भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार में अपराध और दलितों-गरीबों पर बढ़ते हमले की घटनायें बेहद चिंताजनक है. बिहार की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जदयू-राजद की सरकार बनाई थी, वह कहीं से पूरी होती नहीं दिख रही. उन्होंने वैशाली में एएसआई की हत्या की घटना की तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि दरअसल गरीबों-दलितों के हत्यारों को सजा नहीं देने और कोर्ट द्वारा एक-एक कर बरी करवाए जाने की घटनाओं ने सामंती-अपराधियों का मनोबल बढ़ाया है. बाथे से लेकर बथानी तक के जनसंहारों के हत्यारे बरी कर दिए गए. आंदोलनकारी नेताओं को जेल में डाल दिया गया. फिर भी बिहार की जनता ने न्याय की उम्मीद में नीतीश कुमार को बहुमत दिया, लेकिन अपराध लगातार बढ़ता ही जा रहा है.
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के गृह जिले में पुट्टु मांझी की हत्या कर दी गयी, अतरी में दलितों के उपर हमला किया गया, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. उन्होंने कहा कि लालू-नीतीश दलितों-गरीबों की जितनी बात कर लें, लेकिन सामंती ताकतों से ही दरअसल इन लोगों ने गठजोड़ कर रखा है. इस सरकार को अपनी सामंती पक्षधरता छोड़नी होगी.

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