नीतीश और लालू गठबंधन के बाद पहली बार मंच पर साथ साथ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 23 जून 2015

नीतीश और लालू गठबंधन के बाद पहली बार मंच पर साथ साथ

बिहार में नीतीश और लालू के बीच गठबंधन की घोषणा होने बाद पहली बार दोनों एक मंच पर दिखे। इस साल सितंबर-अक्टूबर में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव में बीजेपी के खिलाफ जेडी(यू), आरजेडी, कांग्रेस और एनसीपी ने गठबंधन बनाया है। इस गठबधन का दावा है कि वह बिहार में बीजेपी को करारी मात देगी। इस दौरान लालू की बातों पर नीतीश अपनी हंसी रोक नहीं पाए। लालू ने कहा कि नीतीश का बीजेपी ने अपहरण कर लिया था। उन्होंने कहा कि मैंने छोटे भाई को आजाद कराया है। लालू की इस बात पर बगल में बैठे नीतीश भी हंसने लगे।

नीतीश और लालू लंबे वक्त के एक दूसरे के कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। बीजेपी से अलग होने के बाद नीतीश ने लालू से मतभेदों को खत्म कर बिहार में विधानसभा चुनाव को देखते हुए हाथ मिला लिया। दोनों नेता हिन्दुस्तान समागम प्रोग्राम में बिहार के अजेंडा पर विमर्श करने पहुंचे थे। इससे पहले भी इन दोनों नेताओं को मंच साझा करने के दो मौके मिले थे लेकिन नीतीश दोनों बार नहीं पहुंचे। आरजेडी नीतीश के साथ गठबधन को लेकर स्पष्ट नहीं थी। एक वक्त तक लालू नीतीश को बिहार में सीएम प्रत्याशी बनाने के खिलाफ थे।

इस प्रोग्राम में नीतीश कुमार ने कहा, 'बीजेपी देश में जाति की राजनीति को हवा देकर गंदी हरकत कर रही है। बीजेपी हमें जातिवादी कहती है लेकिन सच यह है कि वह देश में जाति की राजनीति कर रही है। बीजेपी जातीय आधार पर बैठकें और सम्मेलन करवा रही हैं। क्या यह जातीय राजनीति नहीं है?' नीतीश कुमार ने बीजेपी से 16 जून 2013 को गठबंधन तोड़ लिया था। नीतीश ने यह कदम नरेंद्र मोदी की वजह से उठाया था।

नीतीश ने कहा कि यह भगवा पार्टी दावा करती रही है कि 2005 में एनडीए सरकार आने के बाद से बिहार में अच्छे काम हुए हैं। नीतीश ने कहा कि बीजेपी देश में ध्रुवीकरण की राजनीति को साधने के लिए सांप्रदायिक उन्माद फैलाती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति देश के लिए बेहद खतरनाक है। आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार से हाथ मिलाने का अपना बचाव किया। उन्होंने कहा कि हम सब एक ही परिवार से हैं।

लालू ने कहा कि हमलोग 1974 के जेपी आंदोलन से ही साथ थे। हम दोनों बड़े भाई और छोटे भाई के रूप में जाने जाते थे। लालू ने कहा कि नीतीश ने हमें उन दिनों बिहार में नेता प्रतिपक्ष बनाने में मदद की थी और 1990 में मुख्यमंत्री बनाने में भी साथ दिया था।

कोई टिप्पणी नहीं: