आईआईटी-दिल्ली के निदेशक के रूप में आर. के. शेवगांवकर के बने रहने संबंधी अनिश्चितता के बीच आज वह अपने कार्यालय पहुंचे और वहां संकाय सदस्यों के साथ बैठक की.
शेवगांवकर के इस्तीफे के बाद तीन महीने की नोटिस अवधि कल ही समाप्त हो चुकी है. उनसे मिलने वाले संकाय के एक सदस्य ने कहा, वह प्रसन्न थे और ‘‘वास्तविक निदेशक’’ के रूप में अपना काम किया.
शेवगांवकर को अभी तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पद छोड़ने संबंधी आदेश नहीं मिला है. वहीं मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि कोई भी नियम उन्हें पद पर बने रहने से नहीं रोकता है. हालांकि अभी कुछ स्पष्ट नहीं है कि मंत्रालय इस फैसले में देरी क्यों कर रही है.
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