जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी जनता की समस्यायें
प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की कड़ी में आज 16 जून 2015 को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। कलेक्टर श्री व्ही. किरण गोपाल ने जिले के दूर-दराज के ग्रामों से अपनी समस्यायें लेकर आये लोगों की बातों को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदनों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये है।
भैंस पालन की अनुदान राशि नहीं मिली
जनसुनवाई में लालबर्रा तहसील के ग्राम जाम का निवासी कंकर लाल लोधी शिकायत लेकर आया था कि उसे सेवा सहकारी समिति जाम से भैंस पालन के लिए एक लाख 5 हजार रु. की ऋण मंजूर किया गया था। 20 मार्च 2013 को ऋण की प्रथम किश्त में 35 हजार रु., 18 अप्रैल 2013 को दूसरी किश्त में 35 हजार रु. एवं 20 अगस्त 2013 को तीसरी किश्त में 35 हजार रु. की राशि प्रदान की गई। लेकिन उसे आज तक अनुदान की 26 हजार 250 रु. की राशि नहीं मिली है। जिसके कारण उसे ऋण की पूरी राशि पर ब्याज देना पड़ रहा है और उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। कंकरलाल की शिकायत को सुनने के बाद कलेक्टर ने उप संचालक पशु चिकित्सा को सात दिनों के भीतर इस प्रकरण की वस्तुस्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिये है।
पटवारी से साठ-गांठ कर बेटी ने जमीन हड़प ली
जनसुनवाई में लांजी तहसील के ग्राम ओटेकसा की होलन बाई शिकायत लेकर आई थी कि वह अपने पिता की एकलौती संतान थी। उसका पति बुधराम घर जमाई लगाया गया था। उसकी पुत्री बेबी बाई जब नाबालिग थी तब उसका पति घर छोड़कर चला गया। ऐसी स्थिति में होलन बाई के पिता ने अपनी 2 एकड़ जमीन नाबालिग नातन बेबी बाई के नाम रजिस्ट्री कर दी थी। पति छोड़कर चले जाने के बाद होलन बाई ने सुखराम से शादी कर ली। दूसरे पति से उसके तीन बच्चे है। होलन बाई का कहना है कि उसके पहले पति की संतान बेबी बाई ने अपने पति, पुत्र एवं पटवारी एम.एल. बहेकार से साठ-गांठ कर उसकी जमीन को अपने नाम कर लिया है। उसे यह जमीन वापस दिलाई जाये। इस प्रकरण को सुनने के बाद कलेक्टर ने लांजी के एस.डी.एम. को सात दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है।
देवर ने मकान पर कब्जा कर लिया
जनसुनवाई में बालाघाट देवी तालाब के पास की निवासी लता कुरील शिकायत लेकर आई थी कि वह अपनी चार बेटियों के साथ पैतृक मकान में रहती है। उसके देवर देवेन्द्र कुरील द्वारा पैतृक मकान पर अनाधिकृत रूप से कब्जा किया जा रहा है। देवर के द्वारा उनके मकान पर कब्जा करने के साथ ही बिजली का कनेक्शन भी लिया गया है और प्राय: विवाद किया जाता है। इस प्रकरण को सुनने के बाद कलेक्टर ने बालाघाट के एस.डी.एम. को सात दिनों के भीतर कार्यवाही कर प्रकरण की वस्तुस्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिये है।
बिसोनी के सचिव का प्रभार नहीं मिला
जनसुनवाई में लांजी विकासखंड की ग्राम पंचायत बिसोनी के सचिव विजय कुमार मानकर शिकायत लेकर आये थे कि बिसोनी पंचायत के तत्कालीन सचिव सुनील कुमार मानापुरे को पद से पृथक किया गया था। उसके बाद विजय कुमार मानकर की सचिव के पद पर नियुक्ति की गई थी। लेकिन आज तक सुनील कुमार द्वारा उसे सचिव का प्रभार नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं बिसोनी के तत्कालीन सरपंच द्वारा भी अब तक वर्तमान सरपंच को पदभार नहीं दिया गया है। इस शिकायत को सुनने के बाद कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को त्वरित कार्यवाही करने कहा है।
नसबंदी आपरेशन फेल होने पर राशि नहीं मिली
जनसुनवाई में खैरलांजी तहसील के ग्राम डोंगरिया का निवासी अरूण उके शिकायत लेकर आया था कि दो बच्चों के बाद उसकी पत्नी कमला बाई का नसबंदी आपरेशन 28 सितम्बर 2013 को खैरलांजी के स्वास्थ्य केन्द्र में किया गया था। लेकिन यह आपरेशन असफल हो गया और उसके यहां पर तीसरी संतान का जन्म हो गया है। शासन के नियमों के अनुसार नसबंदी आपरेशन असफल होने पर उसे 30 हजार रु. की सहायता राशि मिलना चाहिए। लेकिन उसे अब तक यह राशि नहीं मिली है। इस शिकायत को सुनने के बाद कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सात दिनों के भीतर प्रकरण की वस्तुस्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिये है।
लाख बीज की राशि नहीं मिली
जनसुनवाई में लाख उत्पादन केन्द्र टिंगीपुर के अध्यक्ष देवासिंह बिसेन शिकायत लेकर आये थे कि उनके केन्द्र द्वारा वन विभाग के आदेश पर 2009 से 2011 तक परिक्षेत्र मंडई, खुरमुंडी, मोहगांव, दक्षिण लामता, उकवा, बिरसा एवं पूर्व बैहर में 47 क्विंटल लाख बीज प्रदाय किया गया है। इस लाख बीज की 4 लाख 76 हजार रु. की राशि उनके केन्द्र को वन विभाग से प्राप्त होना है। राशि नहीं मिलने से दो हजार मजदूरों की मजदूरी देना भी शेष है। अत: यह राशि शीघ्र उनके केन्द्र को दिलाई जाये। इस शिकायत को सुनने के बाद कलेक्टर ने उत्तर वन मंडल के वन मंडलाधिकारी को सात दिनों के भीतर प्रकरण की वस्तुस्थिति प्रस्तुत करने कहा है।
15 अगस्त तक मत्स्याखेट पर प्रतिबंध, मछली बेचते पाये जाने पर होगी कड़ी कार्यवाही
वर्षा ऋतु के दौरान मछलियों का प्रजनन काल होने से मत्स्य उत्पादन पर कोई असर न पड़े इसके लिए प्रति वर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि के लिए मत्स्याखेट, मछलियों के क्रय-विक्रय एवं परिवहन पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में उप संचालक मत्स्योद्योग ने प्रतिबंधित अवधि में मछलियों का क्रय-विक्रय करते हुए पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। उप संचालक मत्स्योद्योग शशिप्रभा धुर्वे ने बताया कि छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अंतर्गत नहीं लाया गया है, को छोड़कर समस्त नदियों व जलाशयों में 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि में मत्स्याखेट पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंधित अवधि में यदि मत्स्य विक्रेता बाजार में मछली विक्रय करता है तो उसके पास किस पट्टा धारक तालाब की मछली है एवं उस तालाब में मछली मारने की अनुमति विभाग द्वारा दी गई है, उसका पत्र एवं तालाब का पट्टा आदेश एवं सरपंच का प्रमाणीकरण कि मछली उसी तालाब की है, साथ में रखना आवश्यक होगा। छापे के दौरान ये सभी दस्तावेज मछली विभाग के अधिकारियों को दिखाना अनिवार्य होगा। अन्यथा मछली विक्रेता पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।प्रतिबंधित अवधि में मछली विक्रेता पर छापे की कार्यवाही के दौरान विक्रेता द्वारा यह कहा जाता है कि मछली दूसरे राज्य की है और वह दूसरे राज्य से मछली क्रय कर बेचता है। ऐसी स्थिति में विक्रेता को उस दूसरे राज्य के निर्देश दिखाना होगा, जहां पर वर्षा ऋतु के दौरान मत्स्याखेट पर प्रतिबंध नहीं है। विक्रेता ने जिस स्थान से मछली क्रय की है उस जिले के मछली विभाग के अधिकारी की अनुमति एवं सहमति पत्र छापे की कार्यवाही के दौरान दिखाना होगा। छापे की कार्यवाही के दौरान मछुआरों द्वारा कहा जाता है कि वे दो माह रोजगार के लिए क्या करेंगें। मछुआरों को ऐसी स्थिति में मदद के लिए म.प्र. शासन द्वारा बचत सह राहत योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में प्रत्येक मछुआरे को 50-50 रु. 8 माह तक जमा करने पर 1200 रु. की राशि वर्षा ऋतु में मत्स्याखेट की प्रतिबंधित अवधि में प्रदान की जाती है। जिले के समस्त मछुआरों से अपील की गई है कि वे 15 अगस्त तक मत्स्याखेट न करें और मछलियों का क्रय-विक्रय न करें। इससे जिले में अधिक मत्स्य उत्पादन में मदद मिलेगी और यह मछुआरों के लिए ही फायदे का सौदा साबित होगा।
महाप्रबंधक ने किया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण
सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार मूलक गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बालाघाट में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान संचालित किया जा रहा है। सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया आंचलिक कार्यालय भोपाल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री रमेश सिंह ने बालाघाट प्रवास के दौरान 14 जून को वार्ड नं.18, वंशपाल गली, सिंधी मोहल्ला, डॉ. देवरस के मकान में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां पर विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें प्रशिक्षणार्थियों से चर्चा कर उनके अनुभव एवं समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को सुनहरे भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने का सुझाव दिया। निरीक्षण के दौरान संस्थान के संचालक श्री अजय बग्गा भी मौजूद थे।
अध्यापक संवर्ग में संविलियन की अनुमति देने के संबंध में शासन के निर्देश
राज्य शासन ने जिला एवं जनपद पंचायत में एक निकाय से अन्य निकाय में अध्यापक संवर्ग के महिला, नि:शक्तजन एवं केवल पारस्परिक ऑनलाइन संविलियन की अनुमति देने के संबंध में सभी जिला कलेक्टर को निर्देश जारी किये हैं। यह अनुमति आगामी 30 जून तक देने का प्रावधान किया गया है। पात्र अध्यापक संवर्ग के व्यक्ति संविलियन की अनुमति के लिये 30 जून तक एजुकेशन पोर्टल पर अपनी यूनिक आई.डी. से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्राथमिक शाला में न्यूनतम 2, माध्यमिक शाला में 3 तथा हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी की विषयवार पद संरचना से अधिक होने पर भी डीईओ द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने की अनुशंसा की जायेगी। इसके आधार पर संबंधित निकाय अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी कर सकेंगे। इन शालाओं में शिक्षकों की न्यूनतम संख्या/पद संरचना की गणना में अतिथि शिक्षक को शामिल नहीं किया जायेगा। डीईओ द्वारा रिक्त पद की जानकारी निकायवार, संस्था एवं विषयवार पोर्टल पर प्रविष्ट की जायेगी। आवेदक को संबंधित निकाय द्वारा 4 जून या उसके बाद जारी किया गया अनापत्ति प्रमाण-पत्र ही मान्य होगा। उसे अनापत्ति प्रमाण-पत्र के साथ डीईओ की अनुशंसा एवं प्राथमिकता क्रम के वांछित अभिलेख ऑनलाइन अपलोड करवाना जरूरी होगा। अंतर्जिला या जिले के अंतर्गत पात्र अध्यापक संवर्ग के आवेदक द्वारा एक निकाय से अन्य निकाय में संविलियन चाहे जाने पर स्कूल शिक्षा की शालाओं से आदिम-जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित शालाओं में संविलियन के लिये आदिम-जाति कल्याण तथा आदिम-जाति से स्कूल शिक्षा की शालाओं के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किये जायेंगे। अंतर्विभागीय पारस्परिक, जिसमें एक निकाय से अन्य निकाय में संविलियन की अनुमति के लिये आवेदकों को स्कूल शिक्षा या आदिम-जाति कल्याण विभाग में से किसी एक का चयन करना होगा। किसी भी नगरीय निकाय में संविलियन की अनुमति से संबंधित आवेदन मान्य नहीं किये जायेंगे। पात्र अध्यापक द्वारा केवल एक बार ही संविलियन की अनुमति का आवेदन किया जा सकेगा। अनापत्ति प्रमाण-पत्र का प्रारूप ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। पारस्परिक संविलियन की अनुमति के प्रकरण में अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने के लिये न्यूनतम शिक्षकों की गणना का बँधन नहीं रहेगा। आदिम-जाति कल्याण विभाग की संस्थाओं के लिये अनापत्ति प्रमाण-पत्र संबंधित निकाय से जारी करवाने के लिये शासन के आदेश के अनुरूप रिक्त पद वाली संस्था की अनुशंसा सहायक आयुक्त करेंगे। शासन ने 30 जून तक की अवधि में अध्यापक संवर्ग की ऑनलाइन संविलियन की अनुमति की कार्यवाही पूर्ण करने को कहा है।
सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिवार को 10 हजार रु. की सहायता मंजूर
किरनापुर तहसील के ग्राम बगड़मारा के निवासी भुवनलाल बिसेन की 21 मई 2014 को रजेगांव-देवगांव के बोलेरो वाहन क्रमांक एम.एच.-35-पी.-1262 से हुई दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण कलेक्टर श्री व्ही. किरण गोपाल ने राज्य शासन के सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत उसकी वारिस पत्नी देवेश्वरी बिसेन को 10 हजार रु. की सहायता राशि मंजूर की है। किरनापुर के तहसीलदार को निर्देशित किया गया है कि वे देवेश्वरी बिसेन को शीघ्र सहायता राशि प्रदान करें।
हायर सेकेंडरी स्कूल कनकी में मनाया गया प्रवेश उत्सव
शिक्षा सत्र 2015-16 के शुभारंभ अवसर पर आज 16 जून को शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कनकी में शालेय प्रवेश उत्सव मनाया गया। इस उत्सव में शाला में नव प्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें नि:शुल्क पाठय पुस्तकों का वितरण किया गया। जनपद पंचायत लालबर्रा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रमेश नगपुरे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथ थे। कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती होलिका बाई भोयर, विद्यालय के प्राचार्य श्री जी.के. आहूजा, बी.आर.सी. श्री के.जी. बिसेन सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित थे। शाला प्रवेश उत्सव के लिए विद्यालय को अच्छी तरह से सजाया संवारा गया था। कार्यक्रम में अतिथियों एवं विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कक्षा 9 वीं, 10 वीं, 11 वीं एवं 12 वीं में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उनके उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनायें दी गई। विद्यालय के प्राचार्य श्री आहूजा ने इस अवसर पर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को विद्यालय की परंपरा का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उप सरपंच श्री सेवकराम फेंडरकर, श्री मेघनाथ तुरकर, श्री नरेन्द्र ठाकरे भी उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षक श्रीमती जी. वंशपाल, कुमारी एस. सिंह, श्रीमती एस. पटेल, श्रीमती एस. बुचुन्डे, श्री ए.के. टेंभरे, श्रीमती एन.एल. हरिनखेड़े, श्रीमती व्ही. धुर्वे, श्री एन.एल. बिसेन, श्री एम.के. मेश्राम, श्रीमती एम. वरकड़े, श्रीमती एम. मेश्राम, श्रीमती आर. पटले, श्रीमती दीपावली बिसेन, कुमारी प्रियंका मिश्रा, श्री संजय वानखेड़े, श्री ए.के. मोहेश्वर, श्री डी. आर. हलकारे, श्री टी.एस. परते, श्री एस.एल. लिल्हारे का योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती जी. बंशपाल द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन कुमारी एस. सिंह द्वारा किया गया।
कनकी विद्यालय में दिया गया योग का प्रशिक्षण
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के परिप्रेक्ष्य में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कनकी में आज 16 जून को संकुल स्तरीय शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक श्रीमती एम. मेश्राम एवं टी.आर. क्षीरसागर द्वारा कनकी संकुल के शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण एवं 21 जून को शाला में होने वाले कार्यक्रम के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री जी.के. आहूजा भी मौजूद थे।
गणेवश के लिए 6.24 करोड़ रु. जारी
शासकीय शालाओं में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा सत्र 2015-16 में दो जोड़ा गणवेश प्रदान करने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा राशि जारी कर दी गई है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री विनय रहांगडाले ने बताया कि जिले के एक लाख 56 हजार 120 छात्र-छात्राओं को गणवेश के लिए 6 करोड़ 24 लाख 8 हजार रु. की राशि शाला प्रबंधन समितियों के बैंक खाते में राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा हस्तांतरित कर दी गई है। सभी संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे छात्र-छात्राओं को गणवेश की राशि शीघ्र प्रदान करें।
जिले में 68 मि.मी. वर्षा रिकार्ड, कटंगी तहसील में सबसे अधिक 166 मि.मी. वर्षा
जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान एक जून से 16 जून 2015 तक 67.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 04 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई थी। जिले की औसत सामान्य वर्षा 1447 मि.मी. है। चालू वर्षा सत्र में अब तक सबसे अधिक 166 मि.मी. वर्षा कटंगी तहसील में तथा सबसे कम 5 मि.मी. वर्षा लांजी तहसील में रिकार्ड की गई है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें