केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए वामदलों ने मंगलवार को एक दिवसीय बिहार बंद बुलाया, जिसका असर आवागमन एवं यातायात पर देखा जा रहा है। बंद समर्थक रेलवे स्टेशनों पर और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे यातायात सेवा बाधित हुई है। पुलिस के अनुसार, बंद को लेकर विभिन्न वामदलों के कार्यकर्ता पटना सहित विभिन्न जिला मुख्यालयों में सुबह से ही सड़कों पर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। बंद समर्थकों ने आरा, दरभंगा, जहानाबाद जिलों में रेल मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
बंद का जहानाबाद, आरा, मोतिहारी, दरभंगा जिलों में भी असर देखा जा रहा हैं। इन क्षेत्रों में बंद समर्थकों ने सड़कों पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। वहीं, कई स्थानों पर बाजार भी बंद हैं। राजधानी पटना सहित सीतामढ़ी, छपरा, अररिया, फारबिसगंज में भी बंद का असर दिख रहा है, जहां बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं।
वामदलों के नेताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ बिहार की जनता में आक्रोश है, यही कारण है कि बंद का सभी क्षेत्रों में आम लोग समर्थन कर रहे हैं। वामदलों ने सोमवार को अखिल भारतीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। वहीं, मंगलवार को बंद को सफल बनाने के लिए पटना के विभिन्न क्षेत्रों में मशाल जुलूस भी निकाला गया।
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