नयी दिल्ली 06 नवंबर, रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने मौद्रिक नीति निर्धारण के निर्णय पर आरबीआई गवर्नर के एकाधिकार को लेकर सरकार और केंद्रीय बैंक में मतभेद होने की अटकलों के बीच आज कहा, “इस मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं है और हमारे बीच सम्मानजनक संबंध है।” श्री राजन ने आज यहां एक कार्यक्रम में कहा, “हमलोग एकीकृत शासन प्रणाली का हिस्सा हैं जहां वृहद् अर्थव्यवस्था के जोखिमों और जरूरतों को ध्यान में रखकर किसी निर्णय पर पहुंचना होता है। ऐसे समय में सरकार और आरबीआई दोनों एक-दूसरे के निर्णय का सम्मान करते हैं।”
उन्होंने मौद्रिक नीति के निर्णय पर सरकार से हमेशा दूरी बनाये रखने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनके बीच ऐसी कोई स्थिति रही हो, वह नहीं मानते। मांग बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के मद्देनजर आरबीआई ब्याज दरों में इस साल अबतक 1.25 फीसदी की कटौती कर चुका है जो सरकार और रिजर्व बैंक के बीच सम्मानजनक संबंध को प्रदर्शित करता है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने ब्याज दरों के निर्धारण के लिए सात सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति के गठन का प्रस्ताव किया है जिसमें चार सदस्य सरकार द्वारा और शेष तीन सदस्य आरबीआई द्वारा नामित किये जाएंगे। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार मौद्रिक नीति पर अंतिम निर्णय लेने का एकाधिकार रिजर्व बैंक गवर्नर के पास है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें