- लबे रोड पर हंगामा करने से देखने वालों की उमड़ी भीड
मऊ। यूपी में पुलिस वाले किस कदर गुंडागर्दी पर उतारु है आप खुद देखिएं। रविवार को नशे में धूत सिपाही ने पहले ठेले वाले से सामान ली और जब पैसा मांगा तो उसकी पिटाई शुरु कर दी, लेकिन नशे में इस कदर चूर था कि वह खुद सड़क पर लोटपोट करने लगा। कहा, सीएम-डीजीपी तो उसके जेब में रहते है। महीना पहुंचाता हूं, कोई क्या कर लेगा। फिरहाल सीएम अखिलेश यादव जिस यूपी पुलिस की तारीफ में कसीदे पढ़ते नहीं अघाते उसकी तो यह एक बानगीभर है। शाम ढलते ही ऐसे नशे में धूत सिपाहियों को किसी भी चट्टी चैराहे पर लोटते व ठेला-खुमचा वालों से पैसे वसूलते देखा जा सकता है। नशे में धुत इस सिपाही ने वर्दी की न सिर्फ गरिमा गिराई बल्कि कई लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा भी। वह नशे में इस कदर धूत था कि उसे होश ही नहीं था कि वह कहां है और क्या कर रहा है। बाद में मौके पर दूसरे सिपाही पहुंचे और नशे में अपने साथी को लेकर चले गए। गौरतलब है कि रविवार को मऊ में ब्रम्हस्थान बस स्टैंड पर यूपी पुलिस का ये जवान शराब के नशे में धुत होकर आम लोगों से बदसलूकी करने लगा।
इतना ही नहीं वो लोगों को दौड़ाने भी लगा। इस बात की जानकारी होते ही मीडिया भी वहां पहुंच गई। मीडियाकर्मियों को देखकर नशे में धूत पुलिसवाले ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। कुछ पुलिस कांस्टेबल्स मौके पर आकर अपने साथी को गाड़ी में लादकर ले गए। बीते मई महीने यूपी के लखीमपुर खीरी में एक फायर ब्रिगेड के सिपाही द्वारा नशे में धुत होकर सड़क पर एक महिला को पकड़ने का मामला सामने आया था। घटना के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया था। फायर ब्रिगेड का सिपाही सूरखान सिंह यादव नशे में धुत सड़क पर खड़ा था। उसने सड़क से गुजर रही एक महिला को पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि महिला ने भी शराब पी रखी थी। इस वजह से उसने इसका विरोध नहीं किया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए । बाद में लोगों ने किसी तरह समझा-बुझाकर महिला को सिपाही की पकड़ से आजाद कराया। अब सवाल ये है कि क्या यूपी पुलिस ऐसे जवानों के दम पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा करती है।

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