नयी दिल्ली/पठानकोट, 11 जनवरी, भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता पठानकोट हमले के दोषियाें के खिलाफ कार्रवाई एवं आंतरिक सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए की गयी उच्च स्तरीय बैठकों के मद्देनजर कुछ सप्ताह के लिए टल सकती है। इस संबंध में देर शाम तक हालांकि कुछ भी आधिकारिक तौर पर साफ नहीं किया गया पर पाकिस्तान से आ रही रिपोर्टों के अनुसार पठानकोट हमले के मद्देनजर यह वार्ता कुछ सप्ताह के लिए टल सकती है। इस बीच पाकिस्तान ने भारत द्वारा दी गयी सूचना के आधार पर पठानकोट वायुसैनिक अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले की प्रारंभिक जाँच पूरी कर रिपोर्ट भारतीय अधिकारियों को सौंप दी है और उसने विस्तृत जाँच के लिए संयुक्त जांच दल गठित किया है। संयुक्त जाँच दल में आई.बी. आई.एस.आई. तथा मिलिट्री इंटेलिजेन्स शामिल होंगे। संयुक्त जाँच दल के गठन का निश्चय प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में किया गया। इधर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें उनके हवाले से कहा गया था कि भारत ने प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता को रद्द कर दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को बातचीत की प्रक्रिया आगे बढाने के लिए पठानकोट हमले पर त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई करनी होगी। पाकिस्तान के समाचार चैनल जियो टीवी के मुताबिक उच्च पदस्थ सूत्रों ने ‘द न्यूज’ को बताया कि भारतीय विदेश सचिव एस. जयशंकर को वार्ता के लिए 15 जनवरी को इस्लामाबाद आना था लेकिन पाकिस्तान को इस यात्रा के बारे में अभी तक जानकारी नहीं दी गयी है आैर ऐसा अनुमान है कि भारत इस वार्ता को कुछ सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा भी कर सकता है। जियो चैनल ने अनुसार भारत में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल बासित ने हालांकि फिलहाल यह वार्ता स्थगित किए जाने से संबंधित किसी भी तरह की कोई जानकारी विदेश कार्यालय को नहीं दी है। द न्यूज ने सूत्रों के हवाले से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर पर संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए जा रहें हैं लेकिन इसमें भी वक्त लगेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह एवं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पठानकोट वायुसैनिक अड्डे पर आतंकवादी हमले के मद्देनजर आज यहां नार्थ ब्लॉक में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर आंतरिक सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की। हालांकि इस बैठक के निष्कर्ष के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गयी है, पर ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में पठानकोट हमले की जांच में पाकिस्तान के सहयोग की प्रगति पर चर्चा की गयी।

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