काठमांडू, 07 नवंबर, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी ओली के बाद कम्युनिस्ट पार्टी नेपाल के एक और नेता माधव कुमार नेपाल ने भारत नेपाल सीमा पर अवरोध तथा उसके चलते नेपाल के लिए उत्पन्न कठिनाइयों का ठीकरा भारत के सिर फोड़ा है और तराई की जनता से बहकावे में नहीं आने की अपील की है । नेपाल के एक पूर्व प्रधानमंत्री तथा कम्युनिस्ट पार्टी नेपाल ( युनाइटेड मार्क्सवादी लेनिनवादी) के वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल ने कल भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सीमा पर अवरोध खड़ा कर नेपाल को अनावश्यक रुप से दंडित कर रहा है ।
उन्होंने अपनी पार्टी की एक ईकाई द्वारा अायोजित आभार प्रदर्शन बैठक में कहा कि प्रतिबंध के चलते नेपाल को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने पूछा कि नेपाल में नया संविधान स्वीकार किये जाने को लेकर भारत को क्यों चिन्ता है । उन्होंने कहा कि नये संविधान को भारी बहुमत से स्वीकार किया गया है अत: इसे लेकर किसी भी प्रकार के विरोध को स्वीकार नही किया जा सकता ।
उन्होंने कहा कि अवरोध को लेकर भारत स्वयं अच्छे पड़ोसी की अपनी छवि खराब कर रहा है । उन्होंने मधेसी जनता से अपील की कि वह किसी प्रकार के बहकावे में नही आये । उन्होंने कहा कि मधेसी पार्टियां चुनाव में हार जाने के कारण संविधान का विरोध कर रही हैं ।
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