नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम जहां पैसे का रोना रो रहा है। वही तंगहाल उत्तरी दिल्ली नगर निगम बुजुर्गों की पेंशन तक रोके बैठा है। वहीँ निगम के छोटे कर्मचारी बेलदार पिछले 2009 के अपनी बकाया एरियर की मांग करते हुए संघर्ष कर रहे हैं। बेलदरों को निगम द्वारा वर्दी तक नहीं दी जा रही है। जबकि निगम के आलाधिकारी और निगम पार्षद मालामाल हो रहे है और निगम कंगाली के कगार पर खड़ा है। निगम के मुताबिक केंद्र सरकार से 300 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव है लेकिन राजस्व वसूली के लिए कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम के कर्मचारी समय समय पर प्रदर्शन और धरना दे चुके हैं किन्तु हर बार इन्हे आश्वासन देकर चुप करा दिया जाता है। बेलदार को ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया की उनसे उनकी सर्विस बुक में हस्ताक्षर भी करा लिए किन्तु अभी तक उन्हें एरियर नहीं दिया गया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम अभी कर्मचारी बेलदारों को समय से वेतन भी नहीं दे रहा है जिसके कारण उनके घर का बजट बिगड़ रहा है। बहराल बेलदार निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का मन बना रहे है। निगम अधिकारीयों कानों तक इनकी आवाज पहुंचेगी इस बात में संदेह है।

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