सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर (12 नवम्बर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 12 नवंबर 2015

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर (12 नवम्बर)

ऑनलाइन त्रुटियों में सुधार के लिए 15 नवम्बर तक की अनुमति

sehore map
माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा संचालित सत्र 2015-16 की परीक्षाओं के परीक्षा आवेदन पत्र एवं नामांकन ऑनलाईन भरने के संबंध में अंतिम तिथि के पश्चात भी कतिपय संस्था एवं छात्रों द्वारा परीक्षा व नामांकन पत्र त्रुटि सुधार हेतु आवेदन किए जा रहे है। उक्त त्रुटियों में सुधार के लिए 15 नवम्बर 2015 तक की अनुमति प्रदान की गई है। परीक्षा आवेदन पत्रों व नामांकन फार्म में त्रुटि सुधार उपरांत संस्था प्राचार्य कियोस्क से नामीनल रोल प्राप्त कर इस आशय का प्रमाणिकरण करेगे कि कोई त्रुटि शेष नही है। तत्पश्चात नामीनल रोल की एक प्रति समन्वयक संस्था में 20 नवम्बर 2015 तक जमा करना सुनिश्चित करेगे। समन्वयक संस्था में जमा हुए नामीनल रोल संभागीय अधिकारी एग्जाई कर मण्डल मुख्यालय के परीक्षा कक्षों में 30 नवम्बर 2015 तक भेजना सुनिश्चित करेगे। परीक्षा परिणाम घोषणा उपरांत संशोधन प्रकरणों की संख्या न्यूनतम हो इसे दृष्टिगत रखते हुए निर्णय लिया गया है कि संबंधित संस्था प्राचार्य के माध्यम से पूर्व में भरी गई जानकारियों का सम्पूर्ण डाटा परिवर्तित किए बिना, लिपिकीय त्रुटियों को संस्था में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संस्था प्राचार्य के प्रमाणिकरण के आधार पर जिस कियोस्क से नामांकन एवं परीक्षा आवेदन पत्र भरे गए है, उसी कियोस्क से त्रुटियों के सुधार के लिए अनुमति प्रदान की गई है। कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं में विषय संशोधन, अतिरिक्त विषय जोडने, हटाने की भी सुविधा रहेगी।

शासकीय आवास के अदेय प्रमाण-पत्र की आवश्यकता समाप्त

राज्य शासन द्वारा शासकीय आवास गृह¨ं में रहने वाले अधिकारी अ©र कर्मचारिय¨ं क¨ सेवानिवृत्त ह¨ने पर ल¨क निर्माण विभाग द्वारा दिये जाने वाले आवास गृह के अदेय प्रमाण-पत्र क¨ प्राप्त करने की अनिवार्यता क¨ समाप्त कर दिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी किया है। अब सेवानिवृत्ति की तिथि तक शासकीय अधिकारी/कर्मचारी से आवास किराये की राशि वसूल ह¨ने अ©र उक्त तिथि तक किराया बकाया न ह¨ने का प्रमाण-पत्र जारी करने का उत्तरदायित्व निय¨क्ता विभाग का ह¨गा। इसकी जवाबदारी आहरण एवं संवितरण अधिकारी क¨ स©ंपी गयी है। इसी तरह शासकीय सेवक द्वारा जल-कर, विद्युत शुल्क की अंतिम देयक राशि जमा करने की रसीद क¨ ही अमांग प्रमाण-पत्र के रूप में आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा मान्य किया जायेगा। अंतिम देयक का आशय शासकीय सेवक द्वारा शासकीय आवास की आधिपत्य से माना जायेगा।

कोई टिप्पणी नहीं: