संसदीय सचिव बिष्ट ने लिए अवैध शराब निर्माण रोकने के निर्देश
देहरादून,15 जनवरी (निस)। प्रदेश के आबकारी एवं पर्वतीय गांवों मंे चकबन्दी, सभा सचिव (मंत्री स्तर) उत्तराखण्ड सरकार मदन सिंह विष्ट ने अवगत कराया कि पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के जनपद लखनऊ एवं उन्नाव में अवैध मिलावटी शराब के पीने से लगभग सैकड़ों व्यक्तियों की मौत हो गयी है एवं लगभग 100 से अधिक लोगों का उपचार किये जाने की सूचना है। उन्होने कहा इस घटना को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखण्ड राज्य में अवैध शराब की बिक्री की रोकथाम हेतु अवैध शराब के अड्डों एवं तस्करी से प्राप्त मदिरा पर रोक लगाने के लिए व्यापक स्तर पर अवैध मद्यनिष्कर्णण के अड्डों को समूल नष्ट किये जाने की कार्यवाही व नदियों एवं झीलों के किनारों, कछारों, जंगलों एवं अन्य शिकायती स्थलों पर प्रभावी छापे डालने हेतु आबकारी विभाग के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये गये है। तथा उनसे यह भी अपेक्षा की गयी है कि राज्य की समस्त चैक पोस्टों पर विशेष सतर्कता के साथ सघन चैंकिग की कार्यवाही के साथ-साथ मिथाईल अल्कोहल के दुरूपयोग पर रोक के लिए समस्त अनुज्ञापनों पर लाई जा रही मिथाईल अल्कोहल के आयात एवं उपभोग के स्टाॅंक का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएं इसके अतिरिक्त यह भी निर्देश दिए गए हैं, कि यदि प्रदेश में उक्त प्रकार की कोई घटना प्रकाश में आती है तो इसके लिए किसी भी दशा में जिम्मदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के साथ-साथ विधिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जायेगी।
पशु मेले में के दौरान मिली गौवंश तस्करी की शिकायतः मंत्री
- मंत्री ने दिये जांच के आदेश
देहरादून,15 जनवरी (निस)। प्रदेश के आवास एवं शहरी विकास, राजीव गांधी शहरी आवास योजना, पशुपालन, मत्स्य पालन, चारा एवं चारागाह विकास, नागरिक सुरक्षा, होमगार्ड एवं कारागार मंत्री उत्तराखण्ड सरकार प्रीतम सिंह पंवार ने विधानसभा के कार्यालय कक्ष में पशु मेला के सम्बन्ध में गौ सेवा आयोग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने ने बताया कि 15 नवम्बर 2014 से 26 दिसम्बर 2014 को अल्मोड़ा जनपद के मार्चुला में पशु मेला आयोजित किया गया पशु मेले में लगभग 5700 गोवंशीय पशुओं की खरीद फरोख की गयी। गौ वंश मेले के बाद मेले में बेचे गये गौ वंश की तस्करी की शिकायतें मिली। शिकायतें श्रीमती गोरी मौलखी सदस्य सचिव पीपुल्स फार एनीमल संस्था ने आरोप लगाया है कि उक्त पशु मेले से लगभग शतप्रतिशत पशु उधमसिंह नगर से लाये हैं। जब कि प्रत्येक पशु खरीदार द्वारा जिला पंचायत अल्मोड़ा को यह लिखित अनुबन्ध दिया गया कि पशु मेले से खरीदे गये पशुओं को कृषि कार्य हेतु ही उपयोग किया जायेगा तथा 6 महीने तक बेचा नहीं जायेगा। शिकायतों के बाद कार्यवाही किये जाने के लिए मंत्री ने आज गौ सेवा आयोग के अधिकारियों से मामले की जानकारी बैठक में मांगी अधिकारियों ने बताया कि पशुपालन को बढ़ावा देने व पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विभाग व आयोग मेले का आयोजन करते है। किन्तु कुछ लोगों द्वारा मेले में खरीद के बाद नियम विरूद्ध ये लोग पशुओं की तस्करी करते है। बीते वर्ष 15 नवम्बर 2014 से 26 दिसम्बर 2014 तक जिला पंचायेत के माध्यम से 5700 गौ वंशीय पशुओं को बेचा गया था। जिसके बाद जिला प्रशासन को इन पशुओं की तस्करी सम्बन्धी शिकायतें मिलने लगी। मेले मे सर्वार्धिक पशु लगभग 95 प्रतिशत पशु ऊधमसिंह नगर जिले में बेचे गये। मेले में बेचे गये व टैग किये गये पशुओं के कान क्षेत्र में कटे पाये गये जिस पर पशुओं की तस्करी की सम्भावना सुदृढ़ हो गयी है। बैठक में मंत्री व उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग अध्यक्ष प्रीतम सिंह पंवार ने उक्त मामले में जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को एक माह के भीतर मामले की सत्यता की जांच कर अपराधियों के विरुद्व मुकदमेे दर्ज कर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिय। इसी क्रम में श्रीमती गौरी मोलाखी द्वारा उपलब्ध कराये गये 7 गोवंशीय पशुओं के कान एवं टैग की जाॅंच कर तत्काल अपराधियों के विरुद्व मुकदमा दर्ज किये जाने हेतु अपर सचिव गृह अजय रोतेला को आदेशित मंत्री जी द्वारा किया गया है। बैठक में एस.पी. मुख्यालय निवेदिता कुकरेती ने अवगत कराया कि साल भर में तस्करों के 37 मुकदमें कायम होने की जानकारी दी तथा 186 पशु बरामद हुए और 53 के विरूद्ध चालान किया गया। बैठक में प्रभारी सचिव गौ सेवा आयोग दम्यन्ती दोहरे, अपर सचिव गृह अजय रौतेला, निदेशक पशुपालन डा. कमल मल्होत्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा डाॅ. बी.एस. जंगपांगी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी उधमसिंह नगर डा. रविन्द्र चन्द्रा, अण्डर सेक्रेटरी पशुपालन आलोक कुमार, प्रभारी अधिकारी उत्तराखण्ड पशुकल्याण बोर्ड डाॅ. आशुतोष जोशी, एसपी मुख्याल देहरादून निवेदिता कुकरेती एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
मुनस्यारी के बाक्सर दुर्योधन नेगी ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान
- हवलदार नेगी ने जीती नेशनल बाक्सिंग चैम्पियनशिप
- नागपुर में मिला गोल्ड मैडल, मुनस्यारी में खुशी की लहर
देहरादून,15 जनवरी (निस)। मुनस्यारी के गोरीपार क्षेत्र के धुरातोली निवासी चार कुमाऊं रेजीमेंट के हवलदार दुर्योधन सिंह नेगी ने नागपुर में चल रहे राष्ट्रीय बाक्सिंग चैम्पियनशिप में 64 किलो लाइट वैंटर में गोल्ड मैडल हांसिल कर भारत में उत्तराखंड का नाम रोशन किया। 14 जनवरी को बुधवार के दिन नागपुर में नेगी को गोल्ड मैडल मिलने की खबर आज मुनस्यारी में मिलते ही चारों तरफ खुशी का माहौल बना हुआ है। धारचूला-मुनस्यारी नागरिक समिति ने नेगी के इस मैडल को प्राप्त करने के बाद मुनस्यारी आने पर भव्य स्वागत करने का ऐलान किया। लम्बे अरसे के बाद उत्तराखंड के बाक्सर को गोल्ड मैडल प्राप्त हुआ है। मुनस्यारी के धुरातोली निवासी गोरीपार क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रतन सिंह नेगी के पुत्र हवलदार दुर्याेधन सिंह नेगी को 8 जनवरी से 14 जनवरी तक नागपुर में चल रहे नेशनल बाक्सिंग चैम्पियनशिप में 64 किलो लाइट वैंटर में गोल्ड मैडल मिला है। नागपुर में चले चैम्पियनशिप में हवलदार नेगी ने हिमांचल, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र को पराजित कर 14 जनवरी को मणिपुर के साथ फाइनल खेलते हुए गोल्ड मैडल झटका। वर्ष 2004 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती होने के बाद हवलदार नेगी 6 वर्षों से बाक्सिंग में अपना हुनर दिखा रहे थे। इनके बाक्सिंग की कुशलता को देखते हुए भारतीय सेना ने हवलदार नेगी को आर्मी स्पोर्टस इंस्टिट्यूट पूना मंे तैनात कर कुशल कोचों को निर्देशन में रखा हैं। हवलदार नेगी ने 14 दिसम्बर 2014 को मुम्बई में आयोजित थल, जल और वायुसेना के संयुक्त सर्विसेज नेशनल में 64 किलो लाइट वैंटर में गोल्ड मैडल हांसिल किया। इसके बाद हवलदार नेगी का चयन सर्विसेज टीम से नेशनल बाक्सिंग चैम्पियनशिप के लिए हुआ। आर्मी स्पोर्टस इंस्टिट्यूट के मुख्य कोच सूबेदार नरेंद्र सिंह राणा, सहायक कोच सूबेदार दलीप कुमार कोहली, मुकेश बेलवाल ने हवलदार नेगी को इस चैम्पियनशिप के लिए प्रशिक्षित किया। हवलदार नेगी ने राजकीय इंटर कालेज मुनस्यारी से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। गोरीपार क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और हवलदार नेगी के पिता रतन सिंह नेगी ने कहा कि उसके पुत्र ने मुनस्यारी के साथ साथ उत्तराखंड का सम्मान पूरे देश में आगे बढाया है। नागरिक समिति के अध्यक्ष जगत सिंह मर्तोलिया ने हवलदार नेगी द्वारा गोल्ड मैडल प्राप्त करने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उत्तराखंड के सामान्य परिवार में पैदा होने के बाद अपने कठिन परिश्रम से भारत का बाक्सिंग में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त कर नयी पीढ़ी को एक नयी दिशा दी गयी है। उन्होने कहा कि मुनस्यारी आगमन पर गोल्ड मैडल प्राप्त हवलदार नेगी का नागरिक अभिनन्दन किया जायेगा। उन्होने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक हरीश रावत को पत्र लिखकर हवलदार नेगी को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित करने की मांग भी की है। मुनस्यारी मंे इस खबर के आते ही चारों तरफ खुशी का माहौल है। खासकर युवाओं में इसको लेकर खासा उत्साह देखा गया है।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बेस्ट फोटोग्राफर चुने गए मोहित
- गुवाहाटी में आयोजित यूथ फेस्टिवल में लिया हिस्सा
- एनवाईकेएस की पत्रिका में भी छपी मोहित की फोटो
देहरादून,15 जनवरी (निस)। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार और खेल एवं युवा कल्याण विभाग असम सरकार की ओर से गुवाहाटी (असम) में आयोजित 19वें यूथ फेस्टिवल में रुद्रप्रयाग जिले के युवा फोटोग्राफर मोहित डिमरी ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। फोटोग्राफी में बेस्ट आॅफ थ्री प्रतियोगिता में उनका चयन होने पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। यूथ फेस्टिवल में पूरे देशभर के अलग-अलग राज्यों से 21 फोटोग्राफर पहुंचे हुए थे। मोहित को पुरस्कार मिलने पर विभिन्न संगठनों ने इसे युवाओं के प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्हें बधाई दी है। दरअसल, नेहरू युवा केन्द्र संगठन की ओर से प्रत्येक वर्ष नेशनल यूथ फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। इस बार गुवाहाटी में यह फेस्टिवल आयोजित हुआ। जिसमें देश भर के अलग-अलग राज्यों से युवाओं ने प्रतिभाग किया। फोटोग्राफी में उत्तराखंड से मोहित डिमरी का चयन हुआ था। फोटोग्राफी प्रतियोगिता के लिए देश भर से कुल 21 युवा फोटोग्राफरों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के तहत फोटोग्राॅफरों को अनेकता में एकता की थीम दी गई। नियमानुसार प्रत्येक फोटोग्राॅफरों ने अपनी तीन बेस्ट फोटो निर्णायक मंडल को उपलब्ध कराई। मोहित की फोटो बेस्ट फोटो के रूप में चयनित की गई। इस फोटो की आयोजक मंडल ने भी प्रशंसा की और इसे अपनी पत्रिका में प्रकाशित किया। गुवाहाटी से वापस लौटने के बाद मोहित ने बताया कि यूथ फेस्टिवल में प्रतिभाग करना उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। फेस्टिवल के दौरान काफी कुछ सीखने को मिला। अन्य राज्यों के युवा फोटोग्राॅफरों ने उनका पूरा सहयोग किया। उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी के फील्ड में युवा अपना करियर बना सकते हैं। जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर एक फोटोग्राफी ग्रुप तैयार कर दिया जाएगा। इसमें नए-नए फोटोग्राफरों को जोड़कर उन्हें फोटोग्राफी की विधाएं सिखाई जाएंगी। नेहरू युवा केन्द्र के जिला समन्वयक डाॅ मुकेश डिमरी ने बताया कि मोहित ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपना बेस्ट देकर उत्तराखंड को पहचान दिलाई है। अन्य युवाआंे को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छा वातावरण और दिशा-निर्देशन से ही जीवन में सफलता मिलती है। उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत है उनको तलाशने की।
केंद्र के भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध करेगी युवा कांग्रेस
देहरादून,15 जनवरी (निस)। युवा कांग्रेस ने केन्द्र सरकार द्वारा लागू किये गये भूमि अधिग्रहण बिल का पुरजोर तरीके से विरोध करने का ऐलान किया है। इसके लिए 16 से 28 जनवरी तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। ं भाजपा के प्रदेश कार्यालय का घेराव भी किया जायेगा। कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में युवा कांग्रेस के टिहरी लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष शिवेश बहुगुणा ने कहा कि केन्द्र के इस बिल के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जायेगा। आंदोलन के प्रथम चरण में 16 जनवरी से 28 जनवरी तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा। केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को तेज किया जायेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने जो भूमि अधिग्रहण बिल लागू किया है, वह किसानों के लिए अंग्रेजों के समय के काले कानून के समान है, इसका विरोध किया जायेगा। इस बिल को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जायेगा। केन्द्र सरकार के इस निर्णय के खिलाफ युवा कांग्रेस जनजागरण अभियान चलायेगी। भाजपा के विधायकों, सांसदों के साथ ही जनता के बीच में भी इस काले कानून को लेकर अभियान चलाया जायेगा और इसके लिए सभी को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि केन्द्र सरकार किसान विरोधी निर्णय ले रही है। किसानों पर जबरदस्ती काला कानून थोपने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार मनरेगा के साथ भी छेड़छाड़ कर रही है। जन- धन योजना पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा है और लोगों को किसी भी प्रकार की सुविधायें इस योजना से नहीं मिल पा रही हंै। उनका कहना है कि आज कृषि ऋण महंगा किये जा रहे हं,ै सरकार किसानों की जमीनों को हथियाने पर तुली हुई है। बीज, खाद, कृषि उपकरण सभी महंगे हो रहे हंै, पेट्रोल व डीजल के दामों में और अधिक कटौती किये जाने की आवश्यकता है, इसके लिए केन्द्र पर दवाब बनाया जायेगा। पत्रकार वार्ता में तेलूराम, स्वर्णिम राज कंडारी, गंगा, भगत सिंह नेगी, ऋषभ जैन, संदीप शर्मा, अरूण बिष्ट, मयंक मौजूद रहे।
पंचायतो के सुदृढीकरण से ही रूक सकता है पहाड़ का पलायनः प्रीतम
देहरादून,15 जनवरी (निस)। ’’गांव के विकास से ही देश का विकास सम्भव है तथा त्रिस्तरीय पंचायतों के सुदृढीकरण से ही पलायन रोका जा सकता है। पुरस्कृत पंचायतें अपनी स्थिति बनाये रखें तथा नई पंचायतें पुरस्कृत पंचायतो से प्रेरणा लें।’’ यह बात पंचायती राज मंत्री प्रीतम सिंह ने नगर निगम सभागार में पंचायत सशक्तीकरण तथा जवाबदेही योजना कार्यक्रम में पुरस्कृत एक जिला पंचायत हरिद्धार क्षेत्र पंचायते रूड़की तथा देवाल व सात ग्राम पंचायतों को पुरस्कार देने के पश्चात पंचायत जन प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कही। श्री सिंह ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायतों को मजबूती प्रदान करने में स्व. प्रधान मंत्री राजीव गांधी जी का अहम योगदान रहा है। जिन्होने संविधान में 73 व 74 वें संशोधन लाकर पंचायतीराज व्यवस्था को मजबूत किया। उन्होने कहा कि विकास की पहली सीढी ग्राम पंचायतें है जिसके विकास में सभी जनप्रतिनिधियों को अपनायोगदान देकर इनको और मजबूत करना है। उन्होने यह भी कहा है कि पर्वतीय क्षेत्रों में आज जो सबसे बड़ी समस्या है, वह क्षेत्र से हो रहे पलायन की है इसे रोकने के लिए पंचायतों को और मजबूत करना है। शासन द्वारा चलाई जा रही जनकल्याकारी योजनाओं को प्रदेश के दूरस्थ गांवों तक पहुचाने का मंत्री ने आहवान किया है, ताकि वहां निवास कर रहे युवाओं की रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पलायन में रोक लगाई जा सके। उन्होने कहा कि यह बहुत सौभाग्य का विषय है कि जिन पंचायतों को आज उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, वह इससे ओर उत्कृष्ठ कार्य करें तथा अन्य पंचायते उनसे प्रेरणा लेकर उत्कृष्ट कार्य करते हुए आगामी वर्षो में पुरस्कार पा सकें। उन्होने कहा कि इस समय यह पुरस्कार प्रदेश की एक जिला पंचायत, दो क्षेत्र पंचायत एवं सात ग्राम पंचायतों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया है। जिसमें पुरस्कार स्वरूप जिला पंचायत को 50 लाख का चैक तथा क्षेत्र पंचायत को 25 लाख व ग्राम पंचायत को 8 लाख रूपये की धनराशि दी गयी। उन्होने कहा कि पंचायतों को और मजबूत करने के लिए पंचायतों के अधीन 29 विषय देने का प्राविधान किया गया है। इस अवसर पर मा मंत्री द्वारा पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कारों में जिला पंचायत अध्यक्ष हरिद्धार श्रीमती अंजुम, देवाल की प्रमुख उर्मिला देवी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख रूड़की हरिद्धार कपिल कुमार, ग्राम पंचायत आदुवाला विकास नगर देहरादून ग्राम प्रधान श्रीमती बाला देवी, ग्राम पंचायत शेरखी रायपुर ग्राम प्रधान सविता चैहान, पडली गुज्जर ग्राम पंचायत रूड़की हरिद्धार प्रधान श्री बहरोज आलम, मथुरो, गरूड़ बागेश्वर की प्रधान श्रीमती आशा देवी को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विधायक व संसदीय सचिव थराली डाॅ जीतराम ने कहा कि सरकार द्वारा संविधान में 73 वें एवं 74 वें संशोधन करने के पीछे मंशा त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की थी। उन्होने कहा कि पंचायतों की मजबूती से युवाओं का पलायन भी रूकेगा। उन्होने इस अवसर पर पुरस्कृत पंचायतों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर सचिव व निदेशक पंचायतीराज हरबंश सिंह चुघ ने कहा कि ग्राम पंचायतों को और मजबूत करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है तथा जिन ग्राम पंचायतों एवं क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत को पुरस्कृत किया गया है। उन्हे और दृढ इच्छाशक्ति से कार्य करना है ताकि, वह पुनः इस पुरस्कार को प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक पंचायतीराज डी.पी देवराड़ी ने कहा कि यह पुरस्कार जिम्मेदारी से कार्य करने वाली करने वाली पंचायतों को दिया जाता है। जिनमें पंचायतों द्वारा स्वयं के श्रोतों से अपनी आय बढाना तथा आय उपार्जन करने वाली परिसम्पतियों का सृजन करना तथा सभी प्राप्त अनुदानों का समय पर उपयोग करना तथा स्वैच्छिक श्रमदान व अंशदान की व्यवस्था करने वाली पंचायतों को दिया जाता है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त करना हमारा प्रमुख उद्देश्य है इसी के अनुपालन में कई महत्वपूर्ण योजनाएं ग्राम स्तर पर संचालित की जा रही है जिसमें सबसे महत्वपूर्ण ग्राम पंचायत स्तर पर माडल भवन तैयार किया जा रहा है जो सभी सुविधाओं से अच्छादित किया जायेगा जो कि लगभग 16 लाख 50 हजार की धनराशि से अच्छादित होगा वर्तमान समय में 13 माडल भवनों पर कार्य चल रहा है तथा 100 ग्राम पंचायतों में इसका लक्ष्य रखा गया है। उन्होने कहा कि गावों से पलायन रोकने के लिए वर्तमान में 40 समूह कार्य कर रहें है, जिसमें 258 क्विन्टल मंडवा तथा 50 क्विन्टल भट्ट की आवश्यकता पड़ रही है। इससे खेती में वृद्धि होगी तथा इससे गांव का पलायन भी रूकेगा। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी संगठन अध्यक्ष गुणानन्द जुयाल, संयुक्त निदेशक पंचायत प्रकोष्ठ भरत सिंह नेगी, जिला पंचायतराज अधिकारी एम.एम खान सहित सभी जनप्रतिनिधि एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।
भारत नेपाल शांति मैत्री संधि पर सेमिनार 17 को
देहरादून, आजखबर। भारतीय गोर्खा परिसंघ उत्तराखंड राज्य शाखा भारत नेपाल शांति मैत्री संधि 1950 विषय पर 17 जनवरी को मानेकशां भवन गोर्खाली सुधार सभा में सेमिनार का आयोजन किया जायेगा। इसमें देश-विदेश से वक्ता पहंुचेंगे और इस पर अपनी राय व्यक्त करेंगे। फालतू लाइन स्थित जीडीएफ कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष सेनि कर्नल डीएस खडका ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रथम नेपाल भ्रमण के दौरान इस संधि के विषय में दोनों देश के प्रधानमंत्रियों के बीच चर्चा हुई और संभावित संशोधन के प्रति इच्छा जाहिर हुई है, चूंकि इस संधि के एक आर्टिकल सात के कारण भारतीय गोर्खाओं के चिन्हारी के ऊपर एक खास असर पड रहा है, इसलिए इस खामी में किस प्रकार सुधार किया जाये जिससे भारतीय गोर्खाओं की चिन्हीर को सुरक्षित किया जा सके। इसका चिंतन मनन करना हमारे लिए आवश्यक समझा गया, इसी उद्देश्य से इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, इसी विषय के ऊपर एक संगोष्ठी कालीग्पोग में गत वर्ष नवम्बर माह में आयोजित की गई। संधि के संशोधन एवं पुनर्विचार के वक्त भारतीय गोर्खाओं के विचार और प्रस्ताव को भी ध्यान में रखा जा सकें। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी में प्रमुख प्रवक्ता महेन्द्र पी लामा पूर्व उप कुलपति सिक्किम यूनिवर्सिटी, जोएल राई, ब्रिगेडियर सीएस थापा वक्ता होंगे। पत्रकार वार्ता में महासचिव सूरज राई, शिव लाल आले, उपासना थापा, वीके बंसल, कर्नल वीके शर्मा, केके राई, कैप्टन नील कुमार थापा, उमा उपाध्याय, पूजा सुब्बा मौजूद रहे।

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