अलबामा के गवर्नर ने एक भारतीय बुजुर्ग पर पुलिस के दुर्भाग्यपूर्ण बल प्रयोग की घटना के लिए माफी मांगी है। पुलिस ने छह फरवरी को 57 वर्षीय सुरेशभाई पटेल पर बलप्रयोग किया था जिससे वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए हैं। गवर्नर रोबर्ट बेंटले ने अलबामा कानून प्रवर्तन एजेंसी को इस मामले की समानांतर जांच करने का आदेश दिया है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने अपनी जांच पहले ही आरंभ कर दी है।
बेंटले ने अटलांटा में भारत के महावाणिज्यदूत अजीत कुमार को पत्र लिखकर कहा, आपकी सरकार, पटेल और हमारे राज्य में काम कर रहे एवं रह रहे भारतीय नागरिकों के साथ हुई इस दु:खद घटना के लिए मैं दिल से माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा, मैं सुरेश भाई पटेल पर मेडिसन पुलिस विभाग द्वारा अत्यधिक बल के दुर्भाग्यपूर्ण प्रयोग पर और पटेल को पहुंची चोटों पर खेद प्रकट करता हूं। उन्होंने कल लिखे पत्र में कहा कि मुझे वास्तव में उम्मीद है कि पटेल के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उनके पैरों की ताकत वापस लौट आएगी।
इस बीच पटेल के वकील हेनरी एफ शेरोड ने बताया कि पटेल की स्थिति में सुधार के बाद उन्हें हंटसविले अस्पताल से एक पुनर्वास केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया है। शेरोड ने बताया कि पटेल अब भी चल पाने में असमर्थ हैं।
पटेल की ओर से मेडिसन सिटी और दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दायर कराने वाले शेरोड ने कहा कि यह नस्लीय हमला नहीं है। यह पूछने पर कि क्या वह पुलिस के हमले को नस्लीय हमला मानते हैं, शेरोड ने कहा कि नहीं, मैं इस शब्द का इस्तेमाल नहीं करूंगा। यह भड़काने वाला शब्द है और यह इस मामले पर चर्चा में मदद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला पुलिस द्वारा शक्ति के दुरुपयोग और पुलिस की जिम्मेदारी के बारे में है।
शेरोड ने प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि पटेल का पक्ष मजबूत है और उनका मुकदमा सही दिशा में आगे बढ रहा है। पटेल के उपचार के लिए ऑनलाइन फंड एकत्र करने की मुहिम के तहत 1,87000 डॉलर एकत्र हो चुके हैं। इसमें 4,300 से अधिक लोगों ने योगदान दिया है।
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