- सीहोर में मिले तीन मरीज, दो की हालत गंभीर एक वेंटिलेटर पर
- स्वाईन फ्लू से एक की मौत
एक कहावत है "जब रोम जल रहा था तब उसका शाशक नीरो चैन की बंसी बजा रहा था" जी हां आजकल यह कहावत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चोहान पर भी लागु होती है देश-प्रदेश मे "स्वाइन flu " एक महामारी का रुप ले चुका है देश मे 500 से ऊपर मोते हो चुकी है प्रदेश मे भी 67 लोगो की जान जा चुकी है ओर कई मोत से संघर्ष कर रहे है मुख्यमंत्री के ग्रह जिले सीहोर में भी तीन लोगो की स्वाईन फ्लू के मरीजो की पुष्टि हुई है जो भोपाल के अस्पतालों में इलाज करा रहे है जिसमे से दो की हालत गंभीर और एक वेलेन्तिलेटर पर है वंही एक और सलकनपुर के पास इटारसी ग्राम के 28 वर्षीय युवक महेश की भोपाल के हमीदिया अस्पताल में स्वाईन फ्लू के उपचार के दोरान मौत हो गई है लेकिन अफसोस जहाँ मोदी क्रिकेट डिप्लोमेसी मे बिजी है बीते 24 घंटे मे मोदीजी 16 टॣवीट क्रिकेट को लेकर कर चुके है पडोसी देशो के प्रधानमंत्रीयो को फोन कर बधाई देने मे बिजी है वही मुख्यमंत्रीजी विदेश घुम आये है ओर अब बेटी की शादी ओर नगर भोज मे बिजी है ।
यहाँ आवश्यकता इस बात की है कि इस महामारी को नेशनल आपदा घोषित क्यो नही किया जाता..आलम यह है कि इंदोर जैसै शहरो मे स्वाइन flu की जांच की सरकारी सुविधा नही है जो रोगी एडमिट हुऐ उनमे से 25% को सरकार बचा नही पायी । ओर निजी चिकित्सालय मे इस बीमारी के इलाज का खच॔ सरकार वहन करेगी कहकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे है चिकित्सा मंत्री ओर पीएस पर कारवाई क्यो नही की जा रही ? विंडबना देखिऐ भारत सरकार ओर मध्य प्रदेश सरकार तापमान बढने का इंतजार कर रहे है ताकि स्वाइन flu का वायरस कमजोर पड जाये । मेरे जेहन मे कुछ सवाल है जिनका जवाब सरकार के पास नही है लेकिन जवाब ढुढंने की कोशिश मे ही इसका हल छिपा है ।
यह रहे मेरे सवाल-
- 1-स्वाइन फ्लू से निपटने की फहले से क्या तैयारी थी ?
- 2-अगर तैयारियाँ पुरी थी तो स्वाइन फ्लू इतना तेजी से क्यो फैला ओर लोग क्यो मरते रहे ?
- 3-भोपाल और इंदोर जैसै शहर मे स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा क्यो नही ? क्या यह सरकारी तैयारियाँ की पोल नही खोल रही ?
- 4-प्रधानमंत्री ओर मुख्यमंत्री को इसे आपदा घोषित कर मुख्यमंत्रीयो ओर प्रदेश मे अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर जिम्मेदारो पर कारवाई ओर तेजी से बचाव के उपाय घोषित नही करने चाहिए थे ?
- 5-क्या चिकित्सा मंत्री "नरोततम मिश्रा ओर पीएस प्रवर कृशन का जिम्मेदार नही माना जाना चाहिए?
- 5-जिला स्तर पर स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा पहले से नही कर दी जानी चाहिए थी ?
- 6-देश मे 500 लोगो की मोत के बाद भी विपक्ष का खामोश बैठना उचित है ? क्या विपक्ष सिफ॔ सेकुलर सिस्टम कमजोर होने या घर वापसी पर बोलने के लिऐ ही है ?
- 7-प्रधानमंत्री इस आपदा पर चुप है तो कांग्रेस के युवराज कहा गुम है ?
- 8-इतनी महामारी ओर मोतो के बाद भी इसकी दवा टेमी फ्लू जिला चिकित्सालयो तक क्यो नही पहुँची ?
हृदेश राठौर सीहोर
मो. 9300635907

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