सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को राहत देते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उनके और उनके पति जावेद आनंद की अंतरिम जमानत अवधि दो सप्ताह तक बढ़ा दी है। उच्च न्यायालय का यह फैसला विशेष अदालत के फैसले के कुछ घंटे बाद आया है। विशेष अदालत ने तीस्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिससे उनकी शीघ्र गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा तीस्ता को हिरासत में रखकर पूछताछ की मांग की गई थी, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही थी। इसी के चलते निचली अदालत के फैसले के खिलाफ तीस्ता के वकील ने उच्च न्यायालय में अपील की थी।
तीस्ता, आनंद और उनके सहयोगी जी.एम. पेशिमाम पर सीबीआई ने गैर सरकारी संगठन सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इकट्ठा किए गए विदेशी चंदे में अनियमितताओं और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। तीस्ता ने विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम के तहत विदेशी चंदा इकट्ठा किया था।

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