राज्य के प्रत्येक समुदाय और प्रत्येक वर्ग का प्रत्येक नागरिक स्वयं को हर तरह से सुरक्षित समझे यही है गणतंत्र: राज्यपाल
देहरादून, 27 जनवरी,(निस)। परेड ग्राउंड में प्रदेश में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह में परेड की सलामी लेने के बाद राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाॅल ने देश के उन सभी महानायकों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए राष्ट्र एवं राज्य के नागरिकों की ओर से उनके प्रति आभार एवं श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश की स्वतंत्रता हेतु अपना सर्वस्व बलिदान किया। राज्यपाल ने, देश को सम्पूर्ण गणराज्य का दर्जा देते हुए प्रत्येक नागरिक को उसका मान-सम्मान, समानता के अधिकार को सुनिश्चित करने वाले संविधान निर्माताओं के प्रति भी सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। इस गौरवशाली अवसर पर राज्यपाल ने राज्य के सभी नागरिकों को बधाई देते हुए उनका आह्वाहन करते हुए कहा कि इस महान दिवस में निहित भावनाओं एवं व्यवस्थाओं को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें अपने राज्य में सुख-शांति, सद्भावना, भाई-चारा तथा एक दूसरे के सहयोग से ऐसे वातावरण का सृजन करना होगा जिसमें हमारे राज्य के प्रत्येक समुदाय और प्रत्येक वर्ग का प्रत्येक नागरिक स्वयं को हर तरह से सुरक्षित समझे, इसी से राज्य की प्रगति होगी और हम सही मायने में एक गणतांत्रिक देश का नागरिक होने पर गर्व महसूस कर सकेंगे। राज्यपाल ने परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया तथा राष्ट्रीय ध्वज को नमन करते हुए परेड की सलामी ली। इस अवसर पर सेना, आई.टी.बी.पी., एस.एस.बी.की महिला टुकड़ी, होमगार्ड, पी.आर.डी. के जवानों सहित एन.सी.सी, घुड़सवार पुलिस दस्ते ने मार्च पास्ट करते हुए राज्यपाल को सलामी दी। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न विभागों की आकर्षक झांकियां भी प्रदर्शित की गई तथा लोक कलाकारों द्वारा राज्य की सांस्कृतिक समृद्वि की झलक भी प्रस्तुत की गई। समारोह में पुलिस बैण्ड की देशभक्ति के गीतों के जोशीली धुनों के मध्य राज्यपाल द्वारा तीन पुलिस कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए सात पुलिस कर्मियों को पुलिस पदक तथा सराहनीय सेवाआंे के लिए दो कर्मियों को अग्निशमन पदक से सम्मानित किया गया।
गण को तंत्र समर्पित करें जिससे लोकतंत्र का हो अहसास : हरीश रावत
देहरादून, 27 जनवरी,(निस)। हम स्वयं को उस गण के लिए समर्पित करें जिसके लिए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने प्राण तक न्यौछावर कर दिए। गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में एक लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप हमारी पहचान है। हमारे संविधान व विकास यात्रा से तमाम देश प्रेरणा ग्रहण करते हैं। सोमवार को गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीजापुर में ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस उन महान मनीषियों को याद करने का अवसर है जिनकी बदौलत हमें लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष राज्य की व्यवस्था मिली। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र विकास के प्रति समर्पित होने का आह्वान करते हुए कहा कि आजादी के बाद हमने विकास की लम्बी यात्रा पूरी की है। हमारा गणतंत्र अन्य देशों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहा है। अनेक राष्ट्रनायकों ने सबको साथ लेकर चलने की हमारी नीति को अपनाया है। हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए प्रयास करना चाहिए कि हमारा तिरंगा इसी शान से फहराता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई में उŸाराखण्ड के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। देश की सीमाओं पर व देश के अंदर भी गणतंत्र की रक्षा के लिए सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस के जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम उन सभी का नमन करते हैं। शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों की भावना के अनुरूप उŸाराखण्ड के विकास के लिए तत्पर है। राज्य केबिनेट द्वारा पूर्व में 60 वर्ष से अधिक आयु के राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन देने का निर्णय लिया गया था। 31 जनवरी को आयोजित केबिनेट बैठक में इस आयु सीमा को कम करने पर विचार किया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के लिए कल्याण कोष स्थापित किया जाएगा। देश के लिए शहीद होने वाले सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस के जवानों के परिजनों को 15 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनराजी व बोक्सा जनजातियों के संरक्षण के लिए योजना बनाई जाएगी व केंद्र से मिलने वाली राशि के समान ही राज्य सरकार द्वारा भी इतनी ही राशि का प्राविधान करते हुए उद्यमिता व कृषि से इन जनजातियों को जोड़ा जाएगा। अखरोट,चूरा व महुवा को पर्यावरण मित्र वृक्ष के रूप में प्रोत्साहित करते हुए इसे हमारा पेड़, हमारा धन से जोड़ा जाएगा जिसमें केवल इन वृक्षों के लिए 400 रूपए बोनस दिया जाएगा। दैवीय आपदा से प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए 5 करोड़ रूपए का रिवाल्विंग फंड बनाया गया है। इसी तर्ज पर इनकी उद्यमिता के लिए भी 5 करोड़ रूपए का भी कोष बनाया जाएगा। बीजापुर में ध्वजारोहण के बाद परेड़ ग्राउन्ड में आयोजित मुख्य समारोह में भी शामिल हुए। यहां उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया।
गणतंत्र दिवस पर शुरू हुई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना
देहरादून, 27 जनवरी,(निस)। परेड़ ग्राउण्ड में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को औपचारिक रूप से शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस योजना को औपचारिक रूप से शुरू किया जा रहा है, जिसका सभी प्रदेशवासियों को 01 अप्रैल, 2015 से लाभ मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आम व्यक्ति को राहत प्रदान करना है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में एपीएल और बीपीएल परिवारों को शामिल किया गया है। इस योजना में आयकरदाता परिवार एवं सभी सरकारी कर्मचारियों के परिवार को शामिल नही किया जायेगा। योजना के तहत पात्र परिवारों के सभी सदस्यों को लाभ दिया जायेगा और उन्हें इसके लिए कार्ड भी जारी किया जायेगा। योजना में 50 हजार रुपये तक का कैश-लेस लाभ सभी सरकारी एवं चिन्हित निजी चिकित्सालयों में मान्य होगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में 1350 प्रकृति की प्राथमिक एवं गंभीर व्याधियों के उपचार की व्यवस्था शामिल है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के अधिकांश ऐसे एपीएल परिवारों को चिकित्सा उपचार में सहायता प्रदान करना है, जिनकी आर्थिकी स्थिति कमजोर है। अब बीपीएल के साथ-साथ एपीएल परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकेगा। इस अवसर पर चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी, कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ओम प्रकाश, सचिव सूचना मो. शाहिद, महानिदेशक सूचना चन्द्रेश यादव आदि उपस्थित थे।
भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र: विधानसभा अध्यक्ष
देहरादून, 27 जनवरी, (निस)। विधान सभा में आज अध्यक्ष विधान सभा गोविन्द सिंह कंुजवाल ने ध्वजारोहण किया तथा पुलिस बल द्वारा सलामी दी गयी इस अवसर पर उन्होंने विधान सभा में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारतीय गणतंत्र की शपथ दिलाते हुए कहा कि आज के दिन 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को लागू करते हुए गणतांत्रिक व्यवस्था की शुरूआत की गयी थी। भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र है। गणतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है। जिसमें असली ताकत जनता और उसके चुने हुए प्रतिनिधियों में होती है। 65 वर्ष पूर्व हमारे देश में एक सुई का भी निर्माण नहीं किया जाता था आज हम आत्म निर्भर हैं। बल्कि दुनियां के कई देशों में हम अपने द्वारा निर्मित सामान का निर्यात करते है। आज हम विकासशील देशों की श्रेणी में हैं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश को प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी जिस जगह कार्यरत हैं वह कत्र्तव्य-निष्ठा से कर्म करते हुए प्रदेशहित वं राष्ट्रहित में कार्य करंे। उत्तराखण्ड निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उत्तराखण्ड को विकसित राज्य बनाने के प्रति संकल्पित हों तथा प्रदेश का सर्वागीण विकास हो। इस अवसर पर उपाध्यक्ष विधान सभा डाॅ0 अनुसूया प्रसाद मैखुरी, सचिव विधान सभा जगदीश चन्द्र एवं विधान सभा में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी विद्यमान थे।
सात कांग्रेसियों को जल्द मिलेगा दायित्व
देहरादून, 27 जनवरी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि दायित्व की प्रक्रिया आवश्यकतानुसार निरंतर गतिमान है। जल्द ही सात और लोगों को दायित्व की सूची जारी की जा रही है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान पर कि केंद्र सरकार उत्तराखण्ड के साथ सौतेला व्यवहार नहीं कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कभी ऐसा नहीं कहा कि केंद्र सरकार हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हमने केवल यही कहा है कि पुलिस आधुनिकीकरण सहित विभिन्न मदों में मांगी गई मदद सरकार द्वारा नहीं दी गई है। सीएम ने कहा कि हो सकता है कि योजना आयोग को जिस तरह से जल्दबाजी में समाप्त किया गया है, उसी के परिणामस्वरूप केंद्र से राज्यों को सहायता में विलम्ब हो रहा हो। पत्रकारों द्वारा सूचना नीति के बाबत पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पत्रकारों का पूरा सहयोग लिया जाना है। अनेक संगठन होने से दिक्कते आ रही हैं। मलेथा में स्टोनक्रशर के विरोध में अनशन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी उनसे बात हुई है। राज्य सरकार को उच्च न्यायालय के निर्णय का अनुपालन करना है। वैसे मलेथा जैसे अन्न भंडार की जगह पर पांच स्टोनक्रशरों की अनुमति जो कि वर्ष 2007-08 में दी गई थी, उचित नहीं थी। राष्ट्रीय खेलों की प्रमुख तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खेलगांव के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। खेल संगठनों व खिलाडि़यों से भी सलाह मशविरा किया जा रहा है। भारतीय ओलम्पिक संघ से जल्द ही औपचारिक रूप से दिशानिर्देश ले लिए जाएंगे। रोड़मैप भी तैयार किया जा रहा है। शीतकालीन चारधाम यात्रा के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य चारधाम यात्रा की निरंतरता को बनाए रखना था। अब हमें अप्रैल में चारधाम यात्रा को लेकर अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है। लगातार चल रही तैयारियों को ही जारी रखा जाएगा। शीतकालीन चारधाम यात्रा को अच्छा रेस्पोंस मिला है। आगे इसे और अधिक व्यवस्थित किया जाएगा। आपदा प्रभावितों के ब्याजमाफी के मामले पर बीजेपी के हाईकोर्ट में जाने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि हम आगे बढ़ते जाएंगे वो सर खुजलाते रहेंगे। ब्याज माफी का निर्णय बड़ा फैसला था। हो सकता है एक दो जगह इसके क्रियान्वयन में दिक्कतें आई हों। हम सुनिश्चित करेंगे कि इसके दायरे में आने वाले सभी लोगों को इसका लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बीजेपी आपदा प्रभावितों के लिए सच में गम्भीर है तो हमने विधि मंत्रालय में पांच आपदा प्रभावित जिलों में बैंक ब्याज माफी को दो साल के लिए आगे बढ़ाने के लिए जो प्रस्ताव भेजा है उस की स्वीकृति के लिए केंद्र में दबाव बनाए। खनन नीति पर सीएम ने कहा कि हम केंद्र सरकार व अन्य राज्यों की खनन नीति का अध्ययन कर रहे हैं। खनन हमारे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण सेक्टर है, इस पर जो भी राज्यहित में उचित होगा किया जाएगा।
केदारनाथ में पहली बार 26 जनवरी पर लहराया तिरंगा, कर्नल कोठियाल ने फहराया तिरंगा
देहरादून,27 जनवरी(निस)। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला मौका था जब 26 जनवरी सोमवार को केदारनाथ की 11600 फीट की ऊंचाई पर राष्ट्रध्वज लहराया गया। इस मौके पर धाम में निम और पुलिस के लगभग 300 लोग मौजूद रहे। समुद्रतल से 11,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे केदारनाथ में स्वतंत्रता के बाद पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया गया। केदारनाथ से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार प्रातः 7 बजे एमआई-26 के लिये बनाये गये हेलीपैड पर निम के लोग एकत्र हुए। ठीक प्रातः 8 बजे कर्नल अजय कोठियाल धाम में राष्ट्रध्वज फहराया । इसके बाद सेक्शन कमांडर और प्लाटून कमांडर राष्ट्रध्वज को सलामी दी । इस दौरान मेरु-सुमेरु पर्वत श्रृंखलाओं की ओट में बसे धाम में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत जन गण मन से गूंज उठे। मंदिर परिसर में निम और यहां तैनात पुलिस विशेष भजन-कीर्तन और आरती की। केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत निम अभी तक 23 सरकारी आपदा प्रभावित भवनों को ध्वस्त कर चुका है। इन भवनों के अंदर मिली सामग्री को सुरक्षित रखा गया है। वर्तमान में 24वें भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू किया गया है। धाम में एमआई-26 हेलीपैड से मंदाकिनी नदी तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
अफसरशाही की मनमानी सेे रोजगार के रास्तों में अड़चन
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। प्रदेश के युवाओं को रोजगार - स्वरोजगार से जोडने के लिए सीएम हरीश रावत प्रतिबद्ध दिख रहे हैं। लेकिन नौकरशाही की मनमानी के चलते रोजगार के रास्तों पर अड़चन पैदा हो रही है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं और कैबिनेट में लिए गए निर्णयों को समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है। यह बानगी शिक्षा विभाग के अफसरों को सीएम की फटकार के बाद देखी गई है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती के तहत स्वीकृत 389 और आपदा ग्रस्त जनपदों में सृजित 862 पदों पर भर्ती को मुख्यमंत्री की ओर से काफी समय पहले मंजूरी मिल चुकी है। प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन भी शासन और सरकार से उपरोक्त पदों पर जल्द भर्ती की मांग कर रहे हैं। लेकिन शासन स्तर पर इस ओर कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई जा रही है। हाल ही में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से जुड़े आलाधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि आखिर किस बजह से इन पदों पर भर्ती में देरी की जा रही है। जबकि मुख्यमंत्री के सवाल का सबंधित अधिकारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री की मंशा को खुद उनके ही अधिकारी पलीता लगाने में लगे हुए हैं। अफसरों की मनमानी राज्य में एक बड़ा मुददा बन गया है। शिक्षा मंत्री से लेकर चिकित्सा मंत्री, गृह मंत्री और कई अन्य मंत्री नौकरशाही के हावी होने का गीत गा रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि मंत्रीगण अपने पावर का इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। हाल ही में शिक्षा मंत्री के पास दो संगठनों ने शासन द्वारा शिक्षा मंत्री के आदेशों की अवहेलना की शिकायत की। लेकिन उसके बाद भी शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने शासकीय अधिकारियों से इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं लेनी चाही। यही हाल अमूमन अन्य मंत्रियों का भी है। हाथ में लगाम होने के बावजूद भी मंत्रीगण नौकरशाही को अपने आदेशों का अनुपालन नहीं करा पा रहे हैं।
कागजों में सिमटा क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। माह बीत जाने के बावजूद भी राज्य सरकार अभी तक प्रदेश में क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट लागू नहीं कर पाई है। जबकि इस योजना को जल्द लागू करने के लिए केंद्र सरकार से भी हिदायत मिली है। लेकिन के इसके बावजूद भी सरकार नीजि डाक्टरों के दबाव में दिख रही है। यही कारण है कि कई बार लागू करने की तिथि निर्धारित करने के बावजूद भी अभी तक इस एक्ट को लागू करने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिससे प्रदेश के लोगों को इस एक्ट से मिलने वाला फायदा नहीं मिल पा रहा है। एक ओर रावत सरकार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू कर प्रदेश की जनता को लाभ पंहुचाने का दावा कर रही है। जबकि दूसरी ओर क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट को लागू करने की योजना लंबित हो गई है। कुछ दिन पहले शासन स्तर पर आईएमए से जुड़े डाक्टरों के साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बैठक की। सूत्रों के अनुसार जिसमें आईएमए से जुड़े डाक्टरों ने इस एक्ट से होने वाली अपनी परेशानी को बंया किया था और कुछ सुझाव दिया था। जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे ने इस एक्ट को फिलहाल सरकारी अस्पतालों में लागू करने का निर्णय लिया। लेकिन यहां भी स्वास्थ्य महकमे ने इस एक्ट को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालात यह है कि केंद्र सरकार से इस एक्ट को जल्द लागू करने की हिदायत मिलने के बावजूद भी सरकार एक्ट को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। वहीं चर्चा है कि लगातार आईएमए के डाक्टरों के दबाव के चलते सरकार और स्वास्थ्य महकमा क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट को लागू नहीं कर पा रहे हैं। बताते चले कि एक्ट के लागू होने से नीजि क्लीनिक और नर्सिंग होमों की मनमानी पर सरकारी नियंत्रण होगा। निजि डाक्टरों द्वारा इस एक्ट का विरोध करने का यही कारण माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो सरकार पर बढ़े आईएमए डाक्टरों के दबाव के कारण फिलहाल यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। एक्ट को लागू करने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया धीमी हो गई है।
सड़क की चिकनाई ने ली एक जान, कई चोटिल
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। राजपुर रोड़ पर गलत डामरीकरण से आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के कारण एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। बेहद चिकनी हुई सड़क में कई वाहन स्लिप हुए जिससे आधा दर्जन दुपहिया वाहनों को चोटें आईं। रोज-रोज की दुर्घटनाओं एवं एक मौत के बाद ही आखिर प्रशासन को इस सड़क को ठीक करने की सुध आई है। राजपुर पुलिस द्वारा भी अपर जिलाधिकारी से इस रोड़ के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं इसे ठीक कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गयी है। सड़क पहले से ही बेहद चिकनी हो रखी थी उस पर जब हुई बरसात के कारण पुरानी चुंगी से लेकर जाखन तक सड़क के दोनों ओर का हिस्सा बेहद खतरनाक बना हुआ है। राजपुर रोड़ की बुरी स्थिति को लेकर कई बार शासन को चेताने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी। यही कारण है कि जिला प्रशासन की इस लापरवाही का शिकार कल कई दुपहिया वाहन चालकों को होना पड़ा। देहरादून से मसूरी की ओर जाने पर पुरानी चुंगी से लेकर जाखन तक राजपुर रोड की चिकनाईयुक्त स्थिति को देखकर ऐसा लगता है जैसे बिना बरसात के भी यहां पानी पड़ा हुआ है। बताते हैं कि गलत सड़क निर्माण के कारण सड़क पर ऐसी चिकनाई पैदा हो गयी है जिससे दुपहिया वाहन चालकों को लगातार खतरा बना हुआ है। यहां आधा दर्जन दुपहिया चालक ढलान पर चोटिल हुए, जबकि एक युवक को तो अपनी जान से ही हाथ धोना पड़ा। बताया जा रहा है कि नैनबाग टिहरी गढ़वाल निवासी 23 वर्षीय अरविंद सिंह सज्वाण पुत्र योगेश चंद सज्वाण अपनी बाईक से दिलाराम बाजार की ओर जा रहा था। एनआईवीएच के पास उसकी बाईक चिकनी हुई सड़क में स्लिप हो गयी जिससे अरविंद बुरी तरह से चोटिल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे उठाया और अस्पताल पहुुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि अरविंद डीएवी पीजी कालेज का छात्र था और एक कॉल सेंटर में काम भी करता था। दुर्घटना का कारण पूरी तरह से सड़क को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि न केवल अरविंद बल्कि उससे पहले कई अन्य दुपहिया चालक भी यहां चोटिल हुए। चिकनाईयुक्त सड़क बरसात के कारण दुपहिया वाहनों का यहां चलना बेहद मुश्किल हो गया था। उधर राजपुर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क के बारे में अपर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गयी है और जल्द ही प्रशासन इस सड़क की दशा सुधारने के लिए कार्रवाई करने जा रहा है।
बाईक सवार युवकों ने किया दिनदहाड़े लूट का प्रयास
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। थाना डालनवाला क्षेत्र में मंगलवार को दिनदहाड़े दो बाईक सवार युवकों ने एक नर्सिंग होम के कैशियर से चार लाख रूपयों से भरा बैग छीनने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि बदमाश बैग ले जाने में सफल नहीं हो पाए जबकि दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि बदमाशों ने छीनाझपटी के दौरान बैग से गिरे कुछ रूपए लूट भी लिए हैं। पुलिस के अनुसार नर्सिंग होम के बाहर लगे सीसीटीवी पर इन बदमाशों की साफ तस्वीर दर्ज हुई है जबकि बाईक के नंबर के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इन बदमाशों को दबोच लिया जाएगा। इस मामले में अस्पताल के अंदर से ही रेकी किए जाने की भी बात सामने आ रही है। गणतंत्र दिवस पर कड़े सुरक्षा प्रबंधों को लेकर पुलिस भले ही अपनी पीठ ठोंक रही हो लेकिन इस आयोजन के पूरा होने के साथ ही बदमाशों ने पुलिस व्यवस्थाओं को ताक पर रखते हुए दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार दिन में वैश्य नर्सिंग होम का कैशियर नयाराम सिंह चार लाख रूपए एक बैग में रख कर पास ही के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पहुंचा। जैसे ही वह बाहर निकला तभी बाहर सड़क पर एक युवक ने उनकी आंख में मिर्च झोंक दी और बैग छीनने का प्रयास किया। आंखों पर मिर्च झोंकने के बावजूद भी नयाराम सिंह ने बैग को नहीं छोड़ा और मदद के लिए चिल्लाने लगा। कुछ देर तक दोनेां के बीच बैग को छीनने को लेकर छीना झपटी हुई लेकिन बाद में बदमाश अपने एक साथी जो कि कुछ ही दूरी पर खड़ा था, बाईक में बैठ कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर डालनवाला पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। प्राथमिक उपचार के बाद नयाराम सिंह से भी पूछताछ की गयी लेकिन उसका कहना है कि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि वह मिर्च झोंकने वाले बदमाश का चेहरा ही नहीं देख पाया। बताया जा रहा है कि इन दोनों युवकों को कुछ देर पहले ही यहां बैठे हुए देखा गया था। उधर मौके पर पहुंची पुलिस का दावा है कि यह लूट में पैसा सुरक्षित है और छीनाझपटी के बावजूद भी बदमाश पैसा ले जाने में सफल नहीं हो पाए। हालांकि पुलिस भले ही पैसे न लूटे जाने का दावा कर रही है लेकिन दूसरी तरफ इस घटना में कुछ पैसा लूटे जाने की भी बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि छीना झपटी के दौरान कुछ पैसा जमीन पर गिर गया था जिसे कि बदमाश उठा कर भाग गया। डालनवाला पुलिस के अनुसार आसपास के लोगों से भी घटना के संदर्भ में पूछताछ की गयी है जबकि वैश्य नर्सिग होम पर लगे सीसीटीवी की भी जांच की गयी है। पुलिस का दावा है कि इस सीसीटीवी फुटेज में कई ऐसी जानकारियां हाथ लगी हैं जिसके बाद इन बदमाशों को जल्द ही दबोच लिया जाएगा। बदमाशों की काले रंग की पल्सर बाईक का नंबर भी पुलिस के हाथ लगा है। इस दिनदहाड़े हुई घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है तो वहीं पुलिस ने देर शाम तक कई संदिग्धों से पूछताछ भी की है।
प्रशासन के लिए चुनौती अवैध खनन रोकना
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। जनपद में वैध की आड़ में अवैध खनन रोकना प्रशासन के लिए हमेशा चुनौती रहा है। वन विकास निगम खनन खोलने की तैयारी में जुटा है। ऐसे में खनन खुलने के बाद प्रशासन के लिए अवैध खनन रोकना चुनौती होगी। एंटी माइनिंग फोर्स की तर्ज पर डीएम के अधीन भी ऐसी फोर्स का प्रस्ताव भी अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है। हरिद्वार में अवैध खनन पर कभी भी रोक नहीं लग पाती है। लेकिन वैध खनन भी जब-जब खुला उसकी आड़ में अवैध खनन भी जमकर होता रहा। 2011 से सरकारी खनन बंद होने के बाद निजी भूमि पर खनन पट्टे आवंटित किए गए थे। निजी पट्टों को खनन का वैध लाइसेंस था। इस वैध लाइसेंस की आड़ में पट्टाधारकों ने ही अवैध खनन किया। पट्टाधारकों के साथ ही खनन माफियाओं ने भी इसकी आड़ में जमकर अवैध खनन किया। यहां तक कि जिला मुख्यालय में भी अवैध खनन किया गया। अब वन विकास निगम को खनन की अनुमति मिल गई है। खनन मार्च में शुरू होना है। लेकिन उससे पहले ही जिन इलाकों में खनन पट्टे स्वीकृत हुए हैं, वहां खनन नहीं रुक रहा है। खासतौर से विशनपुर कुंडी व भोगपुर के इलाकों में खनन जारी है। ऐसे में जब विधिवत तौर पर खनन शुरू होगा तो प्रशासन के लिए परेशानी बढ़ जाएगी। अवैध खनन रोकने के लिए जनपद स्तर पर भी एंटी माइनिंग सेल की तर्ज पर डीएम के अधीन सेल बनाने का प्रस्ताव था। यह प्रस्ताव भी अब तक लटका हुआ है। अवैध खनन रोकने का मुख्य काम राजस्व विभाग का है। लेकिन राजस्व विभाग के पास अलग से इसके लिए ढांचा नहीं है। अगर अलग सेल गठित होता तो उसमें प्रशासन, पुलिस, वन विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से रहते। एसडीएम सदर बीर सिंह बुदियाल का कहना है कि राजस्व विभाग अपने स्तर से कार्रवाई करता है। वैध की आड़ में अवैध खनन न हो इसके लिए ठोस प्लानिंग की जाएगी।
किसानों का चीनी मिलों पर करोड़ों का बकाया, नहीं हो रहा भुगतान
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। सरकार की लापरवाही इस बार भी गन्ना किसानों को रुलाएगी। सवा दो करोड़ से अधिक का गन्ना अब तक किसान मिलों पर डाल चुके हैं। नए सीजन में केवल इकबालपुर मिल ने ही पांच करोड़ रुपये का भुगतान किया। लेकिन उस पर पिछले सीजन का लगभग 45 करोड़ बकाया भी है। शेष दोनों मिलों ने अभी खाता भी नहीं खोला है। पिछले साल गन्ना किसानों की जितनी फजीहत हुई थी वह इससे पहले कभी नहीं हुई। खून पसीने की कमाई घर लाने के लिए किसानों को कभी जनप्रतिनिधियों के दरवाजों पर दस्तक देनी पड़ रही है तो भी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। इतना सब कुछ होने के बाद भी अभी तक किसानों को उनका पैसा नहीं मिला है। केवल लक्सर शुगर मिल ने किसानों का पूरा भुगतान किया है, वह भी हाल फिलहाल में। उत्तम और इकबालपुर चीनी मिल पर अब भी किसानों को लग 80 करोड़ बकाया है। इस साल भी कुछ ऐसे ही आसार बनते नजर आ रहे हैं। जनपद की तीन चीनी मिलों पर अब तक लगभग 80 लाख कुंतल गन्ना डाला जा चुका है। जिसकी कीमत लगभग सवा दो सौ करोड़ रुपये है। पर अभी तक इस गन्ने का एक पैसा किसानों को नहीं मिला है। इकबालपुर मिल प्रबंधन नई खरीद का पांच करोड़ रुपये देने की बात तो जरूर कह रहा है पर मिल पर किसानों का अभी पिछली साल का ही 45 करोड़ बकाया है। ऐसे में नए भुगतान के कोई मायने नहीं रहते। सहायक गन्ना आयुक्त अशोक कुमार का कहना है कि पुराने और नए भुगतान के लिए मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। उम्मीद है जल्द की किसानों को उनका पैसा मिल जाएगा ।
हाथों हाथ देनी थी पहली किस्त
बीते दिनों गन्ना के संबंध में सरकार ने शासनादेश जारी किया था। इसमें गन्ने का भुगतान दो किस्तों में करने के निर्देश दिए गए थे। 240 रुपये की पहली किस्त किसानों को गन्ना डालने के साथ ही देनी थी जबकि शेष 40 रुपये मिल बंद होने के तीन महीने में देना था। मिले शुरू हुए डेढ़ महीने से अधिक हो चुका है पर अभी भुगतान के संबंध में कोई सुगबुगाहट नहीं है।
मिल-सरकार की मिलीभगत का लगा रहे आरोप
भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कहते हैं कि किसानों के शोषण के लिए सरकार और सरकारी मशीनरी दोनों जिम्मेदार है। सरकार की शह के कारण ही मिलें किसानों का शोषण कर रही हैं।
कांग्रेस ‘वादा निभाओ’ धरने की तैयारियों में जुटी
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योग गुरु बाबा रामदेव को काला धन भारत लाओ वायदे की याद दिलाने के लिए 29 जनवरी को हरकी पैड़ी हरिद्वार में प्रस्तावित ‘वादा निभाओ’ धरने की तैयारियों में जुट गई है। इस धरने के माध्यम से कांग्रेस द्वारा तीन मुद्दों को उठाया जायेगा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि मोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले भारत की जनता से वादा किया था कि यदि उनकी पार्टी केन्द्र में सत्ता में आती है तो 100 दिन के भीतर भारतवासियों का विदेशों में जमा काला धन भारत में लाकर भारत के प्रत्येक नागरिक को 15 लाख रूपये नकद, 25 हजार रूपये मासिक पेंशन के रूप में देने के साथ ही सारे करों से मुक्ति दिलायेंगे। देशभर में शून्य बैलेंस के साथ खाता खुलवाने के कारण आपका नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया है। जब उन्होंने शून्य बैलेंस के खातों की परिकल्पना को धरातल पर उतारा तो भारतवासियों को ऐसा लगा कि ये खाते नरेन्द्र मोदी इसलिए खुलवा रहे हैं कि सीधे-सीधे यह धनराशि को इन खातों के माध्यम से उन्हें देने का काम करेंगे। बार-बार बैंक में खातों का अवलोकन करने के बावजूद उसमें धनराशि न आने से देश की जनता अपने को ठगा सा महसूस कर रही है। श्री उपाध्याय का कहना है कि नरेन्द्र मोदी के घनिष्ठ सहयोगी रामदेव ने जनता से यूपीए सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए यह कहा था कि यदि उनकी मनचाही सरकार केन्द्र में बनी तो वे 30 दिन में विदेशों में जमा भारतीयों का काला धन वापस ले आयेंगे। हम कांग्रेस पार्टी की ओर से उन्हें जनता से किये वादे की याद दिलाना चाहते हैं। कांग्रेस चाहती है कि रामदेव केन्द्र की अपनी मनपसंद सरकार पर दबाव बनाते हुए विदेशों में जमा भारतीयों के धन को शीघ्र वापस लायें अन्यथा अपने इस वादे के पूरा न होने की संभावना के मद्देनजर देश की जनता से माॅफी मांगें अथवा कांग्रेस के इस सविनय आग्रह को स्वीकार करें कि उनके द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार के विरूद्ध चलाये जा रहे संघर्ष अभियान में वे कांग्रेस का साथ दंेगे। उनका कहना है कि इसी प्रकार भगवान विश्वनाथ की धरती वाराणसी के मतदाताओं को लुभाने के लिए नरेन्द्र मोदी ने वहां से लोकसभा का चुनाव यह कहते हुए लड़ा कि ’’गंगा ने मुझे बुलाया है‘‘। मां गंगा उत्तराखण्ड की बेटी हैं और आप उसको जन्म देने वाली धरती को भूल गये हैं, तो कैसे मां गंगा की सेवा होगी। आज वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार घट रही हैं। जब कच्चे तेल की कीमतें अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में 159 डाॅलर प्रति बैरल थीं तो तत्कालीन कांग्रेस की यू.पी.ए. सरकार ने कीमतों को नियंत्रण में रखा था। आज जब कच्चे तेल की कीमतें अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 50 डाॅलर प्रति बैरल हैं तो यह आम धारणा बन रही है कि अन्तर्राष्ट्रीय बाजार के हिसाब से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतो में इसलिए कमी नहीं आ रही है कि मोदी सरकार बडे़ सरूरदारों, जो इस व्यवसाय से जुडे़ हैं, उनके दबाव में काम कर रही है और उनके दबाव में तेल की कीमतें कम नहीं हो रही हैं। यदि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें उसी अनुपात में कम होती तो सबसे ज्यादा असर गरीब की रसोई पर पड़ता तथा आम आदमी को रसोई गैस सिलेण्डर 200 रूपये से भी कम कीमत पर मिलता साथ ही माल भाड़ा कम होने से गरीब देशवासियों को महंगाई से भी राहत मिलती। हरिद्वार में आयोजित धरने के माध्यम से केन्द्र सरकार का ध्यान इन्हीं मुद्दों की ओर आकर्षित किया जायेगा साथ ही इसी दिन संघर्ष की आगामी रणनीति पर विचार किया जायेगा।
सात कांग्रेसियों को जल्द मिलेगा दायित्व
देहरादून, 27 जनवरी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि दायित्व की प्रक्रिया आवश्यकतानुसार निरंतर गतिमान है। जल्द ही सात और लोगों को दायित्व की सूची जारी की जा रही है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान पर कि केंद्र सरकार उत्तराखण्ड के साथ सौतेला व्यवहार नहीं कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कभी ऐसा नहीं कहा कि केंद्र सरकार हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हमने केवल यही कहा है कि पुलिस आधुनिकीकरण सहित विभिन्न मदों में मांगी गई मदद सरकार द्वारा नहीं दी गई है। सीएम ने कहा कि हो सकता है कि योजना आयोग को जिस तरह से जल्दबाजी में समाप्त किया गया है, उसी के परिणामस्वरूप केंद्र से राज्यों को सहायता में विलम्ब हो रहा हो। पत्रकारों द्वारा सूचना नीति के बाबत पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पत्रकारों का पूरा सहयोग लिया जाना है। अनेक संगठन होने से दिक्कते आ रही हैं। मलेथा में स्टोनक्रशर के विरोध में अनशन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी उनसे बात हुई है। राज्य सरकार को उच्च न्यायालय के निर्णय का अनुपालन करना है। वैसे मलेथा जैसे अन्न भंडार की जगह पर पांच स्टोनक्रशरों की अनुमति जो कि वर्ष 2007-08 में दी गई थी, उचित नहीं थी। राष्ट्रीय खेलों की प्रमुख तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खेलगांव के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। खेल संगठनों व खिलाडि़यों से भी सलाह मशविरा किया जा रहा है। भारतीय ओलम्पिक संघ से जल्द ही औपचारिक रूप से दिशानिर्देश ले लिए जाएंगे। रोड़मैप भी तैयार किया जा रहा है। शीतकालीन चारधाम यात्रा के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य चारधाम यात्रा की निरंतरता को बनाए रखना था। अब हमें अप्रैल में चारधाम यात्रा को लेकर अधिक चिंतित होने की जरूरत नहीं है। लगातार चल रही तैयारियों को ही जारी रखा जाएगा। शीतकालीन चारधाम यात्रा को अच्छा रेस्पोंस मिला है। आगे इसे और अधिक व्यवस्थित किया जाएगा। आपदा प्रभावितों के ब्याजमाफी के मामले पर बीजेपी के हाईकोर्ट में जाने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि हम आगे बढ़ते जाएंगे वो सर खुजलाते रहेंगे। ब्याज माफी का निर्णय बड़ा फैसला था। हो सकता है एक दो जगह इसके क्रियान्वयन में दिक्कतें आई हों। हम सुनिश्चित करेंगे कि इसके दायरे में आने वाले सभी लोगों को इसका लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बीजेपी आपदा प्रभावितों के लिए सच में गम्भीर है तो हमने विधि मंत्रालय में पांच आपदा प्रभावित जिलों में बैंक ब्याज माफी को दो साल के लिए आगे बढ़ाने के लिए जो प्रस्ताव भेजा है उस की स्वीकृति के लिए केंद्र में दबाव बनाए। खनन नीति पर सीएम ने कहा कि हम केंद्र सरकार व अन्य राज्यों की खनन नीति का अध्ययन कर रहे हैं। खनन हमारे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण सेक्टर है, इस पर जो भी राज्यहित में उचित होगा किया जाएगा।
केदारनाथ में पहली बार 26 जनवरी पर लहराया तिरंगा, कर्नल कोठियाल ने फहराया तिरंगा
देहरादून,27 जनवरी(निस)। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला मौका था जब 26 जनवरी सोमवार को केदारनाथ की 11600 फीट की ऊंचाई पर राष्ट्रध्वज लहराया गया। इस मौके पर धाम में निम और पुलिस के लगभग 300 लोग मौजूद रहे। समुद्रतल से 11,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे केदारनाथ में स्वतंत्रता के बाद पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया गया। केदारनाथ से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार प्रातः 7 बजे एमआई-26 के लिये बनाये गये हेलीपैड पर निम के लोग एकत्र हुए। ठीक प्रातः 8 बजे कर्नल अजय कोठियाल धाम में राष्ट्रध्वज फहराया । इसके बाद सेक्शन कमांडर और प्लाटून कमांडर राष्ट्रध्वज को सलामी दी । इस दौरान मेरु-सुमेरु पर्वत श्रृंखलाओं की ओट में बसे धाम में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत जन गण मन से गूंज उठे। मंदिर परिसर में निम और यहां तैनात पुलिस विशेष भजन-कीर्तन और आरती की। केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत निम अभी तक 23 सरकारी आपदा प्रभावित भवनों को ध्वस्त कर चुका है। इन भवनों के अंदर मिली सामग्री को सुरक्षित रखा गया है। वर्तमान में 24वें भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू किया गया है। धाम में एमआई-26 हेलीपैड से मंदाकिनी नदी तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
अफसरशाही की मनमानी सेे रोजगार के रास्तों में अड़चन
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। प्रदेश के युवाओं को रोजगार - स्वरोजगार से जोडने के लिए सीएम हरीश रावत प्रतिबद्ध दिख रहे हैं। लेकिन नौकरशाही की मनमानी के चलते रोजगार के रास्तों पर अड़चन पैदा हो रही है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं और कैबिनेट में लिए गए निर्णयों को समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है। यह बानगी शिक्षा विभाग के अफसरों को सीएम की फटकार के बाद देखी गई है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती के तहत स्वीकृत 389 और आपदा ग्रस्त जनपदों में सृजित 862 पदों पर भर्ती को मुख्यमंत्री की ओर से काफी समय पहले मंजूरी मिल चुकी है। प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन भी शासन और सरकार से उपरोक्त पदों पर जल्द भर्ती की मांग कर रहे हैं। लेकिन शासन स्तर पर इस ओर कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई जा रही है। हाल ही में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से जुड़े आलाधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि आखिर किस बजह से इन पदों पर भर्ती में देरी की जा रही है। जबकि मुख्यमंत्री के सवाल का सबंधित अधिकारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री की मंशा को खुद उनके ही अधिकारी पलीता लगाने में लगे हुए हैं। अफसरों की मनमानी राज्य में एक बड़ा मुददा बन गया है। शिक्षा मंत्री से लेकर चिकित्सा मंत्री, गृह मंत्री और कई अन्य मंत्री नौकरशाही के हावी होने का गीत गा रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि मंत्रीगण अपने पावर का इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। हाल ही में शिक्षा मंत्री के पास दो संगठनों ने शासन द्वारा शिक्षा मंत्री के आदेशों की अवहेलना की शिकायत की। लेकिन उसके बाद भी शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने शासकीय अधिकारियों से इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं लेनी चाही। यही हाल अमूमन अन्य मंत्रियों का भी है। हाथ में लगाम होने के बावजूद भी मंत्रीगण नौकरशाही को अपने आदेशों का अनुपालन नहीं करा पा रहे हैं।
कागजों में सिमटा क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। माह बीत जाने के बावजूद भी राज्य सरकार अभी तक प्रदेश में क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट लागू नहीं कर पाई है। जबकि इस योजना को जल्द लागू करने के लिए केंद्र सरकार से भी हिदायत मिली है। लेकिन के इसके बावजूद भी सरकार नीजि डाक्टरों के दबाव में दिख रही है। यही कारण है कि कई बार लागू करने की तिथि निर्धारित करने के बावजूद भी अभी तक इस एक्ट को लागू करने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिससे प्रदेश के लोगों को इस एक्ट से मिलने वाला फायदा नहीं मिल पा रहा है। एक ओर रावत सरकार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू कर प्रदेश की जनता को लाभ पंहुचाने का दावा कर रही है। जबकि दूसरी ओर क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट को लागू करने की योजना लंबित हो गई है। कुछ दिन पहले शासन स्तर पर आईएमए से जुड़े डाक्टरों के साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बैठक की। सूत्रों के अनुसार जिसमें आईएमए से जुड़े डाक्टरों ने इस एक्ट से होने वाली अपनी परेशानी को बंया किया था और कुछ सुझाव दिया था। जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे ने इस एक्ट को फिलहाल सरकारी अस्पतालों में लागू करने का निर्णय लिया। लेकिन यहां भी स्वास्थ्य महकमे ने इस एक्ट को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालात यह है कि केंद्र सरकार से इस एक्ट को जल्द लागू करने की हिदायत मिलने के बावजूद भी सरकार एक्ट को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। वहीं चर्चा है कि लगातार आईएमए के डाक्टरों के दबाव के चलते सरकार और स्वास्थ्य महकमा क्लीनिकल इस्टेब्लीस्टमेंट एक्ट को लागू नहीं कर पा रहे हैं। बताते चले कि एक्ट के लागू होने से नीजि क्लीनिक और नर्सिंग होमों की मनमानी पर सरकारी नियंत्रण होगा। निजि डाक्टरों द्वारा इस एक्ट का विरोध करने का यही कारण माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो सरकार पर बढ़े आईएमए डाक्टरों के दबाव के कारण फिलहाल यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। एक्ट को लागू करने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया धीमी हो गई है।
सड़क की चिकनाई ने ली एक जान, कई चोटिल
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। राजपुर रोड़ पर गलत डामरीकरण से आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के कारण एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। बेहद चिकनी हुई सड़क में कई वाहन स्लिप हुए जिससे आधा दर्जन दुपहिया वाहनों को चोटें आईं। रोज-रोज की दुर्घटनाओं एवं एक मौत के बाद ही आखिर प्रशासन को इस सड़क को ठीक करने की सुध आई है। राजपुर पुलिस द्वारा भी अपर जिलाधिकारी से इस रोड़ के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं इसे ठीक कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गयी है। सड़क पहले से ही बेहद चिकनी हो रखी थी उस पर जब हुई बरसात के कारण पुरानी चुंगी से लेकर जाखन तक सड़क के दोनों ओर का हिस्सा बेहद खतरनाक बना हुआ है। राजपुर रोड़ की बुरी स्थिति को लेकर कई बार शासन को चेताने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी। यही कारण है कि जिला प्रशासन की इस लापरवाही का शिकार कल कई दुपहिया वाहन चालकों को होना पड़ा। देहरादून से मसूरी की ओर जाने पर पुरानी चुंगी से लेकर जाखन तक राजपुर रोड की चिकनाईयुक्त स्थिति को देखकर ऐसा लगता है जैसे बिना बरसात के भी यहां पानी पड़ा हुआ है। बताते हैं कि गलत सड़क निर्माण के कारण सड़क पर ऐसी चिकनाई पैदा हो गयी है जिससे दुपहिया वाहन चालकों को लगातार खतरा बना हुआ है। यहां आधा दर्जन दुपहिया चालक ढलान पर चोटिल हुए, जबकि एक युवक को तो अपनी जान से ही हाथ धोना पड़ा। बताया जा रहा है कि नैनबाग टिहरी गढ़वाल निवासी 23 वर्षीय अरविंद सिंह सज्वाण पुत्र योगेश चंद सज्वाण अपनी बाईक से दिलाराम बाजार की ओर जा रहा था। एनआईवीएच के पास उसकी बाईक चिकनी हुई सड़क में स्लिप हो गयी जिससे अरविंद बुरी तरह से चोटिल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे उठाया और अस्पताल पहुुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि अरविंद डीएवी पीजी कालेज का छात्र था और एक कॉल सेंटर में काम भी करता था। दुर्घटना का कारण पूरी तरह से सड़क को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि न केवल अरविंद बल्कि उससे पहले कई अन्य दुपहिया चालक भी यहां चोटिल हुए। चिकनाईयुक्त सड़क बरसात के कारण दुपहिया वाहनों का यहां चलना बेहद मुश्किल हो गया था। उधर राजपुर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क के बारे में अपर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गयी है और जल्द ही प्रशासन इस सड़क की दशा सुधारने के लिए कार्रवाई करने जा रहा है।
बाईक सवार युवकों ने किया दिनदहाड़े लूट का प्रयास
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। थाना डालनवाला क्षेत्र में मंगलवार को दिनदहाड़े दो बाईक सवार युवकों ने एक नर्सिंग होम के कैशियर से चार लाख रूपयों से भरा बैग छीनने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि बदमाश बैग ले जाने में सफल नहीं हो पाए जबकि दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि बदमाशों ने छीनाझपटी के दौरान बैग से गिरे कुछ रूपए लूट भी लिए हैं। पुलिस के अनुसार नर्सिंग होम के बाहर लगे सीसीटीवी पर इन बदमाशों की साफ तस्वीर दर्ज हुई है जबकि बाईक के नंबर के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इन बदमाशों को दबोच लिया जाएगा। इस मामले में अस्पताल के अंदर से ही रेकी किए जाने की भी बात सामने आ रही है। गणतंत्र दिवस पर कड़े सुरक्षा प्रबंधों को लेकर पुलिस भले ही अपनी पीठ ठोंक रही हो लेकिन इस आयोजन के पूरा होने के साथ ही बदमाशों ने पुलिस व्यवस्थाओं को ताक पर रखते हुए दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार दिन में वैश्य नर्सिंग होम का कैशियर नयाराम सिंह चार लाख रूपए एक बैग में रख कर पास ही के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पहुंचा। जैसे ही वह बाहर निकला तभी बाहर सड़क पर एक युवक ने उनकी आंख में मिर्च झोंक दी और बैग छीनने का प्रयास किया। आंखों पर मिर्च झोंकने के बावजूद भी नयाराम सिंह ने बैग को नहीं छोड़ा और मदद के लिए चिल्लाने लगा। कुछ देर तक दोनेां के बीच बैग को छीनने को लेकर छीना झपटी हुई लेकिन बाद में बदमाश अपने एक साथी जो कि कुछ ही दूरी पर खड़ा था, बाईक में बैठ कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर डालनवाला पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। प्राथमिक उपचार के बाद नयाराम सिंह से भी पूछताछ की गयी लेकिन उसका कहना है कि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि वह मिर्च झोंकने वाले बदमाश का चेहरा ही नहीं देख पाया। बताया जा रहा है कि इन दोनों युवकों को कुछ देर पहले ही यहां बैठे हुए देखा गया था। उधर मौके पर पहुंची पुलिस का दावा है कि यह लूट में पैसा सुरक्षित है और छीनाझपटी के बावजूद भी बदमाश पैसा ले जाने में सफल नहीं हो पाए। हालांकि पुलिस भले ही पैसे न लूटे जाने का दावा कर रही है लेकिन दूसरी तरफ इस घटना में कुछ पैसा लूटे जाने की भी बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि छीना झपटी के दौरान कुछ पैसा जमीन पर गिर गया था जिसे कि बदमाश उठा कर भाग गया। डालनवाला पुलिस के अनुसार आसपास के लोगों से भी घटना के संदर्भ में पूछताछ की गयी है जबकि वैश्य नर्सिग होम पर लगे सीसीटीवी की भी जांच की गयी है। पुलिस का दावा है कि इस सीसीटीवी फुटेज में कई ऐसी जानकारियां हाथ लगी हैं जिसके बाद इन बदमाशों को जल्द ही दबोच लिया जाएगा। बदमाशों की काले रंग की पल्सर बाईक का नंबर भी पुलिस के हाथ लगा है। इस दिनदहाड़े हुई घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है तो वहीं पुलिस ने देर शाम तक कई संदिग्धों से पूछताछ भी की है।
प्रशासन के लिए चुनौती अवैध खनन रोकना
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। जनपद में वैध की आड़ में अवैध खनन रोकना प्रशासन के लिए हमेशा चुनौती रहा है। वन विकास निगम खनन खोलने की तैयारी में जुटा है। ऐसे में खनन खुलने के बाद प्रशासन के लिए अवैध खनन रोकना चुनौती होगी। एंटी माइनिंग फोर्स की तर्ज पर डीएम के अधीन भी ऐसी फोर्स का प्रस्ताव भी अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है। हरिद्वार में अवैध खनन पर कभी भी रोक नहीं लग पाती है। लेकिन वैध खनन भी जब-जब खुला उसकी आड़ में अवैध खनन भी जमकर होता रहा। 2011 से सरकारी खनन बंद होने के बाद निजी भूमि पर खनन पट्टे आवंटित किए गए थे। निजी पट्टों को खनन का वैध लाइसेंस था। इस वैध लाइसेंस की आड़ में पट्टाधारकों ने ही अवैध खनन किया। पट्टाधारकों के साथ ही खनन माफियाओं ने भी इसकी आड़ में जमकर अवैध खनन किया। यहां तक कि जिला मुख्यालय में भी अवैध खनन किया गया। अब वन विकास निगम को खनन की अनुमति मिल गई है। खनन मार्च में शुरू होना है। लेकिन उससे पहले ही जिन इलाकों में खनन पट्टे स्वीकृत हुए हैं, वहां खनन नहीं रुक रहा है। खासतौर से विशनपुर कुंडी व भोगपुर के इलाकों में खनन जारी है। ऐसे में जब विधिवत तौर पर खनन शुरू होगा तो प्रशासन के लिए परेशानी बढ़ जाएगी। अवैध खनन रोकने के लिए जनपद स्तर पर भी एंटी माइनिंग सेल की तर्ज पर डीएम के अधीन सेल बनाने का प्रस्ताव था। यह प्रस्ताव भी अब तक लटका हुआ है। अवैध खनन रोकने का मुख्य काम राजस्व विभाग का है। लेकिन राजस्व विभाग के पास अलग से इसके लिए ढांचा नहीं है। अगर अलग सेल गठित होता तो उसमें प्रशासन, पुलिस, वन विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से रहते। एसडीएम सदर बीर सिंह बुदियाल का कहना है कि राजस्व विभाग अपने स्तर से कार्रवाई करता है। वैध की आड़ में अवैध खनन न हो इसके लिए ठोस प्लानिंग की जाएगी।
किसानों का चीनी मिलों पर करोड़ों का बकाया, नहीं हो रहा भुगतान
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। सरकार की लापरवाही इस बार भी गन्ना किसानों को रुलाएगी। सवा दो करोड़ से अधिक का गन्ना अब तक किसान मिलों पर डाल चुके हैं। नए सीजन में केवल इकबालपुर मिल ने ही पांच करोड़ रुपये का भुगतान किया। लेकिन उस पर पिछले सीजन का लगभग 45 करोड़ बकाया भी है। शेष दोनों मिलों ने अभी खाता भी नहीं खोला है। पिछले साल गन्ना किसानों की जितनी फजीहत हुई थी वह इससे पहले कभी नहीं हुई। खून पसीने की कमाई घर लाने के लिए किसानों को कभी जनप्रतिनिधियों के दरवाजों पर दस्तक देनी पड़ रही है तो भी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। इतना सब कुछ होने के बाद भी अभी तक किसानों को उनका पैसा नहीं मिला है। केवल लक्सर शुगर मिल ने किसानों का पूरा भुगतान किया है, वह भी हाल फिलहाल में। उत्तम और इकबालपुर चीनी मिल पर अब भी किसानों को लग 80 करोड़ बकाया है। इस साल भी कुछ ऐसे ही आसार बनते नजर आ रहे हैं। जनपद की तीन चीनी मिलों पर अब तक लगभग 80 लाख कुंतल गन्ना डाला जा चुका है। जिसकी कीमत लगभग सवा दो सौ करोड़ रुपये है। पर अभी तक इस गन्ने का एक पैसा किसानों को नहीं मिला है। इकबालपुर मिल प्रबंधन नई खरीद का पांच करोड़ रुपये देने की बात तो जरूर कह रहा है पर मिल पर किसानों का अभी पिछली साल का ही 45 करोड़ बकाया है। ऐसे में नए भुगतान के कोई मायने नहीं रहते। सहायक गन्ना आयुक्त अशोक कुमार का कहना है कि पुराने और नए भुगतान के लिए मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। उम्मीद है जल्द की किसानों को उनका पैसा मिल जाएगा ।
हाथों हाथ देनी थी पहली किस्त
बीते दिनों गन्ना के संबंध में सरकार ने शासनादेश जारी किया था। इसमें गन्ने का भुगतान दो किस्तों में करने के निर्देश दिए गए थे। 240 रुपये की पहली किस्त किसानों को गन्ना डालने के साथ ही देनी थी जबकि शेष 40 रुपये मिल बंद होने के तीन महीने में देना था। मिले शुरू हुए डेढ़ महीने से अधिक हो चुका है पर अभी भुगतान के संबंध में कोई सुगबुगाहट नहीं है।
मिल-सरकार की मिलीभगत का लगा रहे आरोप
भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कहते हैं कि किसानों के शोषण के लिए सरकार और सरकारी मशीनरी दोनों जिम्मेदार है। सरकार की शह के कारण ही मिलें किसानों का शोषण कर रही हैं।
कांग्रेस ‘वादा निभाओ’ धरने की तैयारियों में जुटी
- -29 जनवरी को हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर धरना देंगे कांग्रेसी
- -धरने के माध्यम से पीएम व रामदेव को दिलाएंगे वायदों की याद
देहरादून, 27 जनवरी(निस)। कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योग गुरु बाबा रामदेव को काला धन भारत लाओ वायदे की याद दिलाने के लिए 29 जनवरी को हरकी पैड़ी हरिद्वार में प्रस्तावित ‘वादा निभाओ’ धरने की तैयारियों में जुट गई है। इस धरने के माध्यम से कांग्रेस द्वारा तीन मुद्दों को उठाया जायेगा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि मोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले भारत की जनता से वादा किया था कि यदि उनकी पार्टी केन्द्र में सत्ता में आती है तो 100 दिन के भीतर भारतवासियों का विदेशों में जमा काला धन भारत में लाकर भारत के प्रत्येक नागरिक को 15 लाख रूपये नकद, 25 हजार रूपये मासिक पेंशन के रूप में देने के साथ ही सारे करों से मुक्ति दिलायेंगे। देशभर में शून्य बैलेंस के साथ खाता खुलवाने के कारण आपका नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया है। जब उन्होंने शून्य बैलेंस के खातों की परिकल्पना को धरातल पर उतारा तो भारतवासियों को ऐसा लगा कि ये खाते नरेन्द्र मोदी इसलिए खुलवा रहे हैं कि सीधे-सीधे यह धनराशि को इन खातों के माध्यम से उन्हें देने का काम करेंगे। बार-बार बैंक में खातों का अवलोकन करने के बावजूद उसमें धनराशि न आने से देश की जनता अपने को ठगा सा महसूस कर रही है। श्री उपाध्याय का कहना है कि नरेन्द्र मोदी के घनिष्ठ सहयोगी रामदेव ने जनता से यूपीए सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए यह कहा था कि यदि उनकी मनचाही सरकार केन्द्र में बनी तो वे 30 दिन में विदेशों में जमा भारतीयों का काला धन वापस ले आयेंगे। हम कांग्रेस पार्टी की ओर से उन्हें जनता से किये वादे की याद दिलाना चाहते हैं। कांग्रेस चाहती है कि रामदेव केन्द्र की अपनी मनपसंद सरकार पर दबाव बनाते हुए विदेशों में जमा भारतीयों के धन को शीघ्र वापस लायें अन्यथा अपने इस वादे के पूरा न होने की संभावना के मद्देनजर देश की जनता से माॅफी मांगें अथवा कांग्रेस के इस सविनय आग्रह को स्वीकार करें कि उनके द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार के विरूद्ध चलाये जा रहे संघर्ष अभियान में वे कांग्रेस का साथ दंेगे। उनका कहना है कि इसी प्रकार भगवान विश्वनाथ की धरती वाराणसी के मतदाताओं को लुभाने के लिए नरेन्द्र मोदी ने वहां से लोकसभा का चुनाव यह कहते हुए लड़ा कि ’’गंगा ने मुझे बुलाया है‘‘। मां गंगा उत्तराखण्ड की बेटी हैं और आप उसको जन्म देने वाली धरती को भूल गये हैं, तो कैसे मां गंगा की सेवा होगी। आज वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार घट रही हैं। जब कच्चे तेल की कीमतें अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में 159 डाॅलर प्रति बैरल थीं तो तत्कालीन कांग्रेस की यू.पी.ए. सरकार ने कीमतों को नियंत्रण में रखा था। आज जब कच्चे तेल की कीमतें अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 50 डाॅलर प्रति बैरल हैं तो यह आम धारणा बन रही है कि अन्तर्राष्ट्रीय बाजार के हिसाब से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतो में इसलिए कमी नहीं आ रही है कि मोदी सरकार बडे़ सरूरदारों, जो इस व्यवसाय से जुडे़ हैं, उनके दबाव में काम कर रही है और उनके दबाव में तेल की कीमतें कम नहीं हो रही हैं। यदि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें उसी अनुपात में कम होती तो सबसे ज्यादा असर गरीब की रसोई पर पड़ता तथा आम आदमी को रसोई गैस सिलेण्डर 200 रूपये से भी कम कीमत पर मिलता साथ ही माल भाड़ा कम होने से गरीब देशवासियों को महंगाई से भी राहत मिलती। हरिद्वार में आयोजित धरने के माध्यम से केन्द्र सरकार का ध्यान इन्हीं मुद्दों की ओर आकर्षित किया जायेगा साथ ही इसी दिन संघर्ष की आगामी रणनीति पर विचार किया जायेगा।



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