सुरक्षा व्यवस्था के बीच भगवान जगन्नाथ की सदी की प्रथम नबकलेबर यात्रा शनिवार को यहां पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली। देश विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की नई मूर्तियों की नौ दिनों की यात्रा देखने के लिए पुरी आए हैं। यह यात्रा गुंडीचा मंदिर तक होगी और वहां से अपने अपने मूल स्थान पर लौटेगी। विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ की मूर्ति की झलक पाने के लिए सभी हलकों के लोग कल से शहर में हैं। श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया। स्वरूप परिवर्तन के प्रतीक नबकलेबर के चलते 45 दिनों तक भगवान भीतर ही रहे। नबकलेवर 19 साल के अंतराल के बाद हुआ है।
देवी देवताओं का ‘नबा जौबन दर्शन ’ कल हुआ क्योंकि दो जून को स्नान पूर्णिमा पर महा स्नान के बाद वे अंसारा पिंडी में थे। उत्सवों के दौरान 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शरीक होने की उम्मीद है, वहीं पुलिस ने हवाई और तटीय निगरानी की व्यवस्था करने के अलावा करीब 10,000 पुलिसकर्मियों को तैनात कर सख्त सुरक्षा व्यवस्था की है।
पुलिस महानिरीक्षक एवं विशेष ड्यूटी अधिकारी सौमेंद्र के प्रियदर्शी ने बताया, ‘पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बखूबी तैयार है। कई वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती के अलावा, बल की 164 पलटनें रणनीतिक बिंदुओं पर तैनात की गई हैं। भगदड़ जैसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए एहतियात बरते गए हैं।’

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