विशेष आलेख : स्वस्थ तन और मन के लिए ज़रूरी है योग - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 20 जून 2015

विशेष आलेख : स्वस्थ तन और मन के लिए ज़रूरी है योग

आधुनिक युग में योग का महत्व काफी बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण व्यस्तता और मन की व्यग्रता है। इसलिए मनुश्य को आज योग की ज़्यादा आवष्यकता है, जबकि मन और षरीर अत्यधिक तनाव, वायु प्रदूशण और भागमभाग के जीवन से रोगग्रस्त हो चला है। योग से षरीर, मन और आत्मा को षांति मिलती है। मानसिक तनावों से जर्जर होता मनुश्य संतोश और आनंद की तलाष में इधर-उधर भटक रहा है। मनुश्य षांति के लिए उतावला हो रहा है। वह अपने जीवन बगिया के आसपास के स्वार्थ, क्रोध, कटुता, इश्र्या, घृणा आदि कांटों को दूर कर देना चाहता है। निष्चित रूप से योग इसमें काफी मददगार साबित हो रहा है। योग के बारे में योग गुरू का कहना कितना सही है-‘‘जो रोज़ करेगा योग, उसे नहीं होगा कोई रोग।’’ योग न केवल षारीरिक क्रियाओं को सही करता है वरन यह आध्यात्मिक विकास में भी सहायक है। 
           
हमारे पुराणों में भी योग का जि़क्र मिल जाता है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी योग के महत्व को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। इस बार पहली बार 21 जून को अंतरराश्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इसकी पहल उन्होंने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राश्ट्र में अपने भाशण में रखकर की थी। इसके बाद 21 जून को ‘‘अंतरराश्ट्रीय योग दिवस’’ घोशित कर दिया गया। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राश्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘अंतरराश्ट्रीय योग दिवस’’ को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुतमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राश्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।
            
योगा करने से कई बीमारियां खत्म हो जाती हैं और खतरनाक बीमारियों का असर भी कम हो जाता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर लोगों को अनिद्रा की षिकायत हो जाती है। अनिद्रा की स्थिति में योगनिद्रा अपनाने से बहुत फायदा होता है। यह न सिर्फ सुकून भरी नींद देती है बल्कि इससे कई बीमारियों से छुटकारा भी मिलता है। पेट का कब्ज़ कई बीमारियों की जड़ है। योगमुद्रासन एक ऐसा योग है जो पेट के कब्ज़ से छुटकारा दिलाने में काफी मददगार है। कहा जाता है कि बीमारियों की षुरूआत पेट से होती है और यह मुद्रा कब्ज़ से राहत दिलाने का आसान उपाय है। योग करने से कैंसर के रोगियों को काफी अच्छी नींद आती है। षरीर में ऊर्जा का संचार होता है। यह दावा अमेरिका में हुए एक षोध में किया गया है। न्यूयार्क में यूनिवर्सिटी आफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के षोधकर्ताओं ने 4 सौ से अधिक कैंसर रोगियों पर यह षोध किया। इन मरीज़ों को दो समूह में बांटा गया। एक समूह को एक महीने के लिए सप्ताह में दो बार योग कराया गया। षोध के दौरान पाया गया कि योग करने वाले रोगियों ने नींद की दवाई में कटौती की। उनकी रात में नींद की गुणवत्ता में 22 प्रतिषत सुधार आया। थकान भी आधी हो गई। साथ ही उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार आया। यह सुधार उन रोगियों के मुकाबले दोगुना था जिन्होंने योग नहीं किया। आज कल कमर दर्द एक आम सी बात हो गयी है। बहुत से लोगों को दिन भर आॅफिस में कंप्यूटर के सामने बैठे रहने से कमर दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कभी कभी कमर दर्द के लिए ली गई दर्दनिवारक दवा हानिकारक हो जाती है। इसलिए बिना दवा के योग द्वारा कमर के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। 

गौमुखासन, चक्रासन, अश्वासन, उत्कटासन, धनुरासन आदि योग आसन के ज़रिए कमर दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा आज कल जोड़ो का दर्द भी एक बहुत ही सामान्य सी बात हो गयी है। जोड़ का दर्द पैरों के घुटनों, गर्दन, बाजुओं और कूल्हों में हो सकता है। पहले यह कहा जाता था कि यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ होती है लेकिन आज कल यह समस्या नौजवान युवक-युवतियों में भी दिखाई देने लगी है। रोग के बढ़ जाने पर तो चलने-फिरने या हिलने-डुलने में भी काफी परेषानी होती है। मेरूदंडासन एक ऐसा आसन्न है जो इन समस्याओं के समाधान में काफी लाभदायक है। इस आसन को नियमित रूप से अभ्यास करने से भुजाओं और कलाइयों को मज़बूती मिलती है। इससे गठिया रोग में भी बहुत आराम मिलता है। इसके अलावा, जिन लोगों का षारीरिक संतुलन ठीक नहीं होता, चलने फिरने में परेषानी महसूस होती है, उन्हें इस आसन के अभ्यास से काफी लाभ पहुंचता है। इस आसन को रोज़ करने से उल्लिखित समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। उपयुक्त तथ्यों से स्पश्ट होता है कि योग मनुश्य के स्वस्थ तन और मन के लिए ज़रूरी है। इसको अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में आनंद का अनुभव कर सकता है। 
             

21 जून यानी अंतरराश्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देष की राजधानी दिल्ली में तकरीबन 35 मिनट के कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। इस क्रार्यक्रम में प्रधानमंत्री भी षामिल होंगे। इस मौके विभिन्न स्कूलों के लगभग 35 हज़ार बच्चे योग करेंगे। ऐसा नज़ारा सिर्फ राजधानी दिल्ली में नहीं होगा बल्कि देष के कई दूसरे षहर भी सुबह से ही योग के रंग में रंगे नज़र  आएंगे। देष में योग का इतने बड़े पैमाने पर आयोजन पहली बार किया जा रहा है। योग का आयोजन इतने बड़े पैमाने पर किए जाने का मुख्य उद्देष्य यह है कि लोग योग के महत्व को समझकर इसे अपनी जिंदगी में उतार सकें। अंतरराश्ट्रीय योग दिवस का पूरा श्रेय हमारे प्रधानमंत्री जी को जाता है उनकी बदौलत ही आज योग को पूरे विष्व में ख्याति प्राप्त हो रही है और पूरी दुनिया इसे अपनाने को आतुर दिखाई दे रही है। 



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गौहर आसिफ
(चरखा फीचर्स)

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