उत्तराखंड की विस्तृत खबर (18 जून) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 18 जून 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (18 जून)

गन्ना किसानों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएः सीएम 

uttrakhand news
देहरादून, 18 जून (निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने  निर्देश दिए हैं कि गन्ना किसानों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। प्रदेश की निजी चीनी मिलें आगामी 30 जून तक गन्ना किसानों के अवशेष मूल्य के कम से कम 50 प्रतिशत का भुगतान सुनिश्चित कर लें। डोईवाला, बाजपुर, नादेई व किच्छा चीनी मिलों के आधुनिकीकरण व विद्युत सह उत्पादन की कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। चीनी मिलों के क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण कर दिया जाएं। जो निजी चीनी मिलें आधुनिकीकरण के लिए आगे आती हैं, उनके बैंक ऋण पर राज्य सरकार गारंटी देगी।  मुख्यमंत्री हरीश रावत गुरूवार को बीजापुर में एक बैठक में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान व चीनी मिलों के आधुनिकीकरण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निजी चीनी मिलें यह सुनिश्चित कर लें कि उनके द्वारा 30 जून 2015 तक अवशेष मूल्य के कम से कम 50 प्रतिशत के भुगतान का काम विशेष प्राथमिकता के साथ कर दिया जाए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा गन्ना किसानों के भुगतान हेतु सम्पूर्ण देश के लिए 6 हजार करोड़ रूपए का पैकेज स्वीकृत किया गया है। परंतु उक्त पैकेज की एक शर्त यह है कि इसका लाभ उन्हीं चीनी मिलों को मिलेगा जिनके द्वारा अपने अवशेष गन्ना मूल्य का 50 फीसदी भुगतान 30 जून 2015 तक कर दिया जाएगा। सचिव गन्ना विकास, विनोद शर्मा द्वारा यह बताए जाने पर कि उŸाम व इकबालपुर चीनी मिलों ने अभी तक केवल 22 प्रतिशत भुगतान ही किया है, मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 30 जून तक अवशेष मूल्य का 50 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर लिया जाए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि चीनी मिलों की स्थिति में सुधार के लिए इनका आधुनिकीकरण बहुत जरूरी है। डोईवाला, बाजपुर, नादेई व किच्छा के आधुनिककरण की योजना प्रस्तुत की जाए। साथ ही इनमें विद्युत सह उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के काम में तेजी लाई जाए। सचिव गन्ना विकास श्री शर्मा ने बताया कि बाजपुर व नादेई के आधुनिकीकरण के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए प्रेषित कर दिए गए हैं जबकि डोईवाला व किच्छा में प्रथम चरण के तहत डबल रिफाइन्ड शुगर उत्पादन के संयंत्र  स्थापित करने का प्रस्ताव एक सप्ताह में प्रस्तुत कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री रावत ने गन्ना की आधुनिक प्रजातियों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि गन्ना की उत्पदकता में बढ़ोतरी के लिए गन्ने के अधिक गुणवŸाा वाले बीजों का उपयोग आवश्यक है। चीनी मिलों के क्षेत्रों का निर्धारण जल्द कर दिया जाए ताकि चीनी मिलें अपने क्षेत्र में आधुनिक बीजों का उपयोग कर सकें। आधुनिक तकनीक से गन्ने की उच्च उत्पादकता की प्रजातियों का विकास किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समस्त चीनी मिलों में चल रहे मरम्मतीय काम में उच्च गुणवŸाा सुनिश्चित की जाए ताकि पिराई सत्र के दौरान किसी प्रकार की कोई स्टोपेज की स्थिति ना आए। राज्य की सभी चीनी मिलों में समय से प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र स्थापित कर लिए जाएं ताकि क्षेत्र में धूंए व जल प्रदूषण की समस्या ना हो। बैठक में मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रणजीत रावत भी उपस्थित थे।

नगर पंचायत के चार सभासदों के खिलाफ कर्मचारी लामबंद
  • कार्यवाही की मांग को लेकर धरने पर बैठे, विकासनगर के कर्मचारी भी पहुॅचे समर्थन मे

विकासनगर, 18 जून (निस)। तहसील विकासनगर की नगर पंचायत हरबर्टपुर कुछ सभासदों व कर्मचारियों के बीच चले आ रहे विवाद के चलते आज-कल सुखियों मे है। नगर पंचायत के कर्मचारी इन सभासदो के द्वारा किये जा रहे उत्पीडन के खिलाफ बुधवार से धरने पर बैठे हुए है। कर्मचारियों ने नगर पंचायत के चार सभासदों पर अरोप लगाते हुए कहा इन सभासदो के द्वारा समय समय पर कर्मचारियों से गलत तरीके से काम करने के लिए कहा जाता है मना करने पर कर्मचारियों से अभद्रता की जाती है। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार करने व सफाई कर्मचारियों के द्वारा धरने पर बैठे होने के कारण नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ये चारो सभासद किसी भी बैठक मे नही आते है, वही बोर्ड मे रहकर बोर्ड की गोपनीयता को भी भंग करते है, कर्मचारियों को परेशान करने के साथ-साथ अधिशासी अधिकारी एस0 पी0 जोशी व जिय पी0 एस0 चैहान को परेशान कर समय से पहले उनका हस्तान्त्ररण करवाना इन सभासदो की नियती बन गयी है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर हमारी माॅगो पर कोई ध्यान नही दिया गया तो कल सभी कर्मचारी पूरे शहर मे जलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुॅचेगे जहाॅ वह अपनी माॅगो को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम को सौपेगे। नगर पंचायत कर्मचारियों की इस लडाई मे अब नगर पालिका विकासनगर के कर्मचारी भी शामिल हो गये है। धरने पर बैठे लोगो मे सफाई कर्मचारी अध्यक्ष गुरदेब सिंह, पवन थापा, रविन्द्र कुमार, नवनीत, विनोद डिमरी, शिव कुमार, आशु, अर्जन, सागर, मनोज, अमिताभ, इलम चन्द, सुनिता, रोशनी, सुशमा, राजू आदि काफी संख्या मे नगर पंचायत हरबर्टपुर व नगर पालिका विकासनगर के कर्मचारी मौजूद थे।

इंसानियत का संदेश देता है रमजानः सीएम 

देहरादून, 18 जून (निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रमजान का पवित्र महीना शुरू होने पर मुस्लिम भाईयों सहित सभी प्रदेशवासियों  को बधाई देते हुए कहा है कि रमजान का महीना न सिर्फ खुदा की राह पर ले जाना का महीना है, बल्कि मानव जाति कोे प्रेम, सदभाव और इंसानियत का संदेश भी देता है। वर्तमान दौर में रमजान का संदेश और भी प्रासंगिक हो गया है। रमजान आत्मसंयम व इंसानियत के दुख-दर्द को समझने का महीना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रमजान सभी के जीवन में खुशहाली व शांति लेकर आए।  

एसडीएम पर चार दीवारी तोड़े जाने का आरोप, ग्रामीण ने की सीएम व लोकायुक्त से न्याय की गुहार 

देहरादून, 18 जून (निस)। हरीपुर नवादा के ग्रामीण ने सीएम समेंत लोकायुक्त से शिकायत कर एसडीएम सदर पर पड़ोसी के साथ मिलकर अपनी पुश्तेनी जमीन पर कब्जा कराने की नियत से दीवार ढ़हाने व विरोध करने पर अपशब्दों का इस्तेमाल कर धमकी देने का आरोप लगाते हुये न्याय की गुहार लगाई है। हिन्दी भवन के प्रांगण में हरीपुर नवादा के ग्रामीण संजय सपरा पुत्र जगदीश सपरा ने प्रेस वार्ता करते हुये बताया कि गांव में उनकी पुश्तेनी जमीन है, जिस पर उनके द्वारा मकान निर्माण कराने के पश्चात चाहरदीवारी की गई थी। इसी दौरान उसके पड़ोसी अनसुईसा प्रसाद हटवाल एंव पुष्पा हटवाल द्वारा एसडीएम सदर को एक झुठा शिकायत पत्र दे दिया गया। 5 जून को दोपहर में एसडीएम सदर द्वारा पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचकर बिना कोई नोटिस दिये उसकी दीवार को ध्वस्त कर दिया। ग्रामीण का आरोप है कि जब उनके द्वारा बिना नोटिस के उनकी पुश्तैनी भूमि पर बनी दीवार को ध्वस्त करने का विरोध किया गया तो उक्त अधिकारी द्वारा कानून की धौस देते हुये उनकी साथ बदतमीजी करते हुये अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। ग्रामीण ने बताया कि जब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की तो पुलिस ने रिर्पोट दर्ज करने से इंकार कर दिया। ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने एसडीएम सदर द्वारा उनकी चार दीवारी तोड़े जाने व धमकाने की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत व लोकायुक्त में की है। उन्होंने जिला एवं पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

घोटालों की जांच की मांग को लेकर यूकेडी ने दिया धरना

देहरादून, 18 जून (निस)। आपदा राहत घोटाले सहित उत्तराखण्ड में हुए सभी घोटालों की जांच की मांग को लेकर उत्तराखण्ड क्रांति दल ने गुरूवार को दीनदयाल पार्क में धरना दिया। यूकेडी का आरोप है कि कांग्रेस और भाजपा इन दोनों ही राजनीतिक दलों ने प्रदेश को भ्रष्टाचार की आग मे झोंकने का काम किया है। इस मौके पर राज्यपाल को भी ज्ञापन प्रेषित किया गया। गुरूवार की सुबह यूकेडी कार्यकर्ता दीनदयाल पार्क में एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार की कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। त्रिवेन्द्र सिंह पंवार के नेतृत्व में धरने पर बैठे यूकेडी कार्यकर्ताओं ने आयोजित सभा में कहा कि  अब तक यह साफ हो चुका है कि आपदा प्रभावितों के लिए मिली धनराशि का अधिकारियों द्वारा भरपूर दुरूपयोग किया गया है। प्रदेश सरकार को देश विदेश से आपदा राहत के लिए जो धन मिला उसकी आय व्यय का ब्यौरा सरकार को देना चाहिए तथा जिन अधिकारियों पर आपदा प्रभावितों की मदद का जिम्मा था, उन्होंने जमकर धन का दुरूपयोग किया। उन्होंने कहा कि  हेलीकाप्टर व्यय में घोटाला हुआ,राहत राशि की बंदरबांट हुई। इस घोटाले में संलिप्त अधिकारियों की जांच हर कीमत पर होनी चाहिए। यूकेडी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस ही नहीं भाजपा के कार्यकाल में हुए कुंभ स्टर्डिया व ढैंचा बीज घोटाले व सिडकुल भूमि घोटालों की भी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दो ही प्रदेश में भ्रष्टाचार फैलाने की दोषी है। इन दोनों भ्रष्ट पार्टियों के खिलाफ यूकेडी बड़ा जनादोलन छेड़ेगी। यूकेडी ने मलेथा आन्दोलनकारियों पर लाठी चार्ज किए जाने की मांग भी की।

नकली नोट सहित तीन दबोचे

देहरादून, 18 जून (निस)। दून पुलिस ने हजारों के नकली नोटों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। यह तीनों व्यक्ति दून में पर्यटक के तौर पर घूमने आए थे। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस कंट्रोल रूमको सूचना मिली कि कार सवार तीन व्यक्ति पर्यटक बनकर दून आये है तथा उनके पास हजारों के जाली नोट है। इस सूचना पर पुलिस कंट्रोल रूम ने यह जानकारी जिले के सभी थाना क्षेत्रों में प्रसारित कर दी। सूचना प्रसारित होते ही अन्य थानों के साथ ही डोईवाला पुलिस ने भी अपने क्षेत्र लच्छीवाला के पास चैकिंग अभियान चला दिया। अभी पुलिस चैकिंग कर ही रही थी कि उसे सामने स ेदिल्ली नम्बर की एक संदिग्ध कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने जब उसे रूकन का इशारा किया तो कार सवार तीन लोग कार रोककर भागने का प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस ने उन्हे घेराबन्दी कर दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से 13500 रूपये के नकली नोट सहित 8600 की असली नोट बरामद किए। इस पर पुलिस उन्हे डोईवाला कोतवाली ले आयी जहंा पूछताछ में उन्होने अपना नाम नीतेश निवासी पश्चिमी विहार नई दिल्ली, सचिन खन्ना निवासी शालीमार बाग नई दिल्ली व जतिन निवासी पहाड़ गजं नई दिल्ली बताया। आरोपियो का कहना था कि उन्होने दिल्ली के एक व्यक्ति से यह नोट लिये थे। तथा उन्होने अब तक कई स्थानों पर यह नकली नोट चला दिये है। बरामद किये गये नकली नोट पांच पांच सौ रूपए के बताये जा रहे है।

बच्ची से दुष्कर्म करने के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार

देहरादून, 18 जून (निस)। तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक नाबालिक बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गम्भीर धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ऋषिकेश के जाटवबस्ती निवासी एक महिला ने बिजनौर निवासी सोनू पुत्र रवि के खिलाफ अपनी छह वर्षीय पुत्री को बहला फुुसला कर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास कराने का मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि  दोपहर के समय सोनू उनकी पुत्री को बहला फुसला कर एकांत स्थान परले गया था और वहंा उसने उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया लेकिन दोपहर होने की वजह से वहंा लोगों के एकत्र होने कारण वह अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

भीषण आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहंुचने का अंदेशा

पुरोला, 18 जून (निस)। रवांई घाटी में जंगल एक सप्ताह से भयंकर आग की चपेट में हैं। टौंस वन प्रभाग गोविंद पशु विहार व अपर यमुना वन प्रभाग में चारों तरफ धधकती आग से वातावरण में धुआं फैल गया है। वहीं वन पंचायतों व वन कर्मियों के रात दिनआग बुझाने के प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं। बीते करीब एक सप्ताह से टौंस वन प्रभाग के जरमोला, चालनी, सिकारू, कोठीगाड व देवता रेंज में वनाग्नि लगातार धधक रही है। वहीं गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के सीदरी, पूर्तिगाड़, ओबरागाड़, दोणी, नैटवाड़, सांकरी, कोटगांव व मोरा के जंगल भी आग की चपेट में हैं। इन जगहों पर चीड़ के साथ ही बांज व बुरांश के घने जंगलों में वनाग्नि फैल चुकी है। इससे वन संपदा का बड़े पैमाने पर नुकसान का अंदेशा है। इसके अलावा अपर यमुना वन प्रभाग के केराडी, सिगाई, रिखनाल, सेवरी, बोखडांडा में भी चीड़ व बांज बुरांश के जंगल भीषण आग की चपेट में है। इस स्थिति के कारण रवांई घाटी में चारों ओर धुंध छाने लगी है। लगातार जल रहे जंगलों में वन्यजीवों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं वनकर्मियों के साथ ही वन पंचायतों को भी अब जंगल की आग के गांवों में फैलने का डर सताने लगा है। हालांकि वन पंचायतों की महिलाएं, पुरुष व वनकर्मी दिन रात आग बुझाने में जुटे हैं। लेकिन, बढ़ते तापमान व चारों ओर फैले धुध से आग बुझाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। 

शारदा नदी में तीन युवक बहे

चम्पावत, 18 जून (निस)। टनकपुर में शारदा नदी में नहाते समय बरेली के तीन युवक बह गए हैं। जल पुलिस के तैराक युवकों की तलाश में जुट गए हैं, लेकिन किसी का कोई पता नहीं चल सका। मिली जानकारी के अनुसार बरेली से दस लोगों का दल पूर्णागिरि के दर्शनों को आया था। गुरुवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सभी लोग टनकपुर नगर से सटे शारदा घाट से कुछ उपर शारदा नदी में नहा रहे थे। अचानक उनका साथी अंकुर डूबने लगा तो भवानी उर्फ सुरेंद्र पुत्र स्व. मुनीष कुमार, विकास कश्यप पुत्र पप्पू कश्यप निवासी गणेश नगर बरेली व विपिन उसे बचाने कूद गए। इस दौरान अंकुर तो किसी तरह बच गया, लेकिन तीनों युवक नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। जल पुलिस के तैराक युवकों की खोज में जुट गए हैं। टनकपुर कोतवाल ने बताया कि युवकों के परिजनों को सूचना दे दी है। शाम तक युवकों का कुछ पता नही चल पाया था।

मानसून की आहट का असर चारधाम यात्रा पर

उत्तरकाशी, 18 जून (निस)। मानसून की आहट का असर चारधाम यात्रा पर भी दिखने लगा है। 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में यात्रियों की आमद काफी बेहतर रही, लेकिन अब बरसात के सीजन को देखते हुए जून के दूसरे हफ्ते से यात्रियों की मौजूदगी कम होने लगी है। दो साल पहले आई आपदा ने चारधाम यात्रा को पूरी तरह पटरी से उतार दिया था। वर्ष 2013 में आपदा के बाद यात्रा फिर से शुरू ही नहीं हो सकी, जबकि वर्ष 2014 में मौसम ठीक रहने के बावजूद चारधाम यात्रा के लिहाज से सबसे बुरा साल रहा। बीते वर्ष महज 35 हजार यात्रियों ने गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के दर्शन किए थे। इस बार 21 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही धीरे-धीरे यात्रियों की तादाद बढऩे लगी। गंगोत्री मंदिर समिति से मिली जानकारी के मुताबिक मई के पूरे महीने में हर रोज 90 से 100 यात्री वाहन गंगोत्री पहुंच रहे थे। यही स्थिति यमुनोत्री धाम में भी रही। यानी दोनों धामों में रोजाना आठ सौ से एक हजार यात्रियों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। जून के पहले हफ्ते में यात्रियों की आमद में कुछ कमी आई। दूसरे हफ्ते में मानसून की आहट ने यात्रियों के कदम थाम लिए। बीते एक हफ्ते में दोनों धामों में 30 से 40 यात्री वाहन ही रोजाना पहुंच रहे हैं। यानी अब यात्रियों की आमद दो सौ से तीन सौ तक रह गई है। उम्मीद की जा रही है कि सबकुछ ठीक रहा तो यात्रा बरसात के बाद एक बार फिर जोर पकड़ लेगी। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल के मुताबिक इन दिनों यात्रियों की तादाद में कुछ कमी आई है, लेकिन मई के पूरे महीने में यात्रियों की चहल पहल से पूरा गंगोत्री गुलजार रहा। अब बरसात के बाद ही यात्रियों की तादाद बढऩे की उम्मीद है। 

महिला ने लगाई फांसी

कोटद्वार, 18 जून (निस)।  नैनीडांडा ब्लॉक के कोटा गांव के जंगल में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह महिला 12 जून से लापता चल रही थी। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह धुमाकोट थाने में कोटा गांव निवासी सतपाल रावत ने पत्नी की गुमशुदगी की तहरीर दी थी। उसने पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी हर्षा देवी 12 जून से लापता है। बुधवार की आधी रात गांव से छह सौ मीटर की दूरी पर जंगल में हर्षा देवी का शव पेड़ से लटका मिला। सूचना पर धुमाकोट पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। थानाध्यक्ष एनके बचकोटी के मुताबिक आत्महत्या का कारण अज्ञात है। अभी महिला के मायके पक्ष की ओर से किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

कैलास मानसरोवर यात्रा की मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा धंसा

धारचूला, 18 जून (निस)। कैलास मानसरोवर यात्रा की मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। एनएचपीसी की 280 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना के बांध स्थल के ठीक ऊपर से गुजरने वाली इस सड़क के बचे हुए हिस्से पर यातायात का संचालन हो रहा है। खतरे में आई सड़क पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। जून 2013 में आई भीषण आपदा में धौली गंगा जल विद्युत परियोजना के बांध से सटी सड़क बाढ़ में बह गई थी। करीब छरू माह तक यह सड़क बंद रही। बाद में एनएचपीसी ने एक करोड़ की लागत से सड़क के बहे हुए हिस्से का निर्माण कराया था। सड़क निर्माण के दौरान ही लोगों ने इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे। एनएचपीसी ने बाढ़ में बहकर आए मलबे को बिछाकर ही सड़क का निर्माण करा दिया था। सिंगल दीवार पर खड़ी इस सड़क के नीचे से पानी का लगातार रिसाव हो रहा था। इसी रिसाव के चलते बुधवार को आधी सड़क धंस गई। पहले ही बेहद संकरी इस इस सड़क पर अब केवल जीप के निकलने लायक मार्ग ही बचा हुआ है। इसी मार्ग से कैलास मानसरोवर यात्रा, आदि कैलास यात्रा, पंचाचूली ट्रैक आदि यात्राओं का संचालन हो रहा हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बसे गांवों के लोग भी इसी सड़क से आवागमन करते हैं। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष केशर सिंह धामी ने कहा कि सड़क अब वाहन का दबाव सह सकने की स्थिति में नहीं है। इस सड़क पर वाहनों का संचालन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इस स्थान पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए तो वाहन धौली गंगा जल विद्युत परियोजना के डैम में समा सकता है। ऐसे में यात्रियों को बचा पाना संभव नहीं होगा। उन्होंने अविलंब गुणवत्ता युक्त सड़क का निर्माण क्षेत्र में कराए जाने की मांग की है।

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