गन्ना सत्याग्रह प्रारम्भ, हस्ताक्षर अभियान और गांवो का दौरा जारी
नरकटियागंज(पश्चिम चंपारण) पश्चिम चंपारण के किसानो की अंतहीन समस्या के मद्देनजर मनौवर आलम ने गन्ना सत्याग्रह आंदोलन प्रारम्भ किया है। उल्लेखनीय है कि 1917 मे एडवोकेट मोहनदास करमचंद गांधी ने चंपारण सत्याग्रह प्रारम्भ किया। उसी तर्ज़ पर मनौवर आलम ने गन्ना सत्याग्रह प्रारम्भ किया है। उनलोगों का आरोप है कि सरकार, प्रशासन और विभिन्न राजनैतिक दल किसानो के दुश्मन बने हुए है। चंपारण के मिलहे तत्कालीन निलहों से ज्यादा क्रूर ,जुल्मी, संवेदनहीन और तानाशाह बने हुए है। सरकारी नियमों को ताक पर रख कर ये किसानो के बकाया रकम का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सत्याग्रह आंदोलन की रूप रेखा 30 जुलाई 15 को सरकार प्रशासन विभाग और मिल प्रबंधन को ज्ञापन, 01 अगस्त 15 को तरहरवा मठ नरकटियागंज से हस्ताक्षर अभियान और किसान पंचायत कि शुरुआत की गई। 03 अगस्त 15 को सत्याग्रही अधिकारिओ को फूल का गुलदस्ता देकर भुगतान का अनुरोध करेंगे, 06 अगस्त 15 को महात्मा गांधी के प्रसिद्ध भीतिहरवा आश्रम से पदयात्रा की शुरुआत करेंगे, 09 अगस्त 15 को नरकटियागंज हाइस्कूल चौक पर आमसभा किया जाएगा उसके बाद सत्याग्रह के अंतिम चरण मे 20 अगस्त 15 से चिनिमील गाते पर अनिश्चित कालीन धारना दिया जाएगा और जबतक किसानो के बकाए मूल्य का भुगतान नहीं होता है तब तक जारी रहेगा। तरहरवा मठ से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत मे मुख्य वक्ता सेवानिवृत प्रोफसर भगवत उपधायाय, दीपक मनी तिवारी, ई॰ नौशाद आलम, वीरेंद्र सोनी, सत्याग्रह संयोजक मनौवर आलम, राजू डे, दिलशाद अहमद रहे। हस्ताक्षर अभियान के कार्यक्रम कि अध्यक्षता मुखिया श्रीबैठा ने किया जबकि संचालन राजू डे ने किया। उसके बाद पूरी टीम ने चानकी और पिपरा गाँव का दौरा भी किया।

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