भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार से शुरू होने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत के ठीक पहले हुर्रियत कांफ्रेस के कट्टपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी और डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (डीएफपी) के प्रमुख शबीर अहमद शाह को छोड़कर अन्य सभी अलगाववादी नेताओं को आज सुबह गिरफ्तार किये जाने के कुछ देर बाद ही रिहा कर दिया गया। आगामी रविवार काे नयी दिल्ली में होने वाली भारत-पाक की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत के पहले पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने अलगाववादी नेताओं को आमंत्रित किया था लेकिन इन नेताओं को या तो नजरबंद कर दिया गया या इन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।
श्री बासित ने भारत-पाक वार्ता से पहले हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों ,जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) और डीएफपी और सभी अलगाववादी नेताओं को पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाकार सरताज अजीज से बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। पाकिस्तान के इस कदम पर सभी राजनीतिक पार्टियों विशेषकर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। विपक्षी दलाें ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को पड़ोसी देश के साथ बातचीत एक बार फिर शुरू करने पर कठघरे में खड़ा करते हुए उसे पार्टी के पहले के रूख की याद दिलायी जब भाजपा का कहना था कि आंतकवादी हमले और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते।

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