केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि पहले भारत अशांत पड़ोसियों के बीच रह रहा था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के संबंध अपने पड़ोसियों के साथ सुधरे हैं। जेटली ने बताया कि भारत की रूचि पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने में है और प्रधानमंत्री ने चीनी नेतृत्व के साथ एक शानदार संबंध बनाया है।
जेटली ने कहा, प्रधानमंत्री ने खास तौर पर चीनी नेतृत्व के साथ शानदार संबंध विकसित किया है। उनके साथ हमारा सीमा मुददा है और सीमा का मुददा अनसुलझा है। चीन से जुड़े कई अन्य मुददे भी हैं, जो चिंता का विषय हैं। लेकिन कम से कम सीमा के आसपास तनावपूर्ण स्थिति तो नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ आर्थिक व्यापारिक संबंध भी काफी सामान्य हुए हैं। प्रधानमंत्री का हाल ही में चीन में बहुत शानदार स्वागत किया गया। पाकिस्तान के मुददे पर, जेटली ने कहा कि भारत उसके साथ संबंध सुधारने का इच्छुक है।
जेटली अमेरिका की 10 दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने कल कहा कि भारत-पाक संबंधों को सुधारने का माहौल बनाने और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने का दायित्व पाकिस्तान पर ज्यादा है और यह उस उकसावे पर भी निर्भर करता है, जो उस देश द्वारा किया जाता है।
एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन्स में चर्चा के दौरान जेटली ने अमेरिका के पूर्व वित्त मंत्री टिमोथी गीथनर से कहा, अभी ज्यादा समय नहीं बीता, जब भारत एक अशांत पड़ोस के बीच में रहता था। इस अशांत पड़ोस के साथ कई समस्याएं थीं, जो छलक कर भारत में आ रही थीं। उन्होंने कहा, जब नई सरकार का गठन हुआ, तो प्रधानमंत्री ने अपने शपथ ग्रहण से भी पहले एक खास पहल की़ यह पहल थी कि हमने दक्षिण एशियाई देशों के सभी राष्ट्र प्रमुखों को आमंत्रित किया और यह एक बेहद सही और सकारात्मक कदम रहा।
जेटली ने कहा, उसके बाद से, हमने मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कहा कि भारत के भूटान के साथ संबंध मजबूत हुए हैं और भारत नेपाल को भूकंप के बाद सहायता देने में अग्रणी रहा है और वह ऐसा करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई दशक से ज्यादा समय में मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने श्रीलंका की यात्रा की। दो सप्ताह पहले वह बांग्लादेश में थे। उन्होंने कहा, उनके साथ सीमा का मुददा निपटाने के लिए हमने अपने संविधान में संशोधन किया और प्रधानमंत्री ने उनके साथ एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
जेटली ने यह भी कहा कि म्यांमा की सरकार उनके देश में शिविर लगाकर रह रहे उग्रवादियों से निपटने के लिए भारत के साथ सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा, तो ये वे देश हैं, जिनके साथ हमारे शानदार संबंध हैं।

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