पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आज आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बिहार के लिये एक लाख 25 हजार करोड़ रूपये की विशेष पैकेज की घोषणा ..सिर्फ एक चुनावी जुमला.. है ।
श्री रमेश ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 18 अगस्त को आरा में जिस तरह से बिहार के लिये एक लाख 25 हजार करोड़ रूपये की घोषणा की . उससे ऐसा लग रहा था जैसे राज्य की निलामी की जा रही हो । उन्होंने कहा कि ऐसा कर बिहार के लोगों का अपमान किया गया है जिसका परिणााम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा । पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार के लिये विशेष पैकेज की घोषणा महज एक चुनावी जुमला है जिसका लाभ राज्य के लोगों को मिलने की कोई उम्मीद नही है । उन्होंने कहा कि कई पुराने और क्रियान्वित किये जा रहे परियोजनाओं को बिहार के लिये विशेष पैकेज में जोड़ दिया गया है जो एक छलावा है ।
श्री रमेश ने एक सवाल के जवाब में कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वर्ष 1989 में बिहार के लिये विशेष पैकेज की घोषणा की थी जिसमें बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कई परियोजनाओं को शामिल किया गया था । उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के लिये परियोजनाओं को पूरा करने में नेपाल सरकार से सहयोग की आवश्यकता थी लेकिन अपेक्षित सहयोग नही मिल पाया । उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार से सहयोग नही मिलने से इन परियोजनाओं को लागू नही किया जा सका ।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक में परिर्वतन कर नौ मुख्य संशोधनों में से छह संशोधनों को वापस ले लिया है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन संशोधनों का विरोध कर रही थी और इसे वापस लिये जाने से भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक का स्वरूप लगभग वही हो गया है जो कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल के समय बनाये गये भूमि अधिग्रहण अधिनियम का था । श्री रमेश ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि जीएसटी के मामले में उनकी पार्टी सरकार को समर्थन देने को तैयार है । उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर :जीएसटी :के तहत सरकार चाहती है कि 25-26 प्रतिशत कर लगाया जाये लेकिन कांग्रेस इसे किसी भी हाल में 18 प्रतिशत से ज्यादा नही रखना चाहती ।
इस मौके पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि महा गठबंधन की ओर से पटना
में 30 अगस्त को आयोजित की जाने वाली स्वाभिमान रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या उपाध्यक्ष राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना है । उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की ओर से इस संबंध में पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया गया है ।

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