कांग्रेस ने आज आराेप लगाया कि मोदी सरकार ने पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और देश के अन्य महान नेताओं की छवि खराब करने तथा अपने राजनीतिक फायदे के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों को लीक किया है। कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यहां पार्टी की नियमित ब्रीफिंग में कहा कि मोदी सरकार, भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एकमात्र उद्देश्य पंडित नेहरू की छवि खराब करना है। वे संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए महान नेताओं का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी से जुड़े कुछ दस्तावेजों की ‘नोटिंग’ लीक की गयी लेकिन उनसे जुड़े बाकी हिस्सों को नहीं बताया गया ताकि पूरी तस्वीर सामने न अाने पाए। उन्हाेंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले में बयान देने और सारे तथ्य जनता के सामने लाने की मांग की।
प्रवक्ता ने कहा कि नेताजी से जुड़ी 58 फाइलें प्रधानमंत्री कार्यालय में तथा 29 गृह मंत्रालय में गोपनीय फाइलों के रूप में रखी गयी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत दिसंबर में कहा था कि इन फाइलों को राष्ट्रीय सुरक्षा तथा मित्र देशों से संबंधों को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर मौजूदा गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनाव के दौरान कहा था कि सत्ता में आने पर उनकी सरकार नेताजी से संबंधित हर पर्चे को सार्वजनिक करेगी। उन्हाेंने कहा कि अगर सरकार चाहती है तो सभी फाइलों को सार्वजनिक क्यों नहीं करती।
श्री सिंघवी ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं कि 1948 से 1968 के बीच नेताजी के परिजनों की जासूसी करायी गयी। इस दाैरान पंडित नेहरू के अलावा लाल बहादुर शास्त्री, गुलजारी लाल नंदा तथा इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। इस तरह इन सभी नेताओं पर आक्षेप किया गया है। इसके अलावा गुप्तचर ब्यूरो गृह मंत्रालय के अधीन आता है इसलिए ये आक्षेप उस दौरान गृह मंत्री रहे सरदार वल्लभ भाई पटेल, सी राजगाेपालाचारी, कैलाशनाथ काटजू, गोविंद बल्लभ पंत, लाल बहादुर शास्त्री, गुलजारी लाल नंदा तथा यशवंत राव चव्हाण पर भी है। उन्हाेंने सवाल किया कि भाजपा इन सबकी छवि खराब करने की कोशिश क्यों कर रही है। भारत का इतिहास और उपलब्धियों इन महान नेताओं की उपलब्धियों से अलग कर नहीं देखी जा सकती।

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