टोंकों-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने आज दिनांक- 18.02.15 को कलेक्टेªट कार्यालय सीधी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कलेक्टेªट कार्यालय परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना एवं धरने में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग को गैरकानूनी बताते हुये दोषियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण कायम किये जाने की मांग की है। आगे श्री तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में दोहरी व्यवस्था न तो संवैधानिक है, न ही नैतिक है। इसी कारण कानून की नजर समानता की है। लेकिन सीधी में इसके विपरीत स्थिति है तभी तो आम एवं खास की नीति चलाई जा रही है। श्री तिवारी ने कहा कि किसानों द्वारा अपनी भूमि की लूट तथा अन्याय, अत्याचार के खिलाफ इंसाफ हेतु कलेक्टेªट कार्यालय परिसर में धरने की अनुमति चाही गयी तो गोपदबनास एस0डी0एम0 महोदय जो आज अन्य के साथ स्वतः धरने पर बैठे थे उन्होंने लम्बे, चैड़ें कानून का हवाला देते हुये अनुमति नहीं प्रदान की और कहा कि कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट सीधी के आदेश क्रमांक- 779/आर0डी0एम0/2013 सीधी दिनांक- 18.12.2013 से कलेक्टेªट कार्यालय परिसर सीधी को कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा- 18 के अन्तर्गत प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाकर किसी व्यक्ति के द्वारा यदि उपरोक्तानुसार ऐसी कोई कार्यवाही की जाती है तो म0प्र0 कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा- 15(1), (2) एवं (16) के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।
श्री तिवारी ने कहा कि हालांकि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ भाजपा नेताओं द्वारा की गई मारपीट की हम घोर निंदा करते हैं तथा गुण्डागर्दी के विरूद्ध कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल का समर्थन भी करते हैं तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी अपील है कि जिनका आचरण ठीक नहीं है उन्हें भी अपने आचरण एवं व्यवहार को ठीक करने की जरूरत है। श्री तिवारी ने कहा कि इस बात की खुशी है कि कम से कम जब अपने ऊपर बीता तो अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आंदोलन जैसे अस्त्र को जिसे संविधान में प्रतिकार हेतु प्रदान किया गया है उसका महत्व समझ में आया। श्री तिवारी ने आशा की है कि कलेक्टेªट कार्यालय परिसर को जनता को अपनी बात रखने के लिये, शान्ति पूर्वक धरने एवं प्रदर्शन के प्रतिबंध से अलग किया जायेगा।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें