मोदी सरकार की नीतियों को आम आदमी तक ले जाने में किसी मैकेनिज्म का न होना बिहार चुनाव परिणामों की बड़ी वजह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 16 नवंबर 2015

मोदी सरकार की नीतियों को आम आदमी तक ले जाने में किसी मैकेनिज्म का न होना बिहार चुनाव परिणामों की बड़ी वजह

शिमला,बिहार के चुनावी नतीज़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा है की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गयी विभिन्न बेहद महत्वपूर्ण योजऩाओं को आम आदमी तक पहुँचाने में किसी मजबूत मैकेनिज्म का न होना बिहार चुनाव के परिणामों की एक बड़ी वजह है ! श्री मोदी द्वारा शुरू की गयी मुद्रा बैंक योजना, स्किल इंडिया एवं डिजिटल इंडिया अभियान और मेक इन इंडिया कार्यक्रम आम आदमी का जीवन बदल सकते हैं लेकिन जिन लोगों के लिए ये योजनाएं शुरू की गयीं उनतक यह योजना प्रभावी तरीके से पहुंची ही नहीं और उन्हें पता ही नहीं लगा की आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने उनके वित्तीय एवं सामाजिक समावेश के लिए कुछ योजनाएं शुरू की हैं ! यदि यह योजनाएं सही मायनों में नीचे तक आम आदमी तक पहुँचती तो बिहार के चुनाव परिणाम कुछ और ही होते !
 
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खण्डेलवाल ने कहा की इसमें कोई शक नहीं की मोदी सरकार ने ऐसे अनेक योजनाएं शुरू की जिनके बारे में कभी सोचा तक नहीं गया लेकिन यह भी एक वास्तविकता है की जिन लोगों पर इन योजनाओं को निचले स्तर तक ले जाने की जिम्मेवारी थी उनके पास कोई दूरदृष्टि नहीं थी, कोई ठोस रोडमैप नहीं था यहाँ तक की जिन वर्गों के लिए ये योजनाएं थी उनके संगठनों को कभी भी विश्वास में नहीं लिया गया ! देश में छोटा तबका जिसमें व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, ट्रक ऑपरेटर, लघु उद्योग, किसान, स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी, हॉकर्स आदि सही मायने में इन योजनाओं के हकदार हैं और वो वोटर भी हैं ! इन वर्गों को पता ही नहीं चला की सरकार उनके लिए मजबूत योजनाएं बनायीं हैं !
 
उदहारण के रूप में उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री ने अप्रैल में मुद्रा योजना शुरू की थी जिसका पूरा फायदा छोटे व्यावसायिओं को मिलना था ! मुद्रा एक रेगुलेटर के रूप में गठित होगा जिसके लिए संसद से बिल पारित करना होगा ! इतना लम्बा समय बीत जाने के बाद भी मुद्रा बिल अभी तक सरकारी फाइलों में ही अटका पड़ा हुआ है ! जितनी गंभीरता प्रधानमंत्री ने दी उस अनुपात में अफसरशाही ने कुछ भी नहीं किया ! बड़ी मात्रा में लोग मुद्रा के द्वारा  कजऱ्ा मिलने से महरूम हो गए हैं !
 
श्री भरतिया एवं श्री खण्डेलवाल ने उम्मीद जताई है की इस मुद्दे पर निश्चित रूप से सरकार के स्तर पर अब चिंतन होना चाहिए और आम आदमी से जुडी साड़ी योजनाओं को समयबध्द सीमा में लोगों तक पहुँचाने के लिए जिम्मेदारी तय हो और उसकी मॉनिटरिंग हो !



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विजयेन्दर शर्मा 
शिमला 

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