विदेशों में जमा काले धन को स्वदेश में लाने संबंधी “अघोषित विदेशी आय एवं संपत्ति (कराधान) विधेयक 2015” को आज राज्यसभा की मंजूरी मिलने साथ ही इस पर संसद की मुहर लग गयी। चार घंटे की चर्चा के बाद सदन ने इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया जबकि लोकसभा इसे सोमवार को पहले ही पारित कर चुकी थी।
चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने अरूण जेटली ने कहा कि सरकार देश को काले धन की समस्या से हमेशा
के लिए निजात दिलाने के लिये कटिबद्ध है और इस कानून से विद्यार्थियों, पेशेवरों एवं प्रवासियों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। यह कानून केवल उन्हीं भारतीय नागरिक पर लागू होगा जो कम से कम 192 दिन स्वदेश में रहेंगे और जिनके विदेशी खातों में पांच लाख रुपए से अधिक की संपत्ति होगी।
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