शराब के थोक बिक्री मामले पर भाजपा कांग्रेस में बढ़ी तल्खी, आरोप -प्रत्यारोप का दौर शुरू
देहरादून,5 मार्च, (निस)। नेता प्रतिपक्ष पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र कुमार ने कहा है कि जब वे आरोपों की ऐसी पिचकारी मार रहे हो तो गुलाल हमें भी लगाना चाहिए। उन्होंने भाजपा और शराब सिडकेंट के अमर प्रेम की व्यख्या करते हुए एक सूची भी जारी की, जिसमें 80 प्रतिशत से अधिक व्यवसाय एक ही सिडिकेट के पास दर्शाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा शासनकाल में शराब नीति के विरूद्ध जाकर 15 रुपये प्रति लीटर के मूल्य वृद्धि का शासनादेश भी जारी किया। श्री कुमार ने आरोप लगाया कि शराब व्यावसायियों को लाभ पहुंचाने के लिये यह वृद्धि की गई। शराब माफिया से भाजपा के गहरे रिश्ते रहे है और नेता प्रतिपक्ष उनके हितों की लड़ाई लड़ते हुए गैरसैण विधान सभा सत्र में ही दिखायी दे रहे है, जब गैरसैण में विधान सभा सत्र के दौरान इतिहास लिखा जा रहा था, उस मौके पर भी शराब व्यावसायियों की लड़ाई लड़ना ही मुनासिफ समझा। यह उनका शराब व्यवसायियों के प्रति अमर प्रेम को दर्शाता है। उन्होंने भाजपा मुख्यालय में हुई चोरी की रिपोर्ट भी पत्रकारों को जारी की, जिसके पेज नं.5 पर स्पष्ट उल्लेख है कि शराब वालों से चुनाव में लड़ने के लिये लाखों रुपये का चंदा आया था, जिसमें कुछ पैसे से भाजपा मुख्यालय खरीदा गया है। उन्होंने यह भी अरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने जिस प्रकार से रेल बजट, आम बजट विशेष राज्य का दर्जा केन्द्र पोषित योजनाओं में राज्य के हितों पर कुठाराघात किया है, उससे भी जनता का ध्यान हटाने के लिये नेता प्रतिपक्ष एफ.एल.टू. पर अटक गये है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से मिलकर उन्हे केदारनाथ आने का दिया न्यौता
देहरादून,5 मार्च, (निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरूवार को नई दिल्ली मंे राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से भेंट की। मुख्यमंत्री श्री रावत ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से अप्रैल 2015 में भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर केदारनाथ आने का आग्रह किया। राष्ट्रपति श्री मुखर्जी ने मुख्यमंत्री श्री रावत के आग्रह को स्वीकार करते हुए कहा कि वे केदारनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर आएंगे। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारित हो गई है। केदारनाथ उत्तराखण्ड के चारधाामों में से एक महत्वपूर्ण धाम है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के कारण भगवान केदारनाथ के मंदिर को काफी नुकसान हुआ था। इससे देश-दुनिया में राज्य की चारधाम यात्रा के बारे में असुरक्षित यात्रा का गलत संदेश गया था। जबकि राज्य सरकार ने अपने प्रयासों से केदारनाथ मंदिर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए भी सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा से फिर से तीर्थ यात्री पहले की तरह जुड़ सके, इसके लिए प्रभावी कदम उठाये गये है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि यदि इस चारधाम यात्रा के अवसर पर राष्ट्रपति उत्तराखण्ड भ्रमण पर आते है, तो इससे देश-दुनिया मंे सुरक्षित चारधाम यात्रा का संदेश भी जायेगा। श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा राष्ट्रीय स्वाभिमान से भी जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि वे सभी राज्यवासियों की भावनाओं के अनुरूप राष्ट्रपति को आमंत्रित करने आये है। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. संजय चैधरी आदि उपस्थित थे।
राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने राज्सवासियों को दी होली की शुभकामनायें
देहरादून,5 मार्च, (निस)। उत्तराखंड के राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों को होली की बधाई एवं शुभकामनायें दी है। रंग और उल्लास के इस पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि ‘‘जीवन में हर्ष, उल्लास, उमंग और उम्मीदों के रंग भरने वाले इस पर्व के आनन्द को और कई गुना बढ़ाया जा सकता है अगर हम आपसी मतभेदों, ईष्र्या तथा कटुता की भावनाएं त्याग कर भाई-चारे, प्रेम व सहयोग की भावनाओं के साथ इस पर्व को मनायें। इससे समाज में शांति का माहौल बनेगा जो राज्य व देश को उन्नति के पथ पर अग्रसर करेगा।‘‘ वहीं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने होली पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि होली का पर्व सामाजिक सौहार्द और आपसी एकता को बढ़ाने वाला पर्व है। उन्होने आशा व्यक्त की, कि रंगो का यह पर्व सभी के जीवन में हर्ष एवं उल्लास लेकर आयेगा। मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से मिल-जुलकर आपसी भाई चारे के साथ इस पर्व को मनाने की अपील की है।
नगर निगम में 8 मार्च को मनाया जाएगा चकबंदी दिवस
देहरादून, 5 मार्च, (निस)। गरीब क्रांति अभियान के तहत आठ मार्च को नगर निगम देहरादून कार्यालय सभागार में चकबंदी दिवस मनाया जायेगा। हिन्दी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में गरीब क्रांति अभियान के कुंवर सिंह भंडारी ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड की मांग के पीछे मुख्य उद्देश्य यह था कि पहाडों का समग्र विकास होगा। यहां के लोगों को अपने ही गांव व घर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, लेकिन यदि धरातलीय स्थिति का आंकलन करें तो पायेंगे की राज्य गठन के बाद हजारों गांव जन शून्य हो चुके हंै। इसके स्थाई समाधान की दिशा में कार्य नहीं हुआ तो पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के भविष्य के लिए यह शुभ संकेत नहीं है जो कि सामरिक दृष्टिकोण से देश में नहीं है। सरकारों के पलायन रोकने के लिए कई योजनाओं को अमलीजामा पहनाया गया लेकिन इनसे भी पलायन रोकने का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। पर्वतीय राज्य में कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनायें हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यहीं पर बिखरे हुए खेतों की है और इस समस्या का निदान है चकबंदी। सरकार को इस ओर त्वरित गति से कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है। गरीब क्रांति के कार्यकर्ताओं के द्वारा चकबंदी के अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार के लिए वर्ष 2012 में चकबंदी दिवस मनाया जाना शुरु हुआ था। प्रवासी उत्तराखंडियों तक चकबंदी की जानकारी ने पर्वतीय ग्रामों में चकबंदी का विभाग गठन कर इस दिशा मंे कार्य करना शुरू किया और सरकारी स्तर पर इसके लिए ड्राफ्ट कमेटी का गठन भी किया गया है। जिसमें चकबंदी अभियान के प्रणेता गणेश सिंह गरीब को सदस्य के रूप में लिया गया है। पत्रकार वार्ता में पंकज गुसाईं, अमित गुर्साइं, रजनीकांत कुकरेती, अखिलेश बुड़ाकोटी, चंदन सिंह नेगी, जगवीर चैहान आदि मौजूद रहे।
हज कोटा बढवाने के होंगे प्रयासः शेर मुहम्मद
- हज़ के लिए अंतिम तिथि तक कुल 4634 आवेदन हुए प्राप्त
देहरादून, 5 मार्च, (निस)। उत्तराखण्ड हज कमेटी अध्यक्ष हाजी राव शेर मुहम्मद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि उत्तराखण्ड हज कमेटी में आवेदन जमा करने का कार्य 19 जनवरी 2015 से लगातार चल रहा था। जिसमें गत 2 मार्च की अंतिम तिथि आवेदन जमा करने की थी। अंतिम तिथि तक कुल 4634 आवेदन हुए हैं जो गत वर्ष से काफी अधिक हैं। राव शेर मोहम्मद ने कहा कि राज्य का कोटा 835 है। आरक्षित श्रेणी के फार्म 1190 आये हैं। इस साल फ्रेश आवेदन और रिजर्व कैटेग्री के आवेदनों को देखते हुए आवंटित कोटे के विपरीत 4634 आवेदन हुए हैं जिसको देखते हुए बहुत से आवेदकों को निश्चित रुप से वेटिंग लिस्ट में आना सम्भावित है। इस प्रकार हज आवेदकों के लिये स्थिति काफी निराशजनक है। ऐसे में प्रदेश का कोटा बढ़ना जरूरी है जिसके लिये आॅल इण्डिया हज कमेटी मुम्बई एवं केंद्र सरकार से लगातार सम्पर्क कर स्थिति को सामने रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी मिलकर रिजर्व कैटेग्री एवं जनरल कैटेग्री के बारे में अवगत कराया जायेगा। जिसकी पहले भी मुख्यमंत्री को सूचना दी जा चुकी है। जिलेवार अल्मोड़ा से 25, बागेश्वर से 2, चमोली से 4, चम्पावत से 17, देहरादून से 984, हरिद्वार से 1921, नैनीताल से 466, पौड़ी से 27, पिथौरागढ से 2, टिहरी से 13, उधमसिंहनगर से 1205 तथा उत्तरकाशी से 4 से आवेदन जमा हुए हैं।

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