बी.एस.एन.एल. कर्मियों के द्वारा नई दिल्ली में ‘संसद मार्च’ 25 फरवरी को - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 18 फ़रवरी 2015

बी.एस.एन.एल. कर्मियों के द्वारा नई दिल्ली में ‘संसद मार्च’ 25 फरवरी को

  • ‘बी.एस.एन.एल.  बचाओ-देश बचाओ’के समर्थन में कर्मी
  • 1 करोड़ देश की जनता का हस्ताक्षर पीएम नरेन्द्र मोदी को सौंपा जाएगा

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पटना। बजट सत्र के दौरान बी.एस.एन.एल.  कर्मियों के द्वारा नई दिल्ली में ‘संसद मार्च’ 25 फरवरी 2015 को और ‘बी.एस.एन.एल.  बचाओ-देश बचाओ’के समर्थन में पीएम नरेन्द्र मोदी को 1 करोड़ देश की जनता का हस्ताक्षर सौंपा जाएगा। इस आशय का निर्णय फोरम आॅफ बी.एस.एन.एल.  यूनियन/एसोसिएशन बी.एस.एन.एल. ,बिहार दूर संचार परिमंडल की ओर से बुधवार को ‘राज्यस्तरीय सम्मेलन’ में लिया गया। अगर पीएम मोदी के द्वारा कदम नहीं उठाया गया तो बी.एस.एन.एल. बचाओ-देश बचाओ’ के तहत बी.एस.एन.एल.  के 2.5 लाख कर्मियों के द्वारा 17 मार्च 2015 से देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य हो जाएंगे। 

बताते चले कि बी.एस.एन.एल.  के गैर-अधिशासी एवं अधिशासी कर्मियों के साझा संगठन ‘ फोरम आॅफ बी.एस.एन.एल.  यूनियन/एसोसिएशन’ ने केन्द्र सरकार एवं बी.एस.एन.एल. प्रबंधन से बी.एस.एन.एल.  के पुनरूथान के लिए तत्काल 21 सूत्री कदम उठाने का आह्वान किया है। ‘ बी.एस.एन.एल.  बचाओ देश बचाओ’कार्यक्रम के तहत अगले चरण में 25 फरवरी 2015 को नई दिल्ली में ‘संसद मार्च’ एवं 17 मार्च 2015 से देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का आयोजन होगा। बी.एस.एन.एल. विगत चार वर्षों से लगातार घाटे में चल रहा है। इसकी बाजार हिस्सेदारी भी घटकर लगभग 10 प्रतिशत रह गयी है। ऐसा होने का प्रमुख कारण है-आवश्यक उपकरणों जैसे मोबाइल, कनेक्शन, केबल, ब्राडबैंड, माॅडम, ड्रोपवायर, आॅप्टीकल फाइबर केबल,मोबाइल टावर आदि की खरीद नहीं हो पाना, फलस्वरूप सेवा की गुणवत्ता में ह्मस एवं विकास तथा विस्तारण पर पूर्णविराम है। भारत सरकार के द्वारा स्पेक्ट्रम के नाम पर बी.एस.एन.एल.  के खजाना को खाली कर देना, बी.एस.एन.एल.  को विभाजित करने की योजना, बी.एस.एन.एल.  के निर्माण के समय किये गये वादों से मुकरना एवं दोषपूर्ण नीतिगत फैसले भी बी.एस.एन.एल.  को घाटे में लाने का प्रमुख कारण है। 

इस संबंध में फोरम आॅफ बी.एस.एन.एल.  यूनियन/एसोसिएशन भारत सरकार एवं बी.एस.एन.एल.  प्रबंधन के समक्ष कई सुझाव प्रस्तुत किए गए परन्तु सभी अनसुने कर दिए गए। फोरम के द्वारा देशभर में राज्यस्तरीय सम्मेलन का आयोजन केन्द्रीय नेतृत्व की अगुवाई में किया जा रहा है और इसी कड़ी में बुधवार को बिहार दूर संचार परिमंडल द्वारा पटना में राज्यस्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। पूर्व राज्यस्तरीय नेतृत्व की अगुवाई में संपूर्ण बिहार में जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया एवं जनता से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और अब तक पूरे बिहार में लाखों हस्ताक्षर एकत्रित किए गए है। 

केन्द्रीय मुख्यालय से आए ए पी दहिया, सहायक महासचिव/एसएनईए,स्वपन चक्रवती,उप सचिव/ बी.एस.एन.एल.  आर सी पांडे,महासचिव /बीटी ई यू और चंदेश्वर सिंह,महासचिव/एनएफटी ई ने बी.एस.एन.एल.  कर्मियों का आह्वान किये  िकइस अभियान में पूर्ण रूप से भाग लेकर इसे सफल बना दें। सम्मेलन की शुरूआत में श्रवण दूबे, संयुक्त संयोजक ने सभी जिले के अतिथियों के परिचय से किए। सभी अतिथियों का स्वागत फोरम के संयोजक रतीश कुमार ने अपने स्वागत भाषण से किए। ‘बी.एस.एन.एल.  बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत बिहार में जितने भी कार्यक्रम हुए उनसे सभा को अवगत कराए एवं हस्ताक्षर अभियान में हुई प्रगति के बारे में बताए। पूर्र सम्मेलन की अध्यक्षता बैकुंठ प्रसाद सिंह ने की। श्री सिंह फोरम आॅफ बिहार के अध्यक्ष भी हैं। फोरम के सभी परिमंडलीय सचिवों ने भी सम्मेलन को संबोधित किए। श्रीकृष्णा कुमार/एआई बी.एस.एन.एल.  ईए, मनोज कुमार झा,/बीटी ईयू, वंशी अहमद/ए आई जी ईटी ओए, विजय कुमार/एसएनएटीटीए और रामेश्वर प्रसाद सिन्हा परिमंडलीय सचिव एफ एन टी ओ ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन किए। 

इस सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि बी.एस.एन.एल.  कर्मी भारत सरकार की सभी ऐसी नीतियों एवं कार्य का हर संभव विरोध करेगी जो बी.एस.एन.एल.  को घाटे में पहुंचाने के लिए जिम्मेवार है एवं भारत सरकार से बी.एस.एन.एल. की आर्थिक दशा को सुधारने के लिए सभी संभव उपायों पर निर्णय लेने की मांग की है। बी.एस.एन.एल.  न सिर्फ बी.एस.एन.एल.  कर्मियों की कंपनी है बल्कि यह एक राष्ट्रीय संपति है जो देश की सेवा में आम जनता के हित में कार्य करती है। साथ ही साथ बी.एस.एन.एल.  कर्मियों का आह्वान किया गया है कि गा्रहकों की अच्छी सेवा एवं उनका विश्वास जीतकर बी.एस.एन.एल. को मजबूती प्रदान करें।


आलोक कुमार
बिहार 

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