झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर (27 जुलाई) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 27 जुलाई 2015

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर (27 जुलाई)

गुरू वह षिल्पी है जो षिष्य रूपी अगढ पाषाण को भी  गढ कर दीव्य व भव्य प्रतिमा का आकार देता है - साध्वी श्री पूण्यदर्षना श्री जी
  • गुरू महिमा पर भेंटवार्ता में कहा पूज्य साध्वीजी ने

 झाबुआ---गुरू कृपा बिन जगत में कोइ्र्र सफल न होय । गुरू कृपा के बगैर मानव मानव नही बन पाता है, उसमें अपूर्णता ही रहती है । गुरू तो इन्द्र के समान होता है वह अपनी कृपा की निर्झरिणी सब पर समान रूप  से बरसाता है । हर धर्मो में गुरू महिमा को सर्वोच्च स्थान दिया गया हे । हमारे धर्मग्रंथो, पुराणों, को देखा जावे तो स्पष्ट रूप  सेे पता चलता है कि गुरू के सानिध्य, मार्गदर्षन एवं कृपा के कारण ही  महापुरूषो ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से जन कल्याण के लिये अपने जीवन को समर्पित किया है । गुरू ने ही बिगडे हुए सपनों को साकार किया है, गुरू ने ही विरान हुए गुलषनों को गुलजार किया है । गुरू का स्थान तो भगवान से भी बढ कर होता है । गुरू का हर षब्द महामंत्र होता है जो षिष्य के कल्याण का मार्ग प्रषस्त करता है । गुरू महिमा के बारे में स्थानीय बावन जीनालय में चातुर्मास के लिये बिराजित साध्वी पुण्यदर्षनाश्री मसा ने सोमवार को एक भेंट वार्ता में कहीं । चातुर्मास में सांसारिक जीवन में दो सगी बहिने एवं उनकी माताजी यहां पूज्य साध्वी पूण्यदर्षनाजी  एवं हर्षदर्षना जी तथा उनकी माताजी साध्वी विरती दर्षनाश्री जी आदि ठाणा बावन जीनालय में बिराजित है । साध्वी श्री पूण्यदर्षनाश्री जी मसा ने गुरू पूर्णिमा के पर्व को लेकर  चर्चा में बताया कि गुरू के बारे में यही कहना सार्थक होगा कि  तुम्हारी किन किन खुबियों का बयान करें, गुरू ने कितने ही पत्थरों को प्रतिमा का आकार दिया है । जीव गुरू कृपा प्राप्त कर लेता है तो उसे ईष्वर की कृपा बिना मांगे ही मिल जाती है । गुरू तोवह पारस है जो अपने लोह रूपी षिष्य को भी सोना बना देता है ।गुरू साक्षत इन्द्रस्वरूप होते है वे अपनी कृपा सभी पर समान रूप  से बरसाते है एवं सभी पर दया दृष्टि रखते है । साध्वी ने आगे कहा कि वही षिष्य गुरू कृपा प्राप्त करता है जो वास्तव में उसका पात्र होता है  और उसी के अनुरूप  ही गुरू कृपा फलीभूत होती है । उन्होने आगे कहा कि गुरू कृपा से ही षिष्य गुरू के समान महान हो जाता हे । गौतम स्वामी एवं महावीर स्वामी इसके स्पष्ट प्रमाण है । महावीर स्वामी एवं गौतम स्वामी को कैवल्य ज्ञान गुरू कृपा से हांसील हुआ । और दोनों ही निर्वाण को प्राप्त हुए । पूज्य साध्वीजी ने आगे बताया कि गौतम एवं महावीर में ज्ञान प्राप्त करने की पात्रता थी । क्योंकि गुरू वह षिल्पी है जो षिष्य रूपी अगढ पाषाण को भी  गढ कर दीव्य व भव्य प्रतिमा का आकार देता है । उसे तराष कर  उसकी प्रतिभा को निखार देता है । गुरूश्एक कुम्हार की तरह षिष्यरूपी घडे को उपर से जहां षब्द रूपी हथौडे से चोंट करता हे वही अन्दर उसे कोमलता के साथ सहलाता है और उसे टूटने फुटने से बचाता हे । साध्वीश्री ने कहा कि गुरू की फटकार षिष्य के लिये सदा हितकारी होती है । षिष्य का कल्याण ही गुरू कृपा में निहीत है ।  इसलिये जरूरी है कि षिष्य को समर्पित भाव से  गुरू के वचनों को स्वीकार करना चाहिये ।  जो गुरू को अपने दिल में उतार लेता है उसका उद्धार निष्चित है । गुरू के शब्दों की चोंट से हमारी खोट निकल जाती है । गुरू आन्तरिक खोट निकाल कर सपोर्ट देते हुए सचोट अर्थात सावधान बनाते है । युवावर्ग में गुरू के प्रति आदर भाव एवं समर्पित भाव समाप्त होने के संबंध में बताया कि युवावर्ग गुरूवाणी के अनुकरण के अभाव मेंही पथभ्रष्ट होता जारहा है । पाष्चात्य संस्कृति के संपर्क में आने के कारण तथा टेलीवजन संस्कृति के साथ ही मोबाईल, वाट्सअप,फेसबुक आदि के कारण युवा वर्ग पूरी तरह दिग्भ्रमित हो ता जारहा है । उसमें गुरू के प्रतिसम्मान की भावना नही के बराबर रही है । बडो का सम्मान करना भुल गया हे ।ऐसे में जब तक युवा पीढी को योग्य गुरू का मार्गदर्षन नही मिलेगा, उसका नैतिक पतन स्वाभाविक है। युवा वर्ग को इस पर विचार-मनन करना होगा तथा गुरू के संदेष का स्वीकारना होगा । स्कूलों में संस्कार अब नही के बराबर रहे है । इस ओर भी समाज एवं समुदाय,सरकार को ध्यान देना चाहिये ताकि युवा वर्ग का और आगे पतन नही हो सकें । अपरिग्रह  भावना के बारे में पूज्य साध्वीजी ने कहा कि परिग्रह आने पर आसक्ति बढ जाती है । अपने पास पर्याप्त उपलब्धता होने के बाद भी संचित वृति का होना ही परिग्रह है । इसलिये उदारमन से दुसरों को उसकी जरूरत के अनुसार देना ही अपरिग्रह है । परिग्रह जहां संग्रहवृति है और उससे मुक्ति ही परिग्रह होती हे । महावीर ने सत्य,धर्म,षांति,प्रेम का जो संदेष विष्व को दिया हे यदि उस पर चला जावे तो पूरा विष्व ही वसुदैव कुटुंबकम की भावनासे परिपूर्ण हो जावेगा ,सर्वत्र शांति प्रेम व्याप्त हा जावेगा  महावीर आज भी विष्व के लिये सामयिक है और उनके आदर्षो ेपर चल करपूरा विष्व स्वग्र बन सकता है । चातुर्मास के महत्व को प्रतिपादित करते हुए पूज्य पूण्यदर्षनाश्री जी कहा कि आत्म जागृति का अनमोल अवसर ही चातुर्मास हे । इसमें कल्याण का मार्ग प्रषस्त होता ह,ै धर्म के मर्म को समझना ही चातुर्मास है । वासना से उपासना में जुडना, आराधना से साधना में जुडना ही चातुर्मास का लक्ष्य होता है । पथ भुले पथिकों को मार्ग पर लाना ही चातुर्मास है ।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में तीरूपती यात्रा 29 अगस्त से 03 सितम्बर तक, 19 अगस्त तक कर सकते है आवेदन

झाबुआ---मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत तीरूपती की यात्रा 29 अगस्त से 3 सितम्बर तक रहेगी इस यात्रा के लिए झाबुआ जिले के 190 तीर्थ यात्री एवं 04 अनुरक्षक हेतु बर्थ आवंटित की गयी है। मेघनगर रेल्वे स्टेशन से तीरूपती जाने वाली ट्रेन 29 अगस्त 2015 को प्रस्थान करेगी एवं दिनांक 03 सितम्बर 2015 को वापसी करेगी जिले के यात्री यात्रा में मेघनगर से सम्मितिल हो सकते है। यात्रा के फार्म संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय को 19 अगस्त तक प्रस्तुत करे एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व 20 अगस्त 2015 को प्रातः 11 बजे सूची जिला पंचायत को उपलब्ध करावेगे।

जिले में अब तक कुल 479.5 मि.मी. औसत वर्शा दर्ज

झाबुआ----सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख झाबुआ श्री पाटीदार ने बताया कि जिले में वर्शा काल प्रारंभ होने से आज दिनांक तक कुल 479.5 मि.मी. औसत वर्शा हो चुकी है। जबकि गत वर्श इस अवधि तक 280.6 मि.मी. औसत वर्शा हुई थी। जिले में विगत 24 घण्टों के दौरान औसत 48.4 मि.मी. वर्शा दर्ज की गई। विगत 24 घण्टो में झाबुआ तहसील में 51.0 मि.मी., पेटलावद तहसील में 45.0 मि.मी., थांदला में 43.0 मि.मी., रानापुर में 52.0 मि.मी, मेघनगर में 44.0 मि.मी एवं रामा विकासखण्ड में 65.0 मिमी वर्शा दर्ज की गई है।

जन्म मृत्यु के प्रपत्र प्रतिमाह भेजे

झाबुआ---अधिकारी जन्म मृत्यु के सूचकांक का प्रपत्र प्रतिमाह भेजे। जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र अब आॅन लाइन बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। अतःआॅनलाइल प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया अपनाये। उक्त निर्देश कलेक्टर डाॅ. अरूणा गुप्ता ने जन्म-मृत्यु सूचकांक की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को दिये। बैठक आज 27 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मतदाताओं के आधार कार्ड ईपिक से लिंक करवाये

jhabua news
झाबुआ---सभी पात्र हितग्राहियों को पेंशन पात्रता पर्ची एवं जननी सुरक्षा योजना, कर्मकार मण्डल,योजना के लाभ से लाभान्वित करवाये। लाड़ली लक्ष्मी योजना के सभी पात्र हितग्राहियों को योजना के प्रमाण-पत्र वितरित करवाये। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं युवा उद्यमी योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलवाये। सभी विभाग आगामी 2 अगस्त को प्रस्तावित अंत्योदय मेले में अपना स्टाॅल लगवाये। नगरीय निकाय में भी शासन की योजना के लाभ से कोई हितग्राही वंचित ना रहे यह सुनिश्चित करे। सभी एसडीएम यह सुनिश्चित करे कि सभी मतदाताओं के आधार कार्ड एपिक कार्ड से लिंक हो जाये फिल्ड में जाने वाले सभी अधिकारी भी मतदाताओं को आधार सीडिंग के लिए बताये एवं प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं में सभी ग्रामीणों के बीमा फार्म भरवाये। उक्त निर्देश आज 27 अगस्त को कलेक्टर डाॅ. अरूणा गुप्ता ने समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिये। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री धनराजू एस सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।

अंधे कत्ल का पर्दाफाश एक आरोपी गिरफ्तार 

झाबुआ----पुलिस अधीक्षक आबिद खान ने बताया कि दिनांक 18.06.2015 को ग्राम छायन पश्चिम की सीमा में गलिया भील के खेत में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश, उम्र करीबन 21-22 वर्ष, मिली थी। मृतक के हाथ पर सुरेश व सावित्री खडि़या गुदा था। गलिया भील की सूचना पर थाना पेटलावद में मर्ग क्रमांक 35/15, धारा 174 जा0फौ0 का पंजीबद्ध किया गया था। जांच के दौरान मृतक की शिनाख्त सुरेश पिता बापु खडिया भील, उम्र 21 वर्ष, निवासी आकडिया, थाना रावटी जिला रतलाम के रूप में हुई थी। मर्ग जांच से मृतक की हत्या किया जाना पाये जाने पर अपराध क्र0 273/15, धारा 302, 201 भादवि का पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक शिवजी सिंह द्वारा की जा रही थी। प्रकरण को ट्रेस किये जाने हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया। थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक शिवजी सिंह एवं पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक श्री आबिद खान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सीमा अलावा एवं अ0अ0पु0 थांदला श्री एन0एस0रावत द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया। पुलिस टीम द्वारा अज्ञात आरोपी की पतारसी के पूर्ण प्रयास किये जा रहे थे। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि मृतक पेशे से मन्दसौर में नईम शेख मुसलमान एवं मुकेश धोबी के यहा पर ट्रक पर भूसा भरने की मजदूरी करता था, जो दिनांक 15.06.2015 को मन्दसौर से अपने गांव आकडिया के लिए रवाना हुआ था और घर नहीं पहुंचा था, जिसकी लाश दिनांक 18.06.2015 को छायन पश्चिम में मिली थी। अज्ञात आरोपी के विषय में अनुसंधान जारी था। पतारसी के दौरान साक्षियों के कथन एवं तकनीकी साक्ष्य  के आधार पर नईम शेख पिता शेख फरीद मुसलमान, उम्र 21 वर्ष, निवासी सीतामऊ फाटक मन्दसौर पर संदेह हुआ। संदेही नईम से सघन पूछताछ करने पर उसके द्वारा अपराध घटित किया जाना स्वीकार किया। संदेही नईम के कथन एवं साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दिनांक 26.07.2015 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक जिला झाबुआ श्री आबिद खान के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सीमा अलावा के नेतृत्व में थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक कुँवर शिवजीसिंह द्वारा पुलिस टीम के सहयोग से इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया जाकर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस अधीक्षक ने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में पुलिस टीम को बधाई दी है एवं पुरूस्कृत किये जाने की घोषणा की है।

दीवार मे सेधं लगाकर की हजारो की चोरी 

झाबुआ---फरियादी वेलसिंग पिता कालु गणावा, उम्र 40 वर्ष निवासी छापरी रणवास ने बताया कि अपने परिवार के साथ घर पर सोया था। अज्ञात आरोपी घर के पीछे की दीवार खोदकर अंदर घुसकर चांदी की बास्टी 500 ग्राम, दो चांदी की तागली 700 ग्राम, नगदी 50,000/-रूपये कुल मश्रुका 78,000/-रूपये चुराकर ले गये। प्र्रकरण में थाना कोतवाली झाबुआ में अप0क्र0 495/2015 धारा 457,380 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मारपीट एवं शासकीय कार्य में बाघा का अपराध पंजीबद्ध 

झाबुआ---फरियादी अयुब पिता सरिफ मकरानी निवासी कुरैषी कम्पाउण्ड झाबुआ ने बताया कि आरोपी मनीष पिता बाबुलाल राठौर, अन्य-01 निवासीगण रानापुर के द्वारा पंचनामा बनाने की बात को लेकर अष्लील गालिया दी, पंचनामा फाडकर शासकीय कार्य में बाधा पहॅुचाई। प्रकरण में थाना रानापुर में अप0क्र0 207/2015, धारा 294,323,34 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

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