मोदी ने भारत और रूस की दाेस्ती को एक शक्ति बताया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2015

मोदी ने भारत और रूस की दाेस्ती को एक शक्ति बताया

india-russia-a-power-modi
मॉस्को 25 दिसम्बर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और रूस की दोस्ती को एक शक्ति करार देते हुए आज कहा कि आने वाले समय में मध्य एशिया में बन रहे ये संबंध विश्व की दिशा तय करेंगे। रूस की यात्रा पर गए श्री मोदी ने यहां प्रवासी भारतीय, भारतीय मूल के लोगों तथा रुसी नागरिकों के कार्यक्रम ‘फ्रेंड्स आफ इंडिया’को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आैर रूस के संबंध बहुत घनिष्ठ और सदियों पुराने हैं। दोनों देशो के संबंध राजनीतिक और व्यापारिक रिश्तों से अलग हैं। भारत और रूस के सांस्कृतिक संबंध अन्य संबंधों को ताकत देते हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत को जानने और समझने की इच्छा रूसी नागरिकों में बहुत है और यही कारण है कि रूस में भारत की कला और संस्कृति को समझाने के लिए 150 से ज्यादा केंद्र चल रहे हैं। इसके अलावा 21 जून को योग दिवस पर रूस ने 200 से ज्यादा स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये थे जिसमें 50 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था। 

श्री मोदी ने रूस को एक भरोसेमंद मित्र बताया और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते ‘लेन देन’ पर आधारित नहीं हैं। संकट का समय हो या सुविधा रुस हमेशा भारत के साथ रहा है। युद्ध के समय में भी रूस ने भारत की मदद की है। अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर रूस ने भारत का हमेशा साथ दिया है। दोनों देश आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन पर मिलकर काम कर रहे हैं और इसके परिणाम जल्दी ही सामने दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का सामना करने के लिए भारत और रूस ने मिलकर रणनीति बनाई है और एकजुटता के साथ काम करेंगे। दोनों देशों के एक रास्ते पर चलने से पूरे विश्व को लाभ होगा। श्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस मिलकर मध्य एशिया में एक ताकत का निर्माण कर रहे हैं जो आर्थिक संपन्नता का कारण बनेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से यूरोपीय संघ और आसियान की चर्चा होती है वैसे ही यूरेशिया की चर्चा होगी। यह एक ताकतवर इकाई होगी जिससे विश्व में संतुलन बनेगा। यह आर्थिक शक्ति का भी एक मंच होगा। प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक क्षमता का ब्योरा देते हुए बताया कि देश में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते भरोसे का प्रतीक है। देश अब एक बाजार के स्थान पर विनिर्माण के रुप में बदल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत 21वीं सदी में बड़ी भूमिका निभाएगा। 

श्री मोदी ने कहा कि उनकी यह रूस यात्रा बहुत थोडे़ समय के लिये हुई लेकिन यह बेहद सफल ,फलदायी और परिणामकारी साबित होगी। इसका असर आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों पर दिखाई देगा। श्री मोदी के स्वागत में अभिनंदन और अभिव्यक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्री मोदी का स्वागत वैदिक मंत्रों और स्तुति गान से किया गया। इस अवसर पर लगभग सौ रूसी कलाकारों ने वंदे मातरम ,कथक ,कुचीपुड़ी नृत्य, कर्नाटक संगीत और गुजरात का गरबा प्रस्तुत किया । इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘नया गाता हूं’ का भी मंचन किया गया। श्री मोदी ने अपने स्वागत समारोह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर भारतीय के लिए यह गर्व का विषय है कि रूसी लोग भारत से कितना प्रेम करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ रूसी नागरिक रूस में एक बड़ा हिन्दु मंदिर बनाना चाहते हैं।श्री मोदी ने उम्मीद जतायी है कि उनका यह सपना जल्दी पूरा होगा। उन्होंने इस अवसर पर ईद मिलाद उन नबी और क्रिसमस की भी बधाई दी। 

कोई टिप्पणी नहीं: