व्यापम घोटाले को लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, हालात इतने बेकाबू हो गए की पुलिस को इसे काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता विधानसभा का धेराव करने निकले थे पर पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. बीते दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने व्यापम घोटाले में सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शामिल बताया था. इसके बाद से ही मध्यप्रदेश प्रदेश में व्यापम घोटाले पर सियायत तेज हो गई है.
दिग्विजय सिंह ने नयी एक्सेल सीट जारी की जिसमें 48 जगहों पर शिवराज का नाम है. मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले ने नया मोड़ लिया है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भोपाल मे पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया है कि व्यापम घोटाले मे पेश की गयी एक्सेल सीट मे बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गयी है.
इस सीट मे से 48 जगहों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का नाम था जिसे हटाकर उस जगह पर मिनिस्टर और उमा भारती लिखा गया. दिग्विजय सिंह द्वारा पेश की गयी इस सीट मे मिनिस्टर 01, मिनिस्टर 02 और मिनिस्टर 03 और मिनिस्टर 04 लिखा था जिसे हटाया गया.
दिग्विजय सिंह का दावा है कि वास्तविक सीट यही है जिसे उन्होंने एसआईटी के सामने रखा है और शपथ पत्र देकर रखा है. दिग्विजय सिंह का कहना है इसी सीट के आधार पर पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत को गिरफ्तार किया गया इसलिए शिवराज को गिरफ्तार किया जाये और वह इस्तीफा दें. दिग्विजय ने कहा की वक़्त आने पर बता देंगें ये एक्सेल सीट कहां से निकली गयी है.
मध्यप्रदेश में नौकरियों की बन्दरबांट की गई. मध्य प्रदेश का भर्ती घोटाला दरअसल दो हिस्सों में बंटा हुआ है. पहला तो ये कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाओं में धांधली हुई. वहीं दूसरा सरकारी नौकरियों के लिए हुई परीक्षाओं में भी गड़बड़ी करके नाकाबिल लोगों को नौकरी दी गई. पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को फिलहाल शिक्षकों की भर्ती के लिए हुई परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार किया गया लेकिन इस बार का चुनाव हार चुके शर्मा पर मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं के फर्जीवाड़े का भी आरोप है.
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