नयी दिल्ली 07 नवंबर, सरकार ने शनिवार से पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 1.60 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 40 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिया है। इससे इनकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड(सीबीईसी) की अधिसूचना के अनुसार, अन ब्रांडेड या सामान्य पेट्रोल पर मूल उत्पाद शुल्क 5.46 रुपये से बढ़कर 7.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है। अतिरिक्त और विशेष उत्पाद शुल्क सहित पेट्रोल पर कुल 19.06 रुपये का अधिभार हो गया है जबकि पहले यह 17.46 रुपये का था। ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 6.64 रुपये से बढ़कर 8.24 रुपये प्रति लीटर हो गया है। लेकिन, इस पर विशेष एवं अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पहले की तरह 12 रुपये प्रति लीटर ही रहेगा।
तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया है, लेकिन 15 नवंबर को हाेने वाली अगली नियमित समीक्षा में इसका असर देखा जा सकता है। यदि जरूरी लगा तो कंपनियाँ नियमित समय से पहले भी कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं। इसी तरह अन ब्रांडेड या सामान्य डीजल पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क 4.26 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 4.66 रुपये प्रति लीटर हो गया है। विशेष उत्पाद शुल्क सहित डीजल पर कुल उत्पाद शुल्क 10.26 रुपये हो गया है। ब्रांडेड डीजल पर उत्पाद शुल्क 6.62 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 7.02 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पूर्व की तरह छह रुपये प्रति लीटर यथावत रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से डीजल और पेट्रोल की कीमतों में कमी आने पर सरकार ने नवंबर 2014 से जनवरी 2015 तक चार बार इन दोनों पर उत्पाद शुल्क में बढोतरी की थी। चार बार में पेट्रोल पर कुल उत्पाद शुल्क में 7.75 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुयी थी और इससे सरकार को 20 हजार करोड रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला था।

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