आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी शहर में गोदावरी नदी के तट पर मंगलवार सुबह शुरू हुए 12 दिवसीय पुष्कर मेले (पुष्करालु) में भगदड़ मचने से 22 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने नियंत्रण कक्ष से स्थिति का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से कतारों में बने रहने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि गोदावरी नदी के तट पर कोटगुम्मम पुष्कर घाट के द्वारों में से एक पर अचानक पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने से वहां भगदड़ मच गई। मृतकों में अधिकांश महिलाएं हैं। पूर्वी गोदावरी जिले के राजामुंदरी शहर में स्थित इस घाट के सभी तीनों द्वारों पर अव्यवस्था रही।
शवों को राजामुंदरी के सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। घायलों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ ही हालत नाजुक बताई गई है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई शवों के घटनास्थल पर पड़े होने की आशंका जताई जा रही है। मंगलवार सुबह शुरू हुए गोदावरी महा पुष्कर मेले के चंद घंटों बाद ही भगदड़ मच गई, जो 144 साल में बने एक शुभ दिन पर लगा है। 12 दिवसीय पुष्कर मेले को दक्षिण भारत का 'कुंभ मेला' माना जाता है। मेला तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में शुरू हुआ है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार सुबह राजामुंदरी में गोदावरी नदी में पवित्र स्नान किया। हादसे की सूचना मिलने के बाद वह स्थिति का जायजा लेने तुरंत नियंत्रण कक्ष पहुंचे। उन्होंने लोगों से प्रवेश व निकास के लिए कतारों में बने रहने और श्रद्धालुओं से कम भीड़भाड़ वाले घाटों का रुख करने का भी अनुरोध किया। घाट पर भीड़ को नियंत्रित कर पाने में प्रशासन की विफलता और श्रद्धालुओं को क्रम में बनाए रखने के लिए उचित इंतजामों का अभाव भगदड़ की वजह बना।

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