कांग्रेस भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का आगामी बजट सत्र में पुरजोर विरोध करेगी, क्योंकि उसका मानना है कि अगर यह कानून बन गया तो किसानों व आजीविका गंवाने वालों के हितों की पूरी तरह अनदेखी होगी क्योंकि इससे जबरिया अधिग्रहण की राह खुलेगी। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि यह अध्यादेश काला अध्यादेश है। हम संसद में इसका विरोध करने जा रहे हैं। हम इस अध्यादेश के खिलाफ जन रैलियां कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस अकेली नहीं है बल्कि अनेक अन्य राजनीति दल भी इस अध्यादेश के खिलाफ हैं, क्योंकि यह विधेयक किसानों व आजीविका गंवाने वालों के हितों पर कुठाराघात के समान है। अनेक विपक्षी दलों तथा नागरिक आंदोलनों ने विवादास्पद भू अधिग्रहण अध्यादेश पर केंद्र को चुनौती दी है। रमेश ने पीटीआई भाषा से कहा कि इस अध्यादेश से जबरिया अधिग्रहण का 1894 वाला तरीका फिर खुलेगा। यह वह सब अधिकार कलेक्टर को वापस दे देगा जो कि हमने कलेक्टर से लेकर ग्राम सभाओं को दिया था।
उल्लेखनीय है कि संप्रग- दो का महत्वपूर्ण कानून, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का विचार था। उन्होंने कहा कि हमारे 2013 के कानून में हमने न केवल भूमि मालिकों बल्कि आजीविका गंवाने वालों, जिनकी आजीविका अधिग्रहीत की जा रही भूमि पर निर्भर है, के लिए भी मुआवजा रखा था। लेकिन अगर यह अध्यादेश कानून बन गया तो वह सब पूरी तरह समाप्त होने जा रहा है। तो कई तरीके से यह अध्यादेश 1894 की वापसी है।

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