आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली विधानभा चुनाव में अपनी जीत को ‘ईमानदारी की जीत’ करार देते हुए कहा है कि यह जनादेश ‘अज्ञानी, आक्रामक और नकारात्मक राजनीति’ के खिलाफ है. समर्थकों से संयम बरतने का आग्रह करते हुए आप नेताओं ने कहा कि पार्टी ‘शिष्टता’ नहीं छोड़ेगी और हारने वालों को चिढ़ाना नहीं है. आप नेता मनीष सिसोदिया ने रूझानों में पार्टी को बड़ी जीत मिलने के संकेत आने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह ईमानदारी की जीत है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी दूसरी पार्टी को इतिहास में ऐसा सम्मान नहीं मिला. यह हमारे ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है.’’ सिसोदिया ने कहा कि लोग पहले की राजनीति से परेशान हो गए थे और वे स्वच्छ एवं प्रगतिशील राजनीति को मौका देना चाहते थे.
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करता हूं कि जब सरकार बनेगी तो केंद्र और राज्य सरकार के बीच सकारात्मक स्पर्धा होगी, स्वस्थ राजनीति होगी.’’ पार्टी के नेता संजय सिंह ने इस जीत को कार्यकर्ताओं को समर्पित करते हुए कहा कि यह ‘अज्ञानी, आक्रामक और नकारात्मक राजनीति’ के खिलाफ जनादेश है. उन्होंने कहा, ‘‘हम शिष्टता नहीं त्यागेंगे. जीत के बाद हम विनम्र और संगठित रहेंगे. हम दूसरे को चिढ़ाने और नीचा दिखाने में नहीं पड़ेंगे. हमने अपना प्रचार अभियान विनम्र तरीके से चलाया और ऐसा करना जारी रखेंगे.’’ आप के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल आशीष खेतान ने कहा कि पार्टी अपने घोषणापत्र के हर बिंदु पर काम करेगी.
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