झारखंड के विपक्षी दलों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी को बर्खास्त करने की मांग की है। चंद्रवंशी के सहयोगी पर एक डॉक्टर के निलंबन को रद्द करने के लिए 1,00,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। चंद्रवंशी के निजी सचिव सत्येंद्र नारायण सिंह ने इन आरोपों से इंकार किया है। विपक्षी पार्टियों ने स्वास्थ्य मंत्री को लेकर आक्रामक रुख बना लिया है। झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के विधायक प्रदीप यादव ने कहा, "किसी मंत्री का निजी सचिव बिना मंत्री की सहमति के पैसे की मांग नहीं कर सकता।"
यादव ने कहा, "यदि मुख्यमंत्री रघुबर दास की सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है तो स्वास्थ्य मंत्री को पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए और तुरंत मामले की जांच के आदेश देने चाहिए।" कांग्रेस ने मामले की विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस नेता आलोक दुबे ने कहा, "झारखंड और अन्य राज्यों में भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। प्रधानमंत्री मोदी मूकदर्शक बने हुए हैं।"
मीडिया रपटों के मुताबिक, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव सत्येंद्र नारायण ने एक डॉक्टर का निलंबन रद्द करने के लिए एक लाख रुपये की मांग की है। इस लेनदेन के ऑडियो टेप की सामग्री स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है। भाजपा ने इस मुद्दे को गंभीर बताया है।

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