झारखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के विधायक कमल किशोर भगत को रांची की एक अदालत ने मंगलवार को हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के 23 साल पुराने मामले में सात साल कैद की सजा सुनाई। एक अधिवक्ता ने मंगलवार को बताया कि भगत और आजसू के अन्य सदस्यों को सोमवार को दोषी ठहराया गया था। अदालत द्वारा मंगलवार को सजा सुनाए जाने के बाद भगत को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।
भगत के खिलाफ दर्ज शिकायत के अनुसार, वह वर्ष 1993 में तंत्रिकातंत्र विशेषज्ञ चिकित्सक के.के. सिन्हा के क्लिनिक में घुस गए थे और पटना में पार्टी की रैली के लिए चंदा मांगा था। चिकित्सक ने जब चंदा देने से मना कर दिया तो उन्हें बुरी तरह पीटा गया।
बाद में चिकित्सक के सुरक्षाकर्मियों ने भगत और आजसू के दो सदस्यों की बुरी तरह पिटाई कर दी थी, जिससे एक आजसू सदस्य की जान चली गई थी। भाजपा और आजसू ने वर्ष 2014 का राज्य विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था।

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