इलाहाबाद/भदोही 20 नवम्बर, इलाहाबाद विश्वविधालय के छात्र संघ के कुछ नेताओं के विरोध के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ को आज यहां आने से प्रशासन ने रोक दिया । भाजपा सांसद को वाराणसी इलाहाबाद राजमार्ग पर भदोही के औरेया में पुलिस ने रोक दिया तथा उन्हें वाराणसी भेज दिया ।इलाहाबाद के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार राय ने कहा कि उच्च अधिकारियों की ओर से योगी आदित्यनाथ यहां आने से रोकने का आदेश मिला था ।भाजपा सांसद को रोकने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कुछ देर विरोध किया ।सांसद को इसके बाद वाराणसी भेज दिया गया । इलाहाबाद आने से रोके जाने पर योगी आदित्यनाथ ने इसे “जंगलराज“ बताया तथा कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया जा रहा है ।उन्हें छात्र संघ के बने नये भवन के उदघाटन के लिये आमंत्रित किया गया था लेकिन राज्य सरकार के इशारे पर काम कर रहे जिला प्रशासन ने कार्यक्रम में आने से रोक दिया ।योगी आदित्यनाथ को रोके जाने के विरोध में इलाहाबाद के फूलपुर से सांसद केशव प्रसाद मौर्य तथा कौशाम्बी से सांसद विनोद सोनकर धरने पर बैठ गये जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया ।
सांसद आदित्यनाथ को रोके जाने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जार्जटाऊन इलाके में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला भी जलाया । विवाद उसवक्त शुरू हुआ जब इलाहाबाद छात्र संघ की अघ्यक्ष चुनी गयी रिचा सिंह ने योगी आदित्यनाथ को साम्प्रदायिक और विवादित व्यक्ति बताते हुये उन्हें परिसर में नहीं आने देने की चेतावनी दी । चेतावनी के बाद संभावित संघर्ष को देखते हुये जिला प्रशासन ने कल रात ही निषेधाज्ञा लागू कर दी थी । अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया था ।छात्र यूनियन के हाल में हुये चुनाव में विधार्थी परिषद के प्रत्याशी उपाध्यक्ष,महासचिव तथा सांस्कृतिक सचिव पद के लिये चुने गये हैं जबकि अघ्यक्ष के पद पर निर्दलीय रिचा सिंह चुनी गयीं जिन्हें समाजवादी छात्र सभा का समर्थन मिला था ।रिचा सिंह ने कहा कि सांसद आदित्यनाथ मुसलमानों के बारे में हमेशा गैरजिम्मेदाराना और आपत्तिजनक बनाय देते हैं ।विश्वविधालय में मुसलमान छात्र छात्रायें भी पढती हैं ।कार्यक्रम में यदि भाजपा सांसद ने फिर विवादित बयान दिया तो बडी समस्या हो सकती है ।योगी आदित्यनाथ का शिक्षा के क्षेत्र में कोई योगदान भी नहीं है । विधार्थी परिषद के चुने प्रतिनिधियों ने बिना अघ्यक्ष की जानकारी के भाजपा सांसद को आमंत्रित किया जो गलत था ।

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