रांची 21 नवंबर, झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने आज कहा कि स्वस्थ कामकाज के माहौल से उत्पादकता में सुधार होता है और इस तथ्य को भारतीय इस्पात उद्योग अच्छी तरह जानता है। श्रीमती मुर्मू ने यहां इस्पात उद्योग में सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण विषय पर संयुक्त समिति द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कहा कि सभी कर्मचारियों के लिए दुर्घटना मुक्त काम की जगह और सुरक्षित कार्य वातावरण लौह और इस्पात संयंत्र के प्रबंधन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोहा और इस्पात बनाना एक खतरनाक प्रक्रिया है और इसमें दुर्घटनाओं की संभावना रहती है लेकिन आज दुनिया में आधुनिक तकनीकी ने इस्पात उद्योग को बेहतर बना दिया है। गर्मी, धूल, धुआं, रसायन, आग, विस्फोट, धातु, लावा तथा गैस की विषाक्तता स्वास्थ्य के लिए मुख्य खतरा हैं और पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं ।
उन्होंने कहा कि यह आर्थिक और सामाजिक कारकों को प्रभावित करता है तथा कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। एक सुरक्षित काम का स्थान प्रतिस्पर्धा की दिशा के साथ ही विकास के लाभ में योगदान करता है। श्रीमती मुर्मू ने कहा कि भारतीय इस्पात उद्योग सुरक्षा और व्यावसायिक स्वास्थ्य के महत्व को पहचानता है। श्रीमती मुर्मू ने कहा कि किसी भी व्यापार संगठन की सफलता काफी हद तक सुरक्षा और व्यावसायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं को गोद लेने पर निर्भर है। भारतीय इस्पात उद्योग वैश्विक बाजार में तेजी से बढ़ रहा है और बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण एवं विस्तार कार्यक्रम हमारे देश में उठाए जा रहे हैं। उसी के अनुसार प्रौद्योगिकियों के उन्नयन के साथ नयी चुनौतियां भी सुरक्षा और व्यावसायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उभर रही हैं।

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