बिहार : दीघा मुसहरी में छोटी माता का प्रकोप - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 5 जनवरी 2016

बिहार : दीघा मुसहरी में छोटी माता का प्रकोप

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पटना। पटना सदर प्रखंड के दीघा मुसहरी में छोटी माता का प्रकोप जारी है। छोटी माता से दो ठीक हो गए। तो अभी दो जन चपेट में आ गए हैं। धीरज की बात है कि बच्चों को मिजल्स का टीका पड़ा हुआ है। इसके कारण छोटी माता खतरनाक रूप धारण नहीं कर रही है। आ जाती है और कुछ दिन ठहरने के बाद चली जाती है। दुख की बात है कि आज भी छोटी माता आने के बाद बच्चों को चिकित्सक के पास नहीं ले जाते हैं। महादलित मुसहर समुदाय के लोग माली/भगत के पास ले जाते हैं। माली ही झारफूंक कर छोटी माता की कहर को शांत करने में सफल हो जाता है। 

सबसे पहले छोटी माता का आगमन रूदल मांझी और जसमति देवी के घर में हुआ। छोटी माता की चपेट में रूदल और जसमति का पुत्र अभि आ गए। मां-बाप अभि को चैहट्टा में रहने वाले माली के पास ले गए। हाथ से झारने के बाद अभि तीन दिनों के अंदर ठीक हो गया। उसके बाद छोटी माता का प्रवेश क्रिया मांझी और शारदा देवी के घर में हुआ। क्रिया और शारदा की बेटी सुलेखा कुमारी छोटी माता की चपेट में आ गयी। वह भी दीघा पोस्ट आॅफिस के समीप चैहट्टा में रहने वाले माली के पास सुलेखा को ले गए। माली जी ने छोटी माता को झार दिया। छोटी माता सात दिन ठहर गयीं।फुलवतीया देवी और सुनील मांझी के पुत्र यश कुमार और मुकरतीया देवी और आनंदी की पुत्री सुमन कुमारी को छोटी माता हो गयी है। दोनों माली के पास ले जाने को सोच रहे हैं।

घर में छोटी माता के आगमन पर विशेष ध्यान देते हैंः घर में छोटी माता के आगमन होने पर भोजन को सादा ढंग से बनाया जाता है। तेल का प्रयोग नहीं किया जाता है। बाल में तेल लगाकर कंघी नहीं करते हैं। उसी तरह भोजन में तरका मारना बंद कर दिया जाता है। आने वाले और मांगने वालों को कुछ भी  किसी भी व्यक्ति को नहीं दिया जाता है। घर में अगरबती और हुमाद चलाया जाता है। 

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