दिल्ली में आज का दिन आम आदमी पार्टी के नाम रहा. दिल्ली के इतिहास में इससे पहले न कभी हुआ था और न कभी होने की उम्मीद है जो काम अरविंद केजरीवाल ओर उनकी टीम ने कर दिखाया है. दिल्ली विधानसभा के नतीजे चौकाने वाले रहे.
आम आदमी पार्टी के आगे भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कहीं नहीं टीम पायी. दोनों की राष्ट्रीय पार्टी की करारी हार हुई है. दिल्ली विस चुनाव में भाजपा की हार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार मानी जा रही है. बहरहाल 70 में से 67 सीट जीत कर इतिहास रचने वाली 'आप' पार्टी के संयोजक अरविंद केजररीवाल को विधायक दल का नेता चुन लियया गया है. अब केजरीवाल 14 फरवरी को दिल्ली के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. फिलहाल केजरीवाल दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलने पहुंचे हैं. एलजी से मिलकर अपना दावा पेश करेंगे.
गौरतलब हो कि मोदी के विजय रथ को रोकते हुए आम आदमी पार्टी ने आज दिल्ली विधानसभा चुनावों में 70 में से 67 सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा को महज तीन सीटों पर समेट दिया और कांग्रेस का पूरी तरह सफाया कर दिया. मोदी के लिए रायशुमारी माने जा रहे इस चुनाव में आप ने भाजपा और कांगे्रस के दिग्गजों को उनके ही गढ में करारी शिकस्त देकर एक नई इबारत लिख दी. भाजपा नेताओं ने चुनावी हार को झटका मानते हुए इसे स्वीकार किया लेकिन इन सुझावों को मानने से इंकार कर दिया कि ये परिणाम मोदी सरकार के प्रदर्शन पर जनादेश हैं.
आप द्वारा हासिल की गयी यह उपलब्धि दिल्ली के लिये अपने आप में कीर्तिमान है. विगत में शायद ही किसी राज्य में ऐसा देखने को मिला हो. केवल 1989 में सिक्किम संग्राम परिषद ने विधानसभा की सभी 32 सीटें जीती थीं. राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी तथा आप के चुनावी समर के चेहरा बने अरविन्द केजरीवाल ने स्वयं नई दिल्ली विधानसभा सीट से अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की नुपुर शर्मा को 31500 मतों के भारी अंतर से पराजित किया. इस सीट पर तीसरे स्थान पर रही पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस प्रत्याशी किरण वालिया को महज 4700 वोट मिले और वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पायीं. चुनाव परिणाम आने के बाद हुई आप की विधायक दल की बैठक में केजरीवाल को नेता चुना गया.
भाजपा के लिए सबसे बडा झटका उसकी मुख्यमंत्री पद की प्रत्याशी किरण बेदी का पारंपरिक रुप से भाजपा का गढ मानी जाने वाली कृष्णानगर विधानसभा सीट से हार जाना रहा. उन्होंने यह सीट दो हजार से अधिक मतों से गंवायी. इस सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन कई बार भारी अंतर से जीतते रहे हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें