बेंगलुरु.06 नवम्बर, नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने आज इस बात पर दुख व्यक्त किया कि राजनीतिक नेताओं ने लोगों के बीच असहिष्णुता की भावना को कम करने की दिशा में मदद करने की बजाय इसे और बढ़ाया है तथा धार्मिक नेताओं ने भी इस सामाजिक बुराई को कम करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है।
श्री सत्यार्थी ने इस बात की जोरदार वकालत की कि भारत को इस सामाजिक बुराई से नरमी एवं कुशलता से निपटते हुए इसका स्थाई समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें पहला कदम घर से शुरु होना चाहिए जिसमें मां-बाप को अपने बच्चों को सहिष्णुता की सीख देकर सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान का पाठ पढाना चाहिए। इसके साथ ही राजनीतिक नेताओं को जिम्मेदार रूख अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेताओं को मंदिर ,मस्जिद एवं गुरुद्वारे में युवाओं को एकत्र करके समानता एवं सहिष्णुता के बारे में बात करनी चाहिए जिसका समाज में बेहतर संदेश जायेगा।

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