्वामित्व के खिलाफ कठोर कार्यवाही के साथ-साथ सामग्री जप्त करने की कार्यवाही की जाएगी। जिला खनिज अधिकारी को उन्होंने निर्देश दिए कि हर रोज शहर के प्रमुख मार्गाे का निरीक्षण करें और कही पूर्व उल्लेखित सामग्री पाई जाती है तो जप्त करने की कार्यवाही की जाए। कलेक्टर चेम्बर में सम्पन्न हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत सीईओ श्री चन्द्रमोहन मिश्रा भी मौजूद थे।
ई-उपार्जन प्रक्रिया से प्रशिक्षित हुए डाटा एन्ट्री आपरेटर
रबी सीजन में कृषकों की फसल गेेहूं का समर्थन मूल्य पर समितियों के माध्यम से क्रय किया जाएगा इसके लिए कृषकों का पंजीयन किया जा रहा है। पंजीयन की अंतिम तारीख 15 फरवरी है। समिति केन्द्रों पर ई-उपार्जन प्रक्रिया को सम्पादित कराने वाले आपरेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को विदिशा के अर्श पैलेस में आयोजित किया गया था। जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एमके श्रीवास्तव ने आपरेटरों से कहा कि ई-उपार्जन परियोजना अंतर्गत विपणन वर्ष 2015-16 में किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन करने के लिए विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी किसान पंजीयन डाटा एवं नवीन पंजीयन में किसान की समग्र सदस्य आईडी की प्रविष्टि की जानी है जिसमें किसानो का सत्यापित रकबा भी अंकित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य उपार्जन कार्य के लिए 125 केन्द्र संचालित किए जाएंगे। ऐसे किसान जिनके द्वारा पूर्व वर्ष पंजीयन कराया गया है वे अपने दस्तावेजों के आधार पर पूर्व पंजीयन को अपडेट करा सकते है। एनआईसी के डीआईओ श्री एमएल अहिरवार ने ई-उपार्जन साफ्टवेयर के अंतर्गत पंजीकृत किसानों के डाटा में समग्र आईडी नम्बर दाखिल करने की प्रक्रिया की बिन्दुवार जानकारी दी वही एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से संबंधितों को प्रशिक्षित भी किया गया।
एसबीआई ने वृद्धाश्रम में दान की उपयोगी सामग्री
विदिषा-16 जनवरी 2015/स्थानीय श्रीहरि वृद्धाश्रम में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा वृद्धजनों के लिए सुजाता कम्पनी की मिक्सी, 10 पंखे, 25 फायवर कुर्सियां तथा एक टेबिल भेंट की गई। इस अवसर पर बुजुर्गों हेतु रजाई-खोली भेंट करने के साथ उन्हें फल, बिस्कुट भी प्रदान किए गए। बैंकर्स क्लब महिला मण्डल ने इस अवसर पर उपस्थित होकर वृद्धजनों के शुभाषीर्वाद ग्रहण किए। इस अवसर पर भोपाल से पधारीं महिला मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती सुभाश्री घोष, उपाध्यक्ष श्रीमती पण्डा, श्रीमती काजमी, श्रीमती सहाय, सचिव श्रीमती वर्मा सहित विदिषा की सभी शाखाओं के शाखा प्रबंधकों ने वृद्धजनों की सेवा को समर्पित श्रीहरि वृद्धाश्रम में स्थायी रूप से सेवा करने का संकल्प लिया। वृद्धाश्रम संचालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती इन्दिरा शर्मा ने भारतीय स्टेट बैंक की प्रमुख शाखा विदिषा, कृषि विकास शाखा, एसएटीआई शाखा, कलेक्ट्रेट शाखा के प्रबंधकों की सेवा धर्मिता का आभार मानते हुए बैंक के भोपाल मण्डल की महिला मण्डल को आश्रम की संचालन व्यवस्था से अवगत कराया। इस अवसर पर संस्था सचिव कृष्णबल्देव भट्ट, सदस्य वेदप्रकाष शर्मा ने एसबीआई महिला मण्डल को स्मृति चिह्न भेंट किए। भोपाल एसबीआई की अनेक शाखाओं की महिला अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।

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