दिल्ली : सम-विषम प्रचलन योजना से लाभ होंगे - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 10 जनवरी 2016

दिल्ली : सम-विषम प्रचलन योजना से लाभ होंगे

liveaaryaavart dot com
दिल्ली में सम-विषम नम्बर के वाहनों के प्रचलन योजना से निष्चित रूप से जनता को कई लाभ हांेगे। इससे प्रदूषण तो कम होगा ही क्योंकि लाखों गाड़ियां प्रतिदिन सड़क पर कम हांेगी बल्कि इसके अतिरिक्त यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा तथा जाम से मुक्ति मिलेगी। डीजल व पैट्रोल की खपत कम होगी। पार्किंग स्थलों पर भीड़ कम होगी। सबके काम के समय में लाखों घंटे समय की बचत से बढ़ेंगे। कम समय में गन्तव्य पर पहुंचने से जाम के कारण होने वाली थकावट व क्षोभ कम होगा जिससे कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। 

मन प्रसन्न व स्वास्थय ठीक रहेगा उससे भी कार्यक्षमता बढेगी तथा हस्पतालों की ओपीडी घटेगी। धीरे धीरे कार पूलिंग की आदत बनेगी उससे समरसता व आपसी तालमेल बढेगा। इससे हर व्यक्ति को आर्थिक लाभ भी होगा। भारत विकास परिषद् के राष्ट्रीय मन्त्री पर्यावरण श्री रमेश गोयल ने कहा है कि व्यवस्था परिर्वतन से कुछ परेशानी होती ही हैं और दिल्लीवासियों से अपील की है कि परिस्थितियो कोे अनुकूल बनाने का प्रयास करें और जनहित में सम्भावित सुधार को अपना समर्थन दें। उन्होंने श्री अरविन्द केजरीवाल, मुख्य मन्त्री, देहली को पत्र लिखकर इस योजना को स्थाई करने का सुक्षाव दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं: