जिनेवा के एचएसबीसी बैंक में भारत के करीब 60 कालाधन खाताधारकों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के दौरान सरकार इन लोगों के नामों का खुलासा भी कर सकती है।
आपको बता दें कि जिन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है, उनमें कुछ कॉर्पोरेट, कारोबारी घराने और अन्य लोग शामिल हैं। इस दिशा में आयकर विभाग ने अपनी जांच पूरी कर ली है। एसआईटी के निर्देशों पर इन लोगों के खिलाफ अभियोजन के लिए शिकायतें दाखिल की हैं। इन खातों में 1500 से 1600 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इन मामलों में 31 मार्च तक की सीमा है, जिसके बाद इनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि ये मामले 2008-09 की अवधि से संबंधित हैं।
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एमबी शाह की अगुवाई वाली एसआईटी ने दिसंबर, 2014 में सरकार और सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि एचएसबीसी की जिनेवा शाखा की लिस्ट में से काला धन रखने वाले खाताधारकों के नामों को जल्द बताया जाएगा। इससे पहले स्विटजरलैंड ने कहा है कि वह भारत के साथ तेजी से सहयोग कर रहा है। याद रहे कि स्विटजरलैंड ने पहले भारतीयों के स्विस बैंक खातों के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया था।

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