राज्य के नियोजित शिक्षकों, माध्यमिक शिक्षकों व प्राथमिक शिक्षकों की हड़ताल का समर्थन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 4 मई 2015

राज्य के नियोजित शिक्षकों, माध्यमिक शिक्षकों व प्राथमिक शिक्षकों की हड़ताल का समर्थन

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) और भाकपा (माले-लिवरेषन) ने आज यहां संपन्न बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राज्य  के नियोजित षिक्षकों, माध्यमिक षिक्षकों व प्राथमिक षिक्षकों की हड़ताल का समर्थन करते हुए बिहार सरकार से मांग की कि वह सभी षिक्षक संगठनों से अविलंब वात्र्ता कर सम्मानजनक समझौते  के आधार पर हड़ताल समाप्त कराने की पहल कर विद्यालयों में पठन-पाठन सामान्य बनाए और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा करें। 
स्मरणीय है कि राज्य के करीब साढेतीन लाख नियोजित षिक्षक विगत 9 अप्रैल से ही वेतनमान और सेवाषत्र्तों की मांगों को लेकर अनिष्चितकालीन हड़ताल पर हैं और आंदोलन के विविध तरीकों का सहारा ले रहे हैं, जिनके समर्थन में बिहार राज्य माध्यमिक षिक्षक संघ भी 1 मई से हड़ताल पर उतर गया है और प्राथमिक षिक्षक संघ ने भी 4 मई से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इस प्रकार राज्य के करीब 77000 विद्यालयों में पहली से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी तरह ठप्प हो जाएगी और कोई चार लाख नियोजित व नियमित षिक्षक सड़कों पर होंगे, मैट्रिक की उत्तरपुस्तिकाओं की जाँच भी बाधित होगी। यह स्थिति अत्यन्त ही चिंताजनक है और सरकार कान में तेल डाले बैठी हुई है, वेतनमान की घोषणा और उसे लागू करने की व्यवस्था के बजाए कमेटी बनाकर पल्ला झाड़ रही है। इस पूरे प्रकरण में सर्वाधिक नुकसान गरीब और ग्रामीण विद्यार्थियों का हो रहा है। 
ताज्जुब की बात है कि समान षिक्षा, गुणवत्तापूर्ण षिक्षा, सुषासन और न्याय के साथ विकास का दावा करने वाली नीतीष सरकार षिक्षा की दुरवस्था के लिए पहले से ही कुख्यात बिहार की षिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बदले षिक्षकों की वाजिब मांगों की अनदेखी कर रही है और छात्रों को भाग्य भरोसे छोड़ दिया है। तीनों वामदलों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि मुख्यमंत्री नीतीष कुमार अपनी ओर से पेषकदमी लेकर राज्य की षिक्षा, षिक्षक व विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए सम्मानजनक समझौते के जरिए साामान्य शैक्षिक वातारण बहाल करने का कत्र्तव्य निभाएं। 
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित तीनों दलों के नेताओं की बैठक की अध्यक्षता माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता विजयकान्त ठाकुर ने की जिसमें भाकपा की ओर से राम नरेष पाण्डेय, रामबाबू कुमार, विजय नारायण मिश्र, भाकपा (माले) की ओर से धीरेन्द्र झा और भाकपा (माक्र्सवादी) नेता गणेष सिंह वगैरह ने हिस्सा लिया।  

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