जम्मू-कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता मसरत आलम की फिर रिहाई हो सकती है। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने मसरत की हिरासत रद्द करते हुए उसकी रिहाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मसरत के खिलाफ पब्लिक सेफ्टी ऐक्ट (PSA) की जो धाराएं लगाई गई थीं, वे सही नहीं हैं। हाई कोर्ट ने साथ ही जम्मू कश्मीर सरकार को निर्देश देते हुए कहा है कि मसरत की रिहाई जल्द से जल्द होनी चाहिए
मसरत आलम को अप्रैल में एक रैली के दौरान भारत विरोधी नारे और पाकिस्तानी झंडा लहराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले जम्मू-कश्मीर की बीजेपी-पीडीपी सरकार के सत्ता में आने के कुछ दिन बाद मसरत को रिहा किया था, जिस पर जमकर बवाल हुआ था। मसरत पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के करीब 27 मामले दर्ज हैं।

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