जात-पात से नहीं भक्ति से प्रसन्न होते हैं भगवान: पं. नवलकिशोर शास्त्री
- भगवान का हुआ जन्म महिलाओं ने गाये सोहरे और बधाईयां
छतरपुर। पन्ना रोड स्थित प्राचीन नर्सिंह मंदिर में चल रही सात दिवसीय भागवत कथा में चौथे दिन पूरा प्रांगण भगवान कृष्ण के जन्म की लीला से प्रफुल्लित हो उठा। भगवान का जन्म होते ही कथा स्थल सोहरे और बधाईयां गीतों की मधुर ध्वनी से गुंजायमान हो गया। महिलाओं ने भगवान कृष्ण को गोद में लेकर खूब नृत्य किया और गीत गाये तथा भगवान की बलाईयां ली। चौथे दिन कथा वाचक महाराज पं. नवलकिशोर शास्त्री जी ने गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, बली बावन सवांद, मत्य अवतार, नर्सिंह अवतार, भक्त श्री अमरीस चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। पं. नवलकिशोर शास्त्री ने संगीतमय भागवत कथा के दौरान कहा कि भगवान जात-पात से नहीं भक्ति से प्रसन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि जब बालक प्रहलाद को बचाने के लिए भगवान ने विराट नर्सिंह रूप धारण किया तो सभी भय-भीत हो गए। देवताओं ने आकाश में स्तुति कर भगवान का क्रोध शांत करने का प्रयास किया लेकिन भगवान का क्रोध शांत नहीं हुआ। तब देवताओं के अनुरोध पर स्वयं प्रहलाद भगवान को मनाने सिघांसन पर पहुंचे और अपने कोमल हांथों से उनके चरण पकड़ लिए। भगवान ने भक्त प्रहलाद से कहा कि मुझे आने में देर हो गई है और तुमने अपने पिता के बहुत अत्याचार सहे हैं। इस लिए मुझे क्षमा कर दो तो वहीं भक्त प्रहलाद ने भगवान से कहा कि आप को मेरे जैसे छोटे भक्त को बचाने के लिए कष्ट सह कर यहां आना पड़ा इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं। महाराज श्री शास्त्री जी ने कहा कि भगवान की नजर में कोई बड़ा-छोटा नहीं होता, उन्होंने कहा कि भगवान केवल भक्ति से प्रसन्न होते हैं। गज और ग्राह की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि गजेन्द्र ने केवल भगवान के चरणों में एक पुष्प अर्पित किया था और भगवान ने ग्राह से गजेन्द्र को बचा लिया। उन्होंने कहा कि कुबजा कुरूप थी उसके बाद भी भगवान ने उसे अपनाया। सुदामा दीन हीन और गरीब था लेकिन भगवान ने उसे अपने सीने से लगाया। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण पृथ्वी के देवता हैं, लेकिन उनके मुख से बेदवाणी का उच्चारण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत में ब्राम्हण के अंदर बाहर गुण बताए गए हैं जबकि गीता में ब्राम्हण के नौ गुण बताए गए हैं। महाराज श्री ने कथा के बीच में कई ऐसे रोचक प्रसंग और भक्ति पूर्ण गीत प्रस्तुत किए जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। ज्ञात हो कि नर्सिंह मंदिर में भाजपा महामंत्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह गुड्डू एवं नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह के सहयोग से भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन भागवत कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
हर्षोल्लास के साथ मनाया गया एन सी सी का 67वाॅं स्थापना दिवस
छतरपुर ! स्थानीय 25 म0 प्र0 बटालियन एन सी सी छतरपुर द्वारा आज दिनांक 22 नवम्बर 2015 को 67वाॅं एनसीसी स्थापना दिवस मनाया गया इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्री वी0 एस राठोर प्राचार्य केन्द्रीय विधालय छतरपुर एवं विषिष्ठ अतिथि श्री अनिल अग्रवाल प्राचार्य, सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल के आगमन के साथ शुरू हुआ । सर्वप्रथम मुख्य अतिथि श्री वी0 एस राठोर ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का प्रारम्भ कराया। तत्तपष्चात सर्वप्रथम महाराजा काॅलेज के केडेटो द्वारा सरस्वती वंदना गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तदूपरान्त महाराजा काॅलेज के ही केडेटो द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात शास0 उच्च0 माध्य0 विद्यालय क्र.01 छतरपुर के कैडेटो द्वारा गीत ’’ देष रंगीला रंगीला ’’ पर मनमोहक प्रस्तुति दी, तत्तपष्चात कैडेट जयपाल अहिरवार, शास0 उच्च0 माध्य0 विद्यालय क्र.02 छतरपुर द्वारा एकल नृत्य ’’बम भोले बम भोले’’ गीत पर मनोहरी प्रस्तुति दी गई । समूह गायन ’’स्वर्गतुल्य है देष हमारा’’ गीत पर सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल छतरपुर के कैडेटों द्वारा भाव प्रवाह गीत की प्रस्तुति की गई, सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल छतरपुर के कैडेटों द्वारा समूह नृत्य ’’मैया यषोेदा ये तेरो कन्हैया’’ गीत पर दर्षको की जमकर ताली बटोरी, शास0 उच्च0 माध्य0 विद्यालय क्र.02 छतरपुर के कैडेट्स द्वारा बुन्देलखण्ड की प्रसिद्ध ’’ दिवारी नृत्य’’की शानदार प्रस्तुति दी गई जिससे दर्षकदीर्घा बैठे लोग झूम उठे । अंत में महाराजा काॅलेज के केडेटो द्वारा बधाई नृत्य ’’नैना बन्द लागे कहियो ना’’ देकर सभी का मन मोह लिया सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात थल सेना कैम्प में मध्यप्रदेष एवं छत्तीसगढ़ डायरेक्टोरेट का प्रतिनिधित्व करने वाले एनसीसी कैडेट्स दीपक विष्वकर्मा, केषव प्रसाद, रामगोपाल पटेल,राहुल अहिरवार, बबीता कुषवाहा, पूजा कुषवाहा,सोनम अहिरवार को सर्टिफिकेट एवं मेडल देकर पुरस्कृत किया गया साथ ही पर्वतारोहण षिविर में मध्यप्रदेष एवं छत्तीसगढ़ डायरेक्टोरेट का प्रतिनिधित्व करने वाले एनसीसी कैडेट्स कैलाष अहिरवार को सर्टिफिकेट एवं मेडल देकर पुरस्कृत किया गया एवं इन्टर डायरेक्टोरेट शूटिंग चैम्पियनषिप में मध्यप्रदेष एवं छत्तीसगढ़ डायरेक्टोरेट का प्रतिनिधित्व करने वाले एनसीसी कैडेट्स रमेष प्रभाकर एवं जितेन्द्र कुमार चैरसिया को भी सर्टिफिकेट एवं मेडल देकर पुरस्कृत किया गया । कार्यक्रम के प्रारम्भ में बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल व्ही एस सलाथिया ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों स्टाफ एवं कैडैट्स को 67 वीं एनसीसी स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुये कहा कि एनसीसी हमें एकता और अनुषासन सिखाती एकता के साथ अनुषासित रहकर हम बड़ा से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं मुख्य अतिथि श्री व्ही एस राठोर ने सभी को बधाई देते हुये एनसीसी कैडेटों को समाज एवं राष्ट्र् के अच्छे नागरिक बनने पर जोर दिया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेटों एवं 25 म0 प्र0 बटालियन एनसीसी की तरफ से वृद्धा आश्रम एवं विकलांग आश्रम में जाकर निराश्रितों को फल वितरति किये गये । कार्यक्रम के अंत में एनसीसी गान एवं राष्ट्र्गान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ । कार्यक्रम में ले0 आर पी कुम्हार, थर्ड आॅफीसर, प्रभान सिंह, थर्ड आॅफीसर अनीता दीक्षित केयर टेकर पूनम अथेले एव ंकेयर टेकर पवन कुमार पाठक, सूबेदार मेजर लोकेन्दर सिंह, सूबेदार धीरज गुरून्ग नायब सूबेदार के. वेटरी वेलन एवं 25 म0 प्र0 बटाालियन एनसीसी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन केप्टन जे पी शाक्य ने किया ।


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